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Kaushambi News: ठेकेदार पर कसा शिकंजा, दिन ढलने के बाद पीपा पुल से आवागमन पर रोक

Tue, 13 Feb 2024 04:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Tue, 13 Feb 2024 04:43 AM IST
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Tightened the screws on contractor, ban on traffic from Pipa bridge after sunset
नंदा का पुरवा में पीपे के पुल पर बिखरी पड़ी चकर्ड प्लेटे। संवाद
नंदा का पुरवा स्थित यमुना नदी पर बने पीपा पुल से गिरकर युवक की मौत के बाद जागे पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने ठेकेदार पर शिकंजा कस दिया है। ठेकेदार से जवाब-तलब करने के साथ ही चकर्ड प्लेटें दुरुस्त कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही दिन ढलने के बाद आवागमन पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
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सरायअकिल कोतवाली के नंदा का पुरवा गांव में यमुना नदी पर लोक निर्माण विभाग ने पीपे का पुल बनवाया है। यह पुल कौशाम्बी से प्रयागराज के लालापुर क्षेत्र को जोड़ता है। रविवार भोर यूसुफपुर निवासी महेंद्र कुमार (30) बाइक से यमुनापार जा रहे थे। इस दौरान पुल पर बिखरी चकर्ड प्लेट में फंसकर वह बाइक सहित यमुना नदी में गिर गए थे।
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स्थानीय मल्लाहों ने उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक महेंद्र की सांसें थम चुकी थीं। इस घटना को एक्सईएन पीडब्लूडी दयाशंकर ने संजीदगी से लिया है। उन्होंने कहा कि पुल निर्माण के लिए सामग्री विभाग देता है, लेकिन निर्माण ठेकेदार कराता है। ठेकेदार से जवाब-तलब किया गया है। मौके पर जेई को भेजकर मरम्मत का काम भी कराया जाएगा। हादसे न हों, इसके लिए दिन ढलने के बाद पीपी पुल पर आवागमन रोका गया है।
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फट जाते हैं वाहनों के टायर
नेवादा। यमुना नदी में पीपा का पुल बनवाया जाता है। बारिश के दिनों में पुल को उखाड़कर स्टीमर संचालन कर यात्रियों को नदी पार कराई जाती है। पुल से दिनभर में हजारों लोगों का आना-जाना होता है। नदी की रेत में वाहनों के सुगम आवागमन के लिए बिछाई गई लोहे की चकर्ड प्लेटें आड़ी-तिरछी पड़ी हैं। अक्सर लोग फिसलन होने की वजह से बाइक से गिरकर जख्मी भी हो जाते हैंं। पुल के ऊपर बैरीकेडिंग के लिए रेलिंग पोस्ट पर लगने वाले वायर कहीं-कहीं ढीले हैं। तिल्हापुर गांव के सोनू मिश्रा,मनोज, मंटू दुबे ने बताया कि टेढ़ी चकर्ड प्लेट में फंसकर उनके चार पहिया वाहन के टायर फट चुके हैं। सुरसेनी के राजू मिश्रा, जैतपुर पूरेहजारी गांव के राजकुमार बाजपेयी, जितेंद्र कुमार, तिल्हापुर के आदित्य, दिनेश आदि का कहना है कि लोक निर्माण विभाग की अनदेखी के कारण आए दिन यहां हादसे हो रहे हैं।


सूर्यास्त के बाद भी चालू रहता है पुल
नेवादा। पुल के मुख्य प्रवेश द्वार पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक पुल संचालन के लिए बोर्ड लगवाया गया है, लेकिन सूर्यास्त के बाद भी पुल पर आवागमन बंद नहीं होता। 24 घंटे पुल पर से यात्रियों और वाहनों का आना-जाना रहता है। एक्सईएन ने रात में आवागमन पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।
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