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Kaushambi News: गाली-गलौज करने के तीन आरोपियों को अर्थदंड की सजा
Wed, 04 Sep 2024 06:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Wed, 04 Sep 2024 06:38 AM IST
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सीजेजेडी/एफटीसी प्रथम की अदालत ने मंगलवार को गाली-गलौज करने तीन अलग-अलग आरोपियों को अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। करारी कोतवाली पुलिस ने वर्ष 1997 में कस्बा निवासी मो. खान व मुमताज के खिलाफ पड़ोसी के साथ गाली-गलौज करने का मुकदमा दर्ज किया था।
27 साल बाद भी पुलिस आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में कोई साक्ष्य नहीं प्रस्तुत कर सकी। इससे परेशान आरोपियों ने कोर्ट में जुर्म कुबूल करते हुए सजा सुनाने की अर्जी दी। इस पर कोर्ट ने मंगलवार को दोनों आरोपियों को सात-सात सौ रुपये के अर्थदंड से दंडित करने की सजा सुना दी।
इसी तरह वर्ष 1999 में करारी पुलिस ने ही अवाना आलमपुर निवासी मैहरवा के खिलाफ भी गाली-गलौज करने का मुकदमा दर्ज किया था। कोर्ट ने उसे भी आठ सौ रुपये से दंडित किया है। देर शाम आरोपियों ने कोर्ट द्वारा आदेशित रकम जमा करा दी है। संवाद
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तमंचा रखने के दोषी को 28 वर्ष बाद अर्थदंड की सजा
सीजेजेडी/एफटीसी प्रथम की अदालत ने मंगलवार को तमंचा कारतूस रखने के दोषी को एक हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। पूरामुफ्ती कोतवाली पुलिस ने वर्ष 1996 में स्थानीय बाजार निवासी रामभवन सिंह के खिलाफ अवैध तमंचा रखने का मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस द्वारा 28 साल से साक्ष्य नहीं प्रस्तुत करने से परेशान आरोपी ने कोर्ट में जुर्म कुबूल कर सजा सुनाने की अपील की। इस पर मंगलवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया। संवाद
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27 साल बाद भी पुलिस आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में कोई साक्ष्य नहीं प्रस्तुत कर सकी। इससे परेशान आरोपियों ने कोर्ट में जुर्म कुबूल करते हुए सजा सुनाने की अर्जी दी। इस पर कोर्ट ने मंगलवार को दोनों आरोपियों को सात-सात सौ रुपये के अर्थदंड से दंडित करने की सजा सुना दी।
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इसी तरह वर्ष 1999 में करारी पुलिस ने ही अवाना आलमपुर निवासी मैहरवा के खिलाफ भी गाली-गलौज करने का मुकदमा दर्ज किया था। कोर्ट ने उसे भी आठ सौ रुपये से दंडित किया है। देर शाम आरोपियों ने कोर्ट द्वारा आदेशित रकम जमा करा दी है। संवाद
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तमंचा रखने के दोषी को 28 वर्ष बाद अर्थदंड की सजा
सीजेजेडी/एफटीसी प्रथम की अदालत ने मंगलवार को तमंचा कारतूस रखने के दोषी को एक हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। पूरामुफ्ती कोतवाली पुलिस ने वर्ष 1996 में स्थानीय बाजार निवासी रामभवन सिंह के खिलाफ अवैध तमंचा रखने का मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस द्वारा 28 साल से साक्ष्य नहीं प्रस्तुत करने से परेशान आरोपी ने कोर्ट में जुर्म कुबूल कर सजा सुनाने की अपील की। इस पर मंगलवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया। संवाद