फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   There was a tussle for DAP, police had to be called

Kaushambi News: डीएपी के लिए मची खींचतान, बुलानी पड़ी पुलिस

Fri, 15 Nov 2024 03:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Fri, 15 Nov 2024 03:59 AM IST
विज्ञापन
There was a tussle for DAP, police had to be called
पइंसा ​स्थित साधन सहकारी समिति में खाद के लिए लाइन में खड़े किसान। संवाद
सिराथू ब्लॉक क्षेत्र की साधन सहकारी समिति मोहम्मदपुर पइंसा में बृहस्पतिवार को डीएपी लेने के लिए किसानों का हुजूम उमड़ पड़ा। खाद खत्म न हो जाए, इस आशंका से किसान खींचतान और धक्कामुक्की करने लगे। हालत बिगड़ते देख पुलिस बुलाई गई। तब डीएपी का वितरण किया जा सका। इसके बाद भी तमाम किसानों को डीएपी नहीं मिली।
विज्ञापन

साधन सहकारी समिति में 200 बोरी डीएपी और 60 बोरी एपीएस आई थी। कई दिनों से डीएपी के लिए परेशान किसानों को पता चला तो सैकड़ों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई जल्दी से जल्दी डीएपी लेना चाह रहा था। स्थिति यह बनी कि लोगों के बीच धक्कामुक्की तक होने लगी।
विज्ञापन

अव्यवस्था इस कदर हावी हो गई कि टोकन और डीएपी का वितरण मुश्किल हो गया। परेशान किसान समिति के कर्मचारियों पर चहेतों और सिफारिश वालों को पहले डीएपी देने का आरोप लगाने लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

नन्हा पाल, बच्चा पाल, राजपाल सरोज, अखिलेश कुमार, अवधेश, उमेश कुमार, बबलू, राधेश्याम साहू आदि ने मनमानी का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
किसानों का कहना था कि जो लोग घंटों से भीड़ में धक्के खा रहे हैं, उन्हें इंतजार कराया जा रहा है। जबकि, सिफारिश वाले और परिचितों को पहले डीएपी दी जा रही है। आखिर में कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। मौक पर आई पुलिस ने किसानों को समझाबुझा कर शांत कराया।
इसके बाद कतार में सभी को लाइन में खड़ा कराकर टोकन व डीएपी का वितरण कराया। शाम चार बजे तक वितरण हुआ। इसी बीच अचानक समिति की ईपॉस मशीन में खराबी आ गई। इसके कारण खाद का वितरण रोकना पड़ा।
पइंसा के उमेश कुमार सरोज, कुर्बान अली शाह समेत तमाम किसान बिना डीएपी के लिए लौट गए। किसानों ने कहा कि डीएपी की जरूरत है। आलू और गेहूं दोनों की बोआई पिछड़ रही है। अधिकारी सिर्फ कागजों पर डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता दिखा रहे हैं।

------
डीएपी का वितरण नियमों और उच्चाधिकारियों के आदेशों के अनुरूप किया जा रहा था। जल्दीबाजी के चक्कर में किसान हंगामा करने लगे। किसानों ने जो आरोप लगाए हैं, वह पूरी तरह से निराधार हैं। निष्पक्षता के साथ वितरण हुआ है।
हारुन, सचिव, साधन सहकारी समिति, पइंसा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article