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Kaushambi News: गर्मी का सितम... पारा चढ़ते ही बढ़े उल्टी और दस्त के मरीज
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पारा चढ़ने के साथ ही डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ गई है। मंझनपुर पीएचसी में 24 घंटे के भीतर बुखार व उल्टी-दस्त के पांच मरीज भर्ती किए गए। इन दिनों एक तिहाई मरीज डिहाइड्रेशन के आ रहे हैं।
मंझनपुर पीएचसी में बुधवार को 50 मरीजों ने इलाज कराया। जिसमें 22 मरीज उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित थे। पीएचसी प्रभारी डॉ. नीरज कुमार ने बताया कि तापमान बढ़ने से लोग गर्मी की चपेट में आकर बीमार हो रहे हैं। बच्चों में बुखार, एलर्जी, गले में दर्द होने पर डॉक्टर से संपर्क करें। ठंडे पेय पदार्थों का सेवन नुकसान पहुंचा रहा है।
बारातफारीक निवासी दशरथ लाल ने बताया कि मंगलवार दोपहर अचानक उल्टी-दस्त और पेट में दर्द होने के साथ ही चक्कर आने लगा। परिजन एंबुलेंस से उन्हें पीएचसी ले आए, यहां डॉक्टर ने उन्हें भर्ती कर लिया। इसी तरह बंबुरा की संगीता, कादीपुर के कन्हई लाल और सानिया, आजाद नगर की मंतशा और युसुफपुर की रूपा देवी भी इलाज कराने पहुंचीं।
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पीएचसी और सीएचसी में आए पीड़ितों की संख्या
- टेंवा पीएचसी में इलाज कराने आए 30 मरीजों में करीब 14 मरीज डिहाइड्रेशन के शिकार मिले। करारी सीएचसी में 70 मरीजों में उल्टी-दस्त और बुखार के 20 से अधिक मरीजों ने इलाज कराया। साथ ही पीएचसी में 27 मरीजों में 10 से 12 मरीज गर्मी से परेशान मिले, पीएचसी बैशकांटी में दिनभर में 12 आए, जिसमें ज्यादातर कमजोरी और पेट दर्द के मरीज रहे।
अर्बन पीएचसी मंझनपुर में 40 मरीजों में 10 से अधिक डिहाइड्रेशन और सिर दर्द से परेशान मिले। इसी प्रकार सरसवां पीएचसी में 140 मरीज तो सीएचसी में 52 में से 40 उल्टी दस्त, बुखार, डिहाइड्रेशन के मरीज रहे। इस दौरान पीएचसी के डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल के सारे वार्डों में पंखे, कूलर और गेट पर पानी के साथ ओआरएस के इंतजाम पूरे हैं। मरीजों का इलाज करने के साथ ही उन्हें इससे बचने के सुझाव भी बताए जाते हैं।
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अस्पताल में नहीं है पानी का इंतजाम
- सेलरहा पश्चिम स्थित पीएचसी में तीन साल से हैंडपंप खराब है, ऐसे में इलाज कराने आए मरीजों को पानी के लिए भटकना पड़ता है। मां का इलाज कराने आए लवलेश ने बताया कि प्यास लगी तो बाहर से पानी खरीदना पड़ा। गांव के सफीकुल ने बताया कि गर्मी में हर जगह पेयजल की व्यवस्था हो रही है, लेकिन यहां का हैंडपंप ही खराब है। डॉ. पूनम प्रजापति ने बताया कि हैंडपंप की मरम्मत के लिए ग्राम प्रधान व विभागीय अफसरों को जानकारी दी गई है। जल्द ही हैंडपंप की मरम्मत करा दी जाएगी।
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मंझनपुर पीएचसी में बुधवार को 50 मरीजों ने इलाज कराया। जिसमें 22 मरीज उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित थे। पीएचसी प्रभारी डॉ. नीरज कुमार ने बताया कि तापमान बढ़ने से लोग गर्मी की चपेट में आकर बीमार हो रहे हैं। बच्चों में बुखार, एलर्जी, गले में दर्द होने पर डॉक्टर से संपर्क करें। ठंडे पेय पदार्थों का सेवन नुकसान पहुंचा रहा है।
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बारातफारीक निवासी दशरथ लाल ने बताया कि मंगलवार दोपहर अचानक उल्टी-दस्त और पेट में दर्द होने के साथ ही चक्कर आने लगा। परिजन एंबुलेंस से उन्हें पीएचसी ले आए, यहां डॉक्टर ने उन्हें भर्ती कर लिया। इसी तरह बंबुरा की संगीता, कादीपुर के कन्हई लाल और सानिया, आजाद नगर की मंतशा और युसुफपुर की रूपा देवी भी इलाज कराने पहुंचीं।
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पीएचसी और सीएचसी में आए पीड़ितों की संख्या
- टेंवा पीएचसी में इलाज कराने आए 30 मरीजों में करीब 14 मरीज डिहाइड्रेशन के शिकार मिले। करारी सीएचसी में 70 मरीजों में उल्टी-दस्त और बुखार के 20 से अधिक मरीजों ने इलाज कराया। साथ ही पीएचसी में 27 मरीजों में 10 से 12 मरीज गर्मी से परेशान मिले, पीएचसी बैशकांटी में दिनभर में 12 आए, जिसमें ज्यादातर कमजोरी और पेट दर्द के मरीज रहे।
अर्बन पीएचसी मंझनपुर में 40 मरीजों में 10 से अधिक डिहाइड्रेशन और सिर दर्द से परेशान मिले। इसी प्रकार सरसवां पीएचसी में 140 मरीज तो सीएचसी में 52 में से 40 उल्टी दस्त, बुखार, डिहाइड्रेशन के मरीज रहे। इस दौरान पीएचसी के डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल के सारे वार्डों में पंखे, कूलर और गेट पर पानी के साथ ओआरएस के इंतजाम पूरे हैं। मरीजों का इलाज करने के साथ ही उन्हें इससे बचने के सुझाव भी बताए जाते हैं।
अस्पताल में नहीं है पानी का इंतजाम
- सेलरहा पश्चिम स्थित पीएचसी में तीन साल से हैंडपंप खराब है, ऐसे में इलाज कराने आए मरीजों को पानी के लिए भटकना पड़ता है। मां का इलाज कराने आए लवलेश ने बताया कि प्यास लगी तो बाहर से पानी खरीदना पड़ा। गांव के सफीकुल ने बताया कि गर्मी में हर जगह पेयजल की व्यवस्था हो रही है, लेकिन यहां का हैंडपंप ही खराब है। डॉ. पूनम प्रजापति ने बताया कि हैंडपंप की मरम्मत के लिए ग्राम प्रधान व विभागीय अफसरों को जानकारी दी गई है। जल्द ही हैंडपंप की मरम्मत करा दी जाएगी।