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Kaushambi News: अब नहीं रहेगी कोख सूनी, घर के आंगन में गूंजेगी किलकारी
Wed, 26 Nov 2025 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Wed, 26 Nov 2025 12:43 AM IST
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स्वास्थ्य समस्याओं के कारण महिलाओं की कोख सूनी नहीं रहेगी। अब दोआबा में घर के आंगन में बच्चों की किलकारी गूंजेंगी। मंझनपुर के कोर्रो रोड पर राजकीय दत्तक ग्रहण इकाई की स्थापना की गई है। माना जा रहा है कि यह इकाई कई दंपतियों के लिए वरदान साबित होगी।
दोआबा में अभी तक राजकीय दत्तक ग्रहण इकाई की स्थापना नहीं हुई थी। जबकि, यहां भी तमाम दंपती नि:संतान होने का दंश झेल रहे हैं। इन दंपतियों को अभी तक अधिकृत तरीके से संतान हासिल करने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
महिला कल्याण विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन तो कर देते थे लेकिन जिले में राजकीय दत्तक ग्रहण इकाई न होने पर अभिलेखों आदि का सत्यापन नहीं हो पाता था। इससे संतान मिल पाना मुश्किल होता था। अब इकाई की स्थापना के बाद सत्यापन आसानी से हो जाएगा।
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सत्यापन होते ही समूचे प्रदेश की सूची में नाम दर्ज हो जाएगा। फिर नंबर आते ही विभाग ईमेल या फोन पर बता देगा कि संतान कब और कहां से जाकर प्राप्त करना है।
महिला कल्याण विभाग के संरक्षण अधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि अब तक जिले के दो लोगों ने आवेदन किया है। इनके अभिलेखों का सत्यापन कराने की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है।
न ताकने पड़ेंगे नवजात, न करनी होगी मिन्नत
नि: संतान दंपती अभी तक संतान प्राप्त करने के लिए उम्मीद लगाए रहते थे कि कहीं कोई नवजात लावारिस हालत में मिल जाए। ऐसे नवजातों को पुलिस लिखापढ़ी कराकर किसी को भी दे देती थी। हालांकि, यह नियम विरुद्ध था।
नियमानुसार नवजात को बाल कल्याण समिति शिशु गृह भेजे, फिर ऑनलाइन आवेदन के बाद ही उसे अधिकृत तरीके से लिया जाना होता है। कई बार दंपती संतान के लिए अपने रिश्तेदारों की भी मिन्नत करते थे। अब यह सबकुछ करने से छुट्टी मिलेगी।
विभाग की वेबसाइट पर ऐसे करें आवेदन
महिला कल्याण विभाग के संरक्षण अधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि cara.wcd.gov.in वेबसाइट पर जाना होगा। साइट खुलते ही संतान प्राप्ति का आवेदन करने के लिए अभिलेख मांगे जाएंगे। कई कॉलम दर्शाएं जाएंगे। सभी कॉलम अभिलेखीय जानकारी के साथ भरने होंगे। इसके बाद सत्यापन और फिर नंबर आते ही संतान मिल जाएगा।
शासन ने जिले में राजकीय दत्तक ग्रहण इकाई की स्थापना के निर्देश दिए हैं। हालांकि, स्टॉफ अभी पूरा नहीं है। फिर भी सत्यापन आदि का काम प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। इसका सीधा लाभ उन लोगों को मिलेगा, जिनको बच्चे की चाहत है।- नीरज कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी
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दोआबा में अभी तक राजकीय दत्तक ग्रहण इकाई की स्थापना नहीं हुई थी। जबकि, यहां भी तमाम दंपती नि:संतान होने का दंश झेल रहे हैं। इन दंपतियों को अभी तक अधिकृत तरीके से संतान हासिल करने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
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महिला कल्याण विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन तो कर देते थे लेकिन जिले में राजकीय दत्तक ग्रहण इकाई न होने पर अभिलेखों आदि का सत्यापन नहीं हो पाता था। इससे संतान मिल पाना मुश्किल होता था। अब इकाई की स्थापना के बाद सत्यापन आसानी से हो जाएगा।
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सत्यापन होते ही समूचे प्रदेश की सूची में नाम दर्ज हो जाएगा। फिर नंबर आते ही विभाग ईमेल या फोन पर बता देगा कि संतान कब और कहां से जाकर प्राप्त करना है।
महिला कल्याण विभाग के संरक्षण अधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि अब तक जिले के दो लोगों ने आवेदन किया है। इनके अभिलेखों का सत्यापन कराने की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है।
न ताकने पड़ेंगे नवजात, न करनी होगी मिन्नत
नि: संतान दंपती अभी तक संतान प्राप्त करने के लिए उम्मीद लगाए रहते थे कि कहीं कोई नवजात लावारिस हालत में मिल जाए। ऐसे नवजातों को पुलिस लिखापढ़ी कराकर किसी को भी दे देती थी। हालांकि, यह नियम विरुद्ध था।
नियमानुसार नवजात को बाल कल्याण समिति शिशु गृह भेजे, फिर ऑनलाइन आवेदन के बाद ही उसे अधिकृत तरीके से लिया जाना होता है। कई बार दंपती संतान के लिए अपने रिश्तेदारों की भी मिन्नत करते थे। अब यह सबकुछ करने से छुट्टी मिलेगी।
विभाग की वेबसाइट पर ऐसे करें आवेदन
महिला कल्याण विभाग के संरक्षण अधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि cara.wcd.gov.in वेबसाइट पर जाना होगा। साइट खुलते ही संतान प्राप्ति का आवेदन करने के लिए अभिलेख मांगे जाएंगे। कई कॉलम दर्शाएं जाएंगे। सभी कॉलम अभिलेखीय जानकारी के साथ भरने होंगे। इसके बाद सत्यापन और फिर नंबर आते ही संतान मिल जाएगा।
शासन ने जिले में राजकीय दत्तक ग्रहण इकाई की स्थापना के निर्देश दिए हैं। हालांकि, स्टॉफ अभी पूरा नहीं है। फिर भी सत्यापन आदि का काम प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। इसका सीधा लाभ उन लोगों को मिलेगा, जिनको बच्चे की चाहत है।- नीरज कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी