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जिले में रही अभूतपूर्व बंदी
ब्यूरो/ अमर उजाला, कौशाम्बी
Updated Fri, 12 Dec 2014 12:21 AM IST
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मंझनपुर। व्यापारी नेता बनवारी लाल कंछल के हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए बृहस्पतिवार को कौशाम्बी के बाजारों में अभूतपूर्व बंदी रही। जिला मुख्यालय मंझनपुर समेत जिले की सभी छोटी-बड़ी दुकानें सुबह से ही नहीं खोली गई। बंदी के साथ व्यापारियों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन भी किया।
डायट मैदान में सभा करके भी व्यापारी प्रदेश सरकार पर गरजे। मुख्यमंत्री को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया। इसमें कंछल के हमलावर वकीलों की गिरफ्तारी और उनका रजिस्ट्रेशन रद्द करने की मांग की गई है। जल्द मांगें पूरी नहीं होने पर व्यापारी ने प्रदेशभर में इससे भी बड़ा आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी।
बता दें कि उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद पर पाच दिसंबर को लखनऊ कचहरी में जानलेवा हमला किया गया था। हमलावर वकीलों की गिरफ्तारी नहीं किए जाने से प्रदेशभर के व्यापारियों में जबरदस्त गुस्सा है।
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गिरफ्तारी की मांग को लेकर बृहस्पतिवार की पूर्व घोषणा के तहत कौशाम्बी के मंझनपुर, सिराथू, चायल, सरायअकिल, भरवारी, करारी, अजुहा, मनौरी, पुरामुफ्ती, मूरतगंज, सैनी, चरवा, तिल्हापुर, शमसाबाद, कड़ा, देवीगंज, पश्चिमशरीरा, कुम्हियावा, चंपहा, बैरमपुर, बैरागीपुर, महेवा, टेंवा, पिंडरा, बेनीराम कटरा, इमामगंज, हर्रायपुर, अलीपुर जीता, उदहिन, पइंसा, अफजलपुर वारी, नारा, कनैली, बारा, बिजिया, गढ़ी, भगवतपुर, गुवारा, बेरूआ, सैयद सरावां, काजीपुर, सल्लाहपुर समेत सभी छोटी-बड़ी बाजारें बंद रही। दुकान बंद करके मंझनपुर समेत सभी बाजारों के व्यापारियों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन भी किया। बाजारों में घूमने के बाद डायट मैदान में व्यापारियों ने सभा भी की।
इस दौरान व्यापारी नेताओं ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। गिरफ्तारी में देरी के लिए गुस्सा जताया। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन डीएम को दिया। इसमें हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी, आरोपियों के खिलाफ रासुका लगाने, हमलावर वकीलों का रजिस्ट्रेशन समाप्त किए जाने और कंछल को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
प्रांतीय अध्यक्ष पर हुए हमले से व्यापारी ही नहीं छोटे-छोटे दुकानदारों में भी गुस्सा है। उनके आक्रोश की ही बानगी रही कि जब प्रदेश और जिले के व्यापारी नेताओं ने हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं होने पर बंदी का ऐलान किया, तो बृहस्पतिवार को मंझनपुर समेत जिले की सभी बाजारों की ज्यादातर दुकानें सुबह खोली ही नहीं गई। इक्का-दुक्का जिन दुकानदारों ने दुकानें खोली भी थी, वे भी जब व्यापारी नेता बाजार में घूमे, तो शटर गिराकर हुंकार भरते हुए उनके साथ चले पड़े थे।
व्यापारी नेता कंछल के हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं होने पर बृहस्पतिवार को कौशाम्बी की सभी बाजारें बंद रही। बंदी इतनी जोरदार रही कि मंझनपुर में तो अपराह्न दो बजे तक लोग चाय, पान, गुटखा के लिए भी तरसते रहे।
व्यापारी नेता बनवारी लाल कंछल के हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को बाजार बंदी का कौशाम्बी में ड्रग्स एसोसिएशन ने भी समर्थन किया था। इसके कारण दोपहर दो बजे तक दवा की दुकानें भी बंद रहीं। मेडिकल स्टोरों में ताला लटकने से मरीज और उनके तीमारदार दवा के लिए भटकते रहे। मंझनपुर के दवा दुकानदार सुरेश अग्रहरि और सिकोटीलाल ने बताया कि व्यापारी नेता कंछल को जिस बेरहमी से सरेआम पीटा गया था। उस घृणित कार्य की जितनी निंदा की जाए, कम है।
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डायट मैदान में सभा करके भी व्यापारी प्रदेश सरकार पर गरजे। मुख्यमंत्री को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया। इसमें कंछल के हमलावर वकीलों की गिरफ्तारी और उनका रजिस्ट्रेशन रद्द करने की मांग की गई है। जल्द मांगें पूरी नहीं होने पर व्यापारी ने प्रदेशभर में इससे भी बड़ा आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी।
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बता दें कि उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद पर पाच दिसंबर को लखनऊ कचहरी में जानलेवा हमला किया गया था। हमलावर वकीलों की गिरफ्तारी नहीं किए जाने से प्रदेशभर के व्यापारियों में जबरदस्त गुस्सा है।
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गिरफ्तारी की मांग को लेकर बृहस्पतिवार की पूर्व घोषणा के तहत कौशाम्बी के मंझनपुर, सिराथू, चायल, सरायअकिल, भरवारी, करारी, अजुहा, मनौरी, पुरामुफ्ती, मूरतगंज, सैनी, चरवा, तिल्हापुर, शमसाबाद, कड़ा, देवीगंज, पश्चिमशरीरा, कुम्हियावा, चंपहा, बैरमपुर, बैरागीपुर, महेवा, टेंवा, पिंडरा, बेनीराम कटरा, इमामगंज, हर्रायपुर, अलीपुर जीता, उदहिन, पइंसा, अफजलपुर वारी, नारा, कनैली, बारा, बिजिया, गढ़ी, भगवतपुर, गुवारा, बेरूआ, सैयद सरावां, काजीपुर, सल्लाहपुर समेत सभी छोटी-बड़ी बाजारें बंद रही। दुकान बंद करके मंझनपुर समेत सभी बाजारों के व्यापारियों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन भी किया। बाजारों में घूमने के बाद डायट मैदान में व्यापारियों ने सभा भी की।
इस दौरान व्यापारी नेताओं ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। गिरफ्तारी में देरी के लिए गुस्सा जताया। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन डीएम को दिया। इसमें हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी, आरोपियों के खिलाफ रासुका लगाने, हमलावर वकीलों का रजिस्ट्रेशन समाप्त किए जाने और कंछल को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
प्रांतीय अध्यक्ष पर हुए हमले से व्यापारी ही नहीं छोटे-छोटे दुकानदारों में भी गुस्सा है। उनके आक्रोश की ही बानगी रही कि जब प्रदेश और जिले के व्यापारी नेताओं ने हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं होने पर बंदी का ऐलान किया, तो बृहस्पतिवार को मंझनपुर समेत जिले की सभी बाजारों की ज्यादातर दुकानें सुबह खोली ही नहीं गई। इक्का-दुक्का जिन दुकानदारों ने दुकानें खोली भी थी, वे भी जब व्यापारी नेता बाजार में घूमे, तो शटर गिराकर हुंकार भरते हुए उनके साथ चले पड़े थे।
व्यापारी नेता कंछल के हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं होने पर बृहस्पतिवार को कौशाम्बी की सभी बाजारें बंद रही। बंदी इतनी जोरदार रही कि मंझनपुर में तो अपराह्न दो बजे तक लोग चाय, पान, गुटखा के लिए भी तरसते रहे।
व्यापारी नेता बनवारी लाल कंछल के हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को बाजार बंदी का कौशाम्बी में ड्रग्स एसोसिएशन ने भी समर्थन किया था। इसके कारण दोपहर दो बजे तक दवा की दुकानें भी बंद रहीं। मेडिकल स्टोरों में ताला लटकने से मरीज और उनके तीमारदार दवा के लिए भटकते रहे। मंझनपुर के दवा दुकानदार सुरेश अग्रहरि और सिकोटीलाल ने बताया कि व्यापारी नेता कंछल को जिस बेरहमी से सरेआम पीटा गया था। उस घृणित कार्य की जितनी निंदा की जाए, कम है।