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Kaushambi News: पांच क्विंटल फूलों से सजेगा शीतला माता का मंदिर
Sat, 10 Oct 2026 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sat, 10 Oct 2026 01:27 AM IST
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कड़ाधाम मां शीतला देवी की मूर्ति। संवाद
शारदीय नवरात्र में मां शीतला धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मंदिर को वाराणसी और प्रयागराज से मंगाए जाने वाले करीब पांच क्विंटल गेंदे, चमेली सहित विभिन्न प्रकार के फूलों से सजाया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए सात स्थानों पर पार्किंग बनाई गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर ट्रैक्टर, पिकअप और छोटा हाथी जैसे मालवाहक वाहनों से आने से बचने की अपील की गई है।
मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष आत्म प्रकाश पंडा ने बताया कि नगर पंचायत की ओर से मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, प्रकाश और पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। पानी के टैंकर लगाए जाएंगे। नालियों में दवा का छिड़काव करने के साथ गलियों में फॉगिंग कराई जाएगी। स्टैंडों के आसपास मोबाइल शौचालय भी लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग की टीमें मेले के दौरान तैनात रहेंगी।
गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्लेटिनम बैरियर पर पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहेंगे। ऑडियो-विजुअल माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं से गहरे पानी में स्नान नहीं करने और किनारे पर ही सुरक्षित स्नान करने की अपील प्रसारित की जाएगी।
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महाअष्टमी पर विशेष शृंगार और 56 भोग
अध्यक्ष ने बताया कि नवरात्र में मंदिर को फूलों और पत्तियों से सजाया जाएगा। महाअष्टमी पर विशेष शृंगार पूजा होगी। माता रानी को गुड़हल, कमल, चमेली, गेंदा और गुलदाउदी सहित आठ से नौ प्रकार के फूल अर्पित किए जाएंगे। यह फूल मुख्य रूप से वाराणसी और प्रयागराज से मंगाए जाएंगे। अष्टमी पर माता को 56 भोग लगाया जाएगा। इसमें प्रयागराज से आने वाली देसी घी की मिठाइयां भी शामिल होंगी। पूजा-पद्धति और परंपराओं में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है।
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सात स्थानों पर पार्किंग, तीन निकास द्वार
आत्मा राम पंडा ने बताया कि हनुमान बैरियर और बाईपास मार्ग सहित सात स्थानों पर पार्किंग स्थल चिह्नित किए गए हैं। प्रमुख स्थानों पर पुलिस चेकपॉइंट बनाए जाएंगे। मंदिर में प्रवेश के लिए दो और निकास के लिए तीन गेट निर्धारित किए गए हैं। श्रद्धालुओं से ट्रैक्टर, पिकअप और छोटा हाथी जैसे मालवाहक वाहनों से आने से बचने की अपील की गई है, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका कम हो और आवागमन सुचारु बना रहे।
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मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष आत्म प्रकाश पंडा ने बताया कि नगर पंचायत की ओर से मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, प्रकाश और पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। पानी के टैंकर लगाए जाएंगे। नालियों में दवा का छिड़काव करने के साथ गलियों में फॉगिंग कराई जाएगी। स्टैंडों के आसपास मोबाइल शौचालय भी लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग की टीमें मेले के दौरान तैनात रहेंगी।
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गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्लेटिनम बैरियर पर पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहेंगे। ऑडियो-विजुअल माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं से गहरे पानी में स्नान नहीं करने और किनारे पर ही सुरक्षित स्नान करने की अपील प्रसारित की जाएगी।
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महाअष्टमी पर विशेष शृंगार और 56 भोग
अध्यक्ष ने बताया कि नवरात्र में मंदिर को फूलों और पत्तियों से सजाया जाएगा। महाअष्टमी पर विशेष शृंगार पूजा होगी। माता रानी को गुड़हल, कमल, चमेली, गेंदा और गुलदाउदी सहित आठ से नौ प्रकार के फूल अर्पित किए जाएंगे। यह फूल मुख्य रूप से वाराणसी और प्रयागराज से मंगाए जाएंगे। अष्टमी पर माता को 56 भोग लगाया जाएगा। इसमें प्रयागराज से आने वाली देसी घी की मिठाइयां भी शामिल होंगी। पूजा-पद्धति और परंपराओं में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है।
सात स्थानों पर पार्किंग, तीन निकास द्वार
आत्मा राम पंडा ने बताया कि हनुमान बैरियर और बाईपास मार्ग सहित सात स्थानों पर पार्किंग स्थल चिह्नित किए गए हैं। प्रमुख स्थानों पर पुलिस चेकपॉइंट बनाए जाएंगे। मंदिर में प्रवेश के लिए दो और निकास के लिए तीन गेट निर्धारित किए गए हैं। श्रद्धालुओं से ट्रैक्टर, पिकअप और छोटा हाथी जैसे मालवाहक वाहनों से आने से बचने की अपील की गई है, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका कम हो और आवागमन सुचारु बना रहे।

कड़ाधाम मां शीतला देवी की मूर्ति। संवाद