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कड़ा ब्लाक में हुए करोड़ों के घोटाले की जांच शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, कौशाम्बी
Updated Sat, 28 Feb 2015 11:05 PM IST
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विकास खंड कड़ा में करीब दशक भर पहले विकास के नाम पर हुए करोड़ाें रुपये के घोटाले का जिन्न एक बार फिर से बाहर आ गया है। लोकायुक्त की जांच के बाद अब सर्तकता एवं अधिष्ठान विभाग की टीम ने भी पुराने रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया है। टीम के सदस्यों ने कड़ा आकर पुराने रिकार्ड के साथ ही बैंक से भुगतान का भी ब्यौरा जुटाया है। इससे पूर्व ब्लाक प्रमुख ज्ञानती देवी और तत्कालीन अवर अभियंता प्रदीप श्रीवास्तव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
बता दें कि दारानगर निवासी योगेंद्र मिश्र ने लोकायुक्त को एक शिकायती पत्र भेजा था। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि वर्ष 2005-06 के दौरान कड़ा ब्लाक में विकास के नाम पर फर्जीवाडा करके करोड़ाें रुपये का घोटाला किया गया है। शिकायती पत्र में अकबरपुर-अशरदपुर सम्पर्क मार्ग निर्माण के नाम पर कागजों में खेल करके मोटी रकम का बंदरबांट किए जाने और गनपा गांव में गौरा तालाब खुदाई के नाम पर भी मोटी रकम के गोलमाल का आरोप लगाया गया है। इस मामले की जांच लोकायुक्त स्तर से हुई थी। इसमें शिकायतें सही मिलने पर कार्रवाई करने के लिए सर्तकता एवं अधिष्ठान विभाग को अधिकृत किया गया है। शनिवार को विजिलेंस इंसपेक्टर ध्रुव सिंह पुराने रिकार्ड खंगालने के लिए कड़ा आए। उन्होंने बीओबी दारानगर से भुगतान संबंधी शाखा प्रबंधक से जानकारी भी जुटाई। साथ ही सैनी कोतवाली आकर अगिभनकांड से संबंधित दस्तवेज भी देखे। इसके पूर्व उन्होंने दारानगर व आसपास के तमाम अन्य लोगों से भी मुलाकात करके इस मामले में पूछताछ की। इधर, जांच शुरू होते ही चर्चा है कि इससे पूर्व ब्लाक प्रमुख ज्ञानती देवी और तत्कालीन अपर अभियंता प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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बता दें कि दारानगर निवासी योगेंद्र मिश्र ने लोकायुक्त को एक शिकायती पत्र भेजा था। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि वर्ष 2005-06 के दौरान कड़ा ब्लाक में विकास के नाम पर फर्जीवाडा करके करोड़ाें रुपये का घोटाला किया गया है। शिकायती पत्र में अकबरपुर-अशरदपुर सम्पर्क मार्ग निर्माण के नाम पर कागजों में खेल करके मोटी रकम का बंदरबांट किए जाने और गनपा गांव में गौरा तालाब खुदाई के नाम पर भी मोटी रकम के गोलमाल का आरोप लगाया गया है। इस मामले की जांच लोकायुक्त स्तर से हुई थी। इसमें शिकायतें सही मिलने पर कार्रवाई करने के लिए सर्तकता एवं अधिष्ठान विभाग को अधिकृत किया गया है। शनिवार को विजिलेंस इंसपेक्टर ध्रुव सिंह पुराने रिकार्ड खंगालने के लिए कड़ा आए। उन्होंने बीओबी दारानगर से भुगतान संबंधी शाखा प्रबंधक से जानकारी भी जुटाई। साथ ही सैनी कोतवाली आकर अगिभनकांड से संबंधित दस्तवेज भी देखे। इसके पूर्व उन्होंने दारानगर व आसपास के तमाम अन्य लोगों से भी मुलाकात करके इस मामले में पूछताछ की। इधर, जांच शुरू होते ही चर्चा है कि इससे पूर्व ब्लाक प्रमुख ज्ञानती देवी और तत्कालीन अपर अभियंता प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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