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Kaushambi News: हंगामे के बीच बैठक तो हुई, पर नहीं रखे गए विकास के प्रस्ताव
Tue, 25 Jun 2024 05:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 25 Jun 2024 05:56 AM IST
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पूरब पश्चिम शरीरा कार्यालय के बाहर बैठे सभासदों से बात करते ईओ। संवाद
नगर पंचायत कार्यालय में सोमवार को हुई बोर्ड की बैठक का सभासदों ने बहिष्कार कर दिया। ईओ के काफी समझाने पर सभासद वापस आए लेकिन, अध्यक्ष पति से कहासुनी के बाद फिर माहौल बिगड़ गया। हालांकि, कोरम पूरा होने की वजह से बैठक तो हो गई, लेकिन विकास कार्यों के प्रस्ताव एक भी नहीं आए। इस पर दो महीने बाद फिर अगली बैठक कराने का निर्णय लिया गया।
नगर पंचायत अध्यक्ष तारा देवी की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन हुआ। नगर में 15 सभासद हैं। शुरुआत में तो सभी 14 सभासद सभागार में पहुंचे, लेकिन बाद में विकास कार्यों में अनदेखी को लेकर हंगामा होने लगा।
हंगामे के बाद सभासद सीमा देवी, राजुल सोनकर, बैजनाथ, विनोद केसरवानी, आनंद केसरवानी आदि ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। सभासद अजीत रैना ने कराए गए विकास कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी का आरोप लगाया। सभासद शहंशाह अकबर ने कहा कि तालाब से अवैध खनन हो गया, लेकिन इसे सूचना के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।
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सभासद वीरेंद्र सोनी आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों की मनमानी से नाराज दिखे। कार्यालय में धरने पर बैठे सभासदों से ईओ निशंक भास्कर ने बातचीत की। उन्हें बताया कि 57 विकास कार्यों के प्रस्ताव शासन में भेजे गए हैं।
तीन वार्डों के 21 कार्यों को स्वीकृति मिली है। शेष प्रस्ताव लंबित हैं। जैसे-जैसे स्वीकृति और बजट मिलेगा, वैसे-वैसे विकास कार्य कराएं जाएंगे। सभी वार्डों में समान विकास कार्य कराए जाएंगे। अनियमितता के मामले में जांच कराकर कार्रवाई करने और गुणवत्तापरक काम कराने की बात कही।
ईओ के काफी समझाने के बाद सभासद बैठक के लिए पहुंचे। इसी बीच अध्यक्ष पति संजय सरोज और सभासदों के बीच फिर कहासुनी होने लगी। जिससे माहौल गरमा गया और सिर्फ पांच सभासद ही सदन में बचे, शेष उठकर बाहर चले गए। क्योंकि, सभासदों की 10 फीसदी उपस्थिति का कोरम पूरा था, इसलिए बैठक हो गई, लेकिन प्रस्ताव किसी ने भी नहीं रखा।
वैसे भी प्रस्तावों पर चर्चा के लिए आठ सभासद होने चाहिए थे, जिसका कोरम पूरा नहीं हुआ। ईओ ने बताया कि दो महीने बाद अगली बैठक कराने पर सभासदों के बीच सहमति बनी है।
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अध्यक्ष पति पर धमकाने का आरोप
सभासद वीरेंद्र सोनी ने कहा, सभासद अध्यक्ष पति पर आमजन से दुर्व्यवहार का आरोप लगा रहे थे। इसका उन्होंने भी समर्थन किया। इस पर अध्यक्ष पति ने उन्हें चार साल बाद देख लेने की धमकी दी।
इस संबंध में अध्यक्ष पति ने अपना पक्ष रखते हुए कहा, आरोप बेबुनियाद हैं। बैठक में हंगामा करने वालों को शांति बनाए रखने की बात करने वालों को आरोपित किया जा रहा है।
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नगर पंचायत अध्यक्ष तारा देवी की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन हुआ। नगर में 15 सभासद हैं। शुरुआत में तो सभी 14 सभासद सभागार में पहुंचे, लेकिन बाद में विकास कार्यों में अनदेखी को लेकर हंगामा होने लगा।
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हंगामे के बाद सभासद सीमा देवी, राजुल सोनकर, बैजनाथ, विनोद केसरवानी, आनंद केसरवानी आदि ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। सभासद अजीत रैना ने कराए गए विकास कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी का आरोप लगाया। सभासद शहंशाह अकबर ने कहा कि तालाब से अवैध खनन हो गया, लेकिन इसे सूचना के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।
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सभासद वीरेंद्र सोनी आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों की मनमानी से नाराज दिखे। कार्यालय में धरने पर बैठे सभासदों से ईओ निशंक भास्कर ने बातचीत की। उन्हें बताया कि 57 विकास कार्यों के प्रस्ताव शासन में भेजे गए हैं।
तीन वार्डों के 21 कार्यों को स्वीकृति मिली है। शेष प्रस्ताव लंबित हैं। जैसे-जैसे स्वीकृति और बजट मिलेगा, वैसे-वैसे विकास कार्य कराएं जाएंगे। सभी वार्डों में समान विकास कार्य कराए जाएंगे। अनियमितता के मामले में जांच कराकर कार्रवाई करने और गुणवत्तापरक काम कराने की बात कही।
ईओ के काफी समझाने के बाद सभासद बैठक के लिए पहुंचे। इसी बीच अध्यक्ष पति संजय सरोज और सभासदों के बीच फिर कहासुनी होने लगी। जिससे माहौल गरमा गया और सिर्फ पांच सभासद ही सदन में बचे, शेष उठकर बाहर चले गए। क्योंकि, सभासदों की 10 फीसदी उपस्थिति का कोरम पूरा था, इसलिए बैठक हो गई, लेकिन प्रस्ताव किसी ने भी नहीं रखा।
वैसे भी प्रस्तावों पर चर्चा के लिए आठ सभासद होने चाहिए थे, जिसका कोरम पूरा नहीं हुआ। ईओ ने बताया कि दो महीने बाद अगली बैठक कराने पर सभासदों के बीच सहमति बनी है।
अध्यक्ष पति पर धमकाने का आरोप
सभासद वीरेंद्र सोनी ने कहा, सभासद अध्यक्ष पति पर आमजन से दुर्व्यवहार का आरोप लगा रहे थे। इसका उन्होंने भी समर्थन किया। इस पर अध्यक्ष पति ने उन्हें चार साल बाद देख लेने की धमकी दी।
इस संबंध में अध्यक्ष पति ने अपना पक्ष रखते हुए कहा, आरोप बेबुनियाद हैं। बैठक में हंगामा करने वालों को शांति बनाए रखने की बात करने वालों को आरोपित किया जा रहा है।