{"_id":"6711973f8bee0bd0020ef6c4","slug":"the-man-found-guilty-of-raping-and-marrying-a-teenage-girl-after-converting-her-to-religion-got-10-years-imprisonment-and-the-helper-got-five-years-imprisonment-kaushambi-news-c-261-1-sald1002-117603-2024-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: धर्म परिवर्तन कराके किशोरी से शादी व दुष्कर्म के दोषी को 10 व मददगार को पांच साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: धर्म परिवर्तन कराके किशोरी से शादी व दुष्कर्म के दोषी को 10 व मददगार को पांच साल की सजा
Fri, 18 Oct 2024 04:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 18 Oct 2024 04:31 AM IST
विज्ञापन
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अशोक कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने धर्म परिवर्तन कराके किशोरी से शादी और दुष्कर्म के एक अहम मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने दुष्कर्मी को दस व मददगार को पांच वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही दोषियों पर क्रमश : 14 और तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
कौशाम्बी क्षेत्र की एक किशोरी को नौ वर्ष पहले दुल्हनियापुर निवासी ऐनुल अपड़े पड़ोसी दोस्त कलीम की मदद से अगवा कर ले गया था। आरोपी युवक ने धर्म परिवर्तन कराके किशोरी से शादी की और फिर उसके साथ दुष्कर्म करता रहा।
पीड़ित पिता की तहरीर पर एक नवंबर 2015 को कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर किशोरी को भी बरामद कर लिया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
मुकदमा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अशोक कुमार श्रीवास्तव की अदालत में चला। शासकीय अधिवक्ता शशांक खरे ने कुल आठ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। गवाहों के बयान सुनने के साथ ही पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने आरोपी ऐनुल व उसके मददगार कलीम को दोषी करार देते हुए बृहस्पतिवार को फैसला सुना दिया।
विज्ञापन
कौशाम्बी क्षेत्र की एक किशोरी को नौ वर्ष पहले दुल्हनियापुर निवासी ऐनुल अपड़े पड़ोसी दोस्त कलीम की मदद से अगवा कर ले गया था। आरोपी युवक ने धर्म परिवर्तन कराके किशोरी से शादी की और फिर उसके साथ दुष्कर्म करता रहा।
विज्ञापन
पीड़ित पिता की तहरीर पर एक नवंबर 2015 को कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर किशोरी को भी बरामद कर लिया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
मुकदमा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अशोक कुमार श्रीवास्तव की अदालत में चला। शासकीय अधिवक्ता शशांक खरे ने कुल आठ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। गवाहों के बयान सुनने के साथ ही पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने आरोपी ऐनुल व उसके मददगार कलीम को दोषी करार देते हुए बृहस्पतिवार को फैसला सुना दिया।