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खुले शिक्षा के मंदिरों के द्वार, अध्यापक करते रहे बच्चों का इंतजार

Tue, 15 Feb 2022 12:33 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 15 Feb 2022 12:33 AM IST
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The doors of the temples of open education, the teachers kept waiting for the children
बंबुरा प्राथमिक विद्यालय में विद्यार्थियों को पढ़ाती अध्यापिका - फोटो : KAUSHAMBI
कोरोना संक्रमण की बढ़ी रफ्तार के कारण बंद किए गए परिषदीय स्कूल सोमवार से खुल गए। लगभग डेढ़ माह के लंबे अंतराल के बाद स्कूल तो खुले, लेकिन वहां बच्चों की उपस्थिति 10 फीसदी से भी कम रही। पूरे दिन अध्यापक स्कूल में रहकर बच्चों के आने की बाट जोहते रहे। कुछ विद्यालयों के अध्यापक गांव में बच्चों के घर तक उन्हें बुलाने के लिए गए।
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कोरोना संक्रमण के कारण 31 दिसंबर को शासन ने कक्षा एक से आठ तक के सभी स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया था। इस दौरान सिर्फ अध्यापक ही स्कूल पहुंच कर मोहल्ला कक्षाओं का संचालन करते थे। अब संक्रमण की रफ्तार थमी तो स्कूल खोलने का करने का आदेश हुआ। करीब डेढ़ माह बाद स्कूल खुले तो पहले दिन सन्नाटा पसरा रहा।
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अध्यापक स्कूल तो पहुंचे लेकिन छात्र-छात्राओं की उपस्थिति काफी कम रही। जिलाधिकारी आवास के पास स्थित प्राथमिक विद्यालय बंबुरा में 152 बच्चों का पंजीकरण था। इसके सापेक्ष सिर्फ 25 बच्चे आए थे। प्राथमिक विद्यालय भड़ेसर का भी यही हाल रहा। यहां पंजीकृत 102 बच्चों के सापेक्ष सिर्फ 23 बच्चे ही उपस्थित थे। नया नगर प्रथम के स्कूल में 199 बच्चों के सापेक्ष 43 छात्र ही पहुंचे। नेवादा विकास खंड के कंपोजिट विद्यालय तिल्हापुर में 625 बच्चों का पंजीकरण है।
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यहां पर भी 32 बच्चे मौजूद रहे। स्कूल पहुंचे सभी बच्चों को एक ही कक्षा में बिठाया गया था। कंपोजिट विद्यालय धारूपुर में भी 213 बच्चों के सापेक्ष एक भी विद्यार्थी नहीं पहुंचा। कंपोजिट विद्यालय हसनपुर में 389 विद्यार्थियों के सापेक्ष सिर्फ 43 बच्चे ही स्कूल आए थे।
बच्चों को घर से बुलाने पहुंचे अध्यापक
कंपोजिट विद्यालय नेवादा में सोमवार सुबह 10 बजे तक एक भी विद्यार्थी स्कूल नहीं पहुंचा था। यहां सारे अध्यापक मौजूद थे। बाद में अध्यापकों ने गांव में अभिभावकों से संपर्क कर मंगलवार से हर हाल में बच्चों को स्कूल भेजने के लिए कहा।
स्कूलों में नहीं हुआ कोराना गाइड लाइन का पालन
जिन स्कूलों में विद्यार्थी पहुंचे भी थे वहां पर कोरोना गाइड लाइन का पालन नहीं कराया गया। स्कूल पहुंचे बच्चों ने मास्क नहीं लगाए थे। इसके अलावा स्कूलों में भी सैनिटाइजर आदि की व्यवस्था नहीं दिखी।

बच्चों के स्वागत के लिए सजाया गया स्कूल
प्राथमिक विद्यालय टेवां में बच्चों के स्वागत के लिए स्कूल को फूल और गुब्बारों से सजाया गया था। इसके अलावा स्कूल के प्रवेश द्वार पर रंगोली के जरिए वेलकम लिखा गया था। विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुरेश कुमार, शिक्षक अजय श्रीवास्तव, मनमोहन, मायादेवी, रोशन लाल ने स्कूल पहुंचे बच्चों को कोरोना गाइड लाइन का पालन कराते हुए पहले साबुन से हाथ धुलवाए फिर कक्षा में प्रवेश दिया।

मंझनपुर नया नगर स्थित पूर्व माध्यमिक में छात्रों को पढ़ाती अध्यापिका

मंझनपुर नया नगर स्थित पूर्व माध्यमिक में छात्रों को पढ़ाती अध्यापिका- फोटो : KAUSHAMBI

टेंवा स्थित प्राथमिक विद्यालय प्रथम में बच्चों का हुआ स्वागत

टेंवा स्थित प्राथमिक विद्यालय प्रथम में बच्चों का हुआ स्वागत- फोटो : KAUSHAMBI

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