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सरायअकिल पुलिस ने ठिकाने लगाया था पानीपत के नरेंद्र सिंह का शव
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The dead body of Narendra Singh of Panipat was located by the Saraikil police.
पिपरी कोतवाली इलाके के दुर्गापुर गांव के समीप 19 अक्तूबर को मिले पानीपत के नरेंद्र सिंह का शव अपनी नाकामी छिपाने के लिए सरायअकिल पुलिस ने ठिकाने लगाया था। सूत्रों के मुताबिक हत्याकांड के आरोप में जेल भेजे गए तिल्हापुर गांव के शिवपूजन पासी ने पुलिस के सामने अपने बयान में यह सनसनीखेज खुलासा किया है। इमलीगांव के कुछ ग्रामीणों में भी पुलिस के इस करतूत की चर्चा है। ग्रामीणों के मुताबिक पुलिस ने थाने के सरकारी वाहन में शव भरकर दुर्गापुर गांव के समीप ठिकाने लगाया था। मामला संज्ञान में आने के बाद शनिवार रात एसपी ने चौकी प्रभारी भगवानपुर समेत तीन पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया।
पिपरी कोतवाली इलाके के दुर्गापुर गांव के समीप 18 अक्तूबर की सुबह सड़क किनारे झाड़ियों में एक 35 वर्षीय युवक का शव पड़ा मिला था। सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी ही थी कि उसे सरायअकिल क्षेत्र के इमलीगांव के समीप लावारिस कार खड़ी होने की सूचना मिली। पुलिस ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की तो कार में मिले आईडी के आधार पर युवक की शिनाख्त नरेंद्र सिंह निवासी सनोली रोड, चांदनी बाग, पानीपत (हरियाणा) से रूप में हुई।
पुलिस को कार से जवई गांव के घनश्याम द्विवेदी का मोबाइल, आदि भी बरामद हुआ। हत्याकांड के खुलासे के लिए एसओजी टीम समेत पिपरी पुलिस ने विवेचना के दौरान हत्याकांड में शामिल तिल्हापुर गांव के शिवपूजन पासी व जवई गांव के सुशील पाठक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि मुख्य आरोपी घनश्याम की तलाश जारी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में आरोपी शिवपूजन ने हत्या करने की बात तो कुबूल की थी, लेकिन शव ठिकाने लगाने की बात पर इनकार कर दिया था।
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सूत्रों के मुताबिक शिवपूजन व घनश्याम नरेंद्र की हत्या करने के बाद इमलीगांव की तरफ से शव को कार में भरकर ठिकाने लगाने ले ही जा रहे थे कि उन्हें गश्त करते हुए दो सिपाही मिल गए। सिपाहियों ने रोकने का प्रयास किया तो हत्यारोपी पुलिस के सामने ही कार से उतरकर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। इमलीगांव के ग्रामीणों में चर्चा है कि सिपाहियों ने थाने फोन कर कार में शव होने की सूचना दी तो कुछ देर बाद थाने का सरकारी वाहन मौके पर आया और कार से शव निकालकर सरकारी वाहन में भरकर दुर्गापुर गांव के समीप ठिकाने लगा दिया गया। आरोप है कि सरायअकिल पुलिस ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए ऐसा कृत्य किया था।
मामला संज्ञान में आने के बाद एसपी राधेश्याम ने
पहले थानाध्यक्ष भुवनेश कुमार चौबे, व जीप चालक सिपाही केके सिंह को लाइन हाजिर किया। बाद में शनिवार रात चौकी प्रभारी भगवानपुर रजनीकांत राजपूत, सरायअकिल थाने के सिपाही सुनील कुमार व सूरज को लाइन का रास्ता दिखा दिया है। इसे लेकर रविवार को पुलिस महकमे में खलबली मची रही।
नरेंद्र सिंह का शव सरायअकिल पुलिस द्वारा ठिकाने लगाने की जानकारी नहीं है। लगातार शिकायत मिलने के कारण चौकी प्रभारी भगवानपुर समेत तीन पुलिस कर्मियों को लाइन भेजा गया है।
राधेश्याम-एसपी
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पिपरी कोतवाली इलाके के दुर्गापुर गांव के समीप 18 अक्तूबर की सुबह सड़क किनारे झाड़ियों में एक 35 वर्षीय युवक का शव पड़ा मिला था। सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी ही थी कि उसे सरायअकिल क्षेत्र के इमलीगांव के समीप लावारिस कार खड़ी होने की सूचना मिली। पुलिस ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की तो कार में मिले आईडी के आधार पर युवक की शिनाख्त नरेंद्र सिंह निवासी सनोली रोड, चांदनी बाग, पानीपत (हरियाणा) से रूप में हुई।
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पुलिस को कार से जवई गांव के घनश्याम द्विवेदी का मोबाइल, आदि भी बरामद हुआ। हत्याकांड के खुलासे के लिए एसओजी टीम समेत पिपरी पुलिस ने विवेचना के दौरान हत्याकांड में शामिल तिल्हापुर गांव के शिवपूजन पासी व जवई गांव के सुशील पाठक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि मुख्य आरोपी घनश्याम की तलाश जारी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में आरोपी शिवपूजन ने हत्या करने की बात तो कुबूल की थी, लेकिन शव ठिकाने लगाने की बात पर इनकार कर दिया था।
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सूत्रों के मुताबिक शिवपूजन व घनश्याम नरेंद्र की हत्या करने के बाद इमलीगांव की तरफ से शव को कार में भरकर ठिकाने लगाने ले ही जा रहे थे कि उन्हें गश्त करते हुए दो सिपाही मिल गए। सिपाहियों ने रोकने का प्रयास किया तो हत्यारोपी पुलिस के सामने ही कार से उतरकर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। इमलीगांव के ग्रामीणों में चर्चा है कि सिपाहियों ने थाने फोन कर कार में शव होने की सूचना दी तो कुछ देर बाद थाने का सरकारी वाहन मौके पर आया और कार से शव निकालकर सरकारी वाहन में भरकर दुर्गापुर गांव के समीप ठिकाने लगा दिया गया। आरोप है कि सरायअकिल पुलिस ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए ऐसा कृत्य किया था।
मामला संज्ञान में आने के बाद एसपी राधेश्याम ने
पहले थानाध्यक्ष भुवनेश कुमार चौबे, व जीप चालक सिपाही केके सिंह को लाइन हाजिर किया। बाद में शनिवार रात चौकी प्रभारी भगवानपुर रजनीकांत राजपूत, सरायअकिल थाने के सिपाही सुनील कुमार व सूरज को लाइन का रास्ता दिखा दिया है। इसे लेकर रविवार को पुलिस महकमे में खलबली मची रही।
नरेंद्र सिंह का शव सरायअकिल पुलिस द्वारा ठिकाने लगाने की जानकारी नहीं है। लगातार शिकायत मिलने के कारण चौकी प्रभारी भगवानपुर समेत तीन पुलिस कर्मियों को लाइन भेजा गया है।
राधेश्याम-एसपी