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Kaushambi News: जालसाज की जमानत अर्जी कोर्ट ने की खारिज
Fri, 03 May 2024 04:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 03 May 2024 04:21 AM IST
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जालसाज की जमानत अर्जी कोर्ट ने की खारिज
-- सोलर नलकूप लगवाने का झांसा देकर लिया था आधार व पैन कार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। जिला जज अनुपम कुमार ने जालसाजी के एक आरोपी की जमानत अर्जी खारिज दी। जालसाज पर वादी की मां को सोलर नलकूप लगवाने का झांसा देकर आधार व पैन कार्ड लेकर फर्जी बैंक खाता खुलवाने का आरोप है।
सिराथू कस्बे की महिला सीता देवी को उसके बेटे पीयूष का दोस्त लखनऊ के तालकटोरा थाना क्षेत्र के राजाजी पुरम निवासी अंशुल अवस्थी ने सोलर नलकूप लगवाने का झांसा देकर आधार व पैन कार्ड लिया था। 6 अप्रैल 2024 को अंशुल ने सीता देवी को सैनी मिलने के लिए बुलाया और उसे बैंक ले गया। इस पर पीयूष को जालसाजी की आशंका हुई तो उसने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने अंशुल को पकड़ कर जांच की तो पता चला कि वह फर्जी बैंक खाते में रकम ट्रांसफर कराने का मास्टर माइंड है। पीयूष की तहरीर पर सैनी कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके अंशुल को जेल भेज दिया था। आरोपी की ओर से दाखिल की गई जमानत अर्जी पर बृहस्पतिवार को जिला जज अनुपम कुमार की अदालत में बहस की गई। जिला शासकीय अधिवक्ता सोमेश्वर तिवारी ने जमानत का विरोध किया। दोनों ओर से की गई बहस को सुनने व पुलिस केस डायरी का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने आरोपी जालसाज की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। जिला जज अनुपम कुमार ने जालसाजी के एक आरोपी की जमानत अर्जी खारिज दी। जालसाज पर वादी की मां को सोलर नलकूप लगवाने का झांसा देकर आधार व पैन कार्ड लेकर फर्जी बैंक खाता खुलवाने का आरोप है।
सिराथू कस्बे की महिला सीता देवी को उसके बेटे पीयूष का दोस्त लखनऊ के तालकटोरा थाना क्षेत्र के राजाजी पुरम निवासी अंशुल अवस्थी ने सोलर नलकूप लगवाने का झांसा देकर आधार व पैन कार्ड लिया था। 6 अप्रैल 2024 को अंशुल ने सीता देवी को सैनी मिलने के लिए बुलाया और उसे बैंक ले गया। इस पर पीयूष को जालसाजी की आशंका हुई तो उसने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने अंशुल को पकड़ कर जांच की तो पता चला कि वह फर्जी बैंक खाते में रकम ट्रांसफर कराने का मास्टर माइंड है। पीयूष की तहरीर पर सैनी कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके अंशुल को जेल भेज दिया था। आरोपी की ओर से दाखिल की गई जमानत अर्जी पर बृहस्पतिवार को जिला जज अनुपम कुमार की अदालत में बहस की गई। जिला शासकीय अधिवक्ता सोमेश्वर तिवारी ने जमानत का विरोध किया। दोनों ओर से की गई बहस को सुनने व पुलिस केस डायरी का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने आरोपी जालसाज की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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