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दवा और दुआ से सुधरी बच्ची की हालत
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The condition of the child improved by medicine and dua
- फोटो : KAUSHAMBI
दवा और दुआ से सुधरी बच्ची की हालत
रविवार को ऑक्सीजन हटाने के बाद दिया जाने लगा दूध
28 अप्रैल को पलरा गांव के समीप लावारिस मिली थी बच्ची
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। जिला अस्पताल में भर्ती एक मासूम के लिए लोगों की दुआ ने असर दिखाना शुरू कर दिया। इलाज के बाद उसकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है। रविवार को चिकित्सकों ने ऑक्सीजन हटाने के साथ ही उसे दूध पिलाना शुरू कर दिया है। चिकित्सकों की मानें तो अगर सुधार की स्थिति यही रही तो दो-तीन दिन बाद उसे चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया जाएगा।
पश्चिमशरीरा कोतवाली क्षेत्र के पलरा गांव के समीप 28 अप्रैल को लावारिस हालत में मिली परी की हालत अब खतरे से बाहर है। जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में उसका इलाज किया जा रहा है। प्री-मेच्योर पैदा हुई परी का वजन मात्र 1.880 ग्राम था। चिकित्सक डॉ. निखिल धवन ने उसका इलाज किया। परी पर दवाओं का असर नहीं हो रहा था। शुक्रवार को उसे ऑक्सीजन पर रखना पड़ा था। एंटी बायोटिक की थर्ड स्टेज की डोज देने के साथ ही चिकित्सकों ने परी के लिए दुआ करने की आमजन से अपील की थी। भगवान ने लोगों की दुआ कुबूल कर ली। नतीजतन अब परी की हालत में लगातार सुधार हो रहा है। रविवार को सीएमएस डॉ. दीपक सेठ ने बालरोग विशेषज्ञ डॉ. विश्व प्रकाश से परी का स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इसमें परी ठीक दिखी। इसके बाद अलग से दिया जा रहा ऑक्सीजन हटा दिया गया। चिकित्सक ने खुद के पैसे से पाउडर वाला दूध मंगवाया और पिलाया जा रहा है। सीएमएस का कहना है वार्ड में स्टाफ नर्स हरिमोहन, सुमन सिंह व राम नरेश को बच्ची की खास देखभाल के लिए लगाया गया है। परी की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। सुधार का स्तर यहीं रहा तो वह दो से तीन दिन में पूरी तरह से स्वस्थ हो जाएगी।
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रविवार को ऑक्सीजन हटाने के बाद दिया जाने लगा दूध
28 अप्रैल को पलरा गांव के समीप लावारिस मिली थी बच्ची
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। जिला अस्पताल में भर्ती एक मासूम के लिए लोगों की दुआ ने असर दिखाना शुरू कर दिया। इलाज के बाद उसकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है। रविवार को चिकित्सकों ने ऑक्सीजन हटाने के साथ ही उसे दूध पिलाना शुरू कर दिया है। चिकित्सकों की मानें तो अगर सुधार की स्थिति यही रही तो दो-तीन दिन बाद उसे चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया जाएगा।
पश्चिमशरीरा कोतवाली क्षेत्र के पलरा गांव के समीप 28 अप्रैल को लावारिस हालत में मिली परी की हालत अब खतरे से बाहर है। जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में उसका इलाज किया जा रहा है। प्री-मेच्योर पैदा हुई परी का वजन मात्र 1.880 ग्राम था। चिकित्सक डॉ. निखिल धवन ने उसका इलाज किया। परी पर दवाओं का असर नहीं हो रहा था। शुक्रवार को उसे ऑक्सीजन पर रखना पड़ा था। एंटी बायोटिक की थर्ड स्टेज की डोज देने के साथ ही चिकित्सकों ने परी के लिए दुआ करने की आमजन से अपील की थी। भगवान ने लोगों की दुआ कुबूल कर ली। नतीजतन अब परी की हालत में लगातार सुधार हो रहा है। रविवार को सीएमएस डॉ. दीपक सेठ ने बालरोग विशेषज्ञ डॉ. विश्व प्रकाश से परी का स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इसमें परी ठीक दिखी। इसके बाद अलग से दिया जा रहा ऑक्सीजन हटा दिया गया। चिकित्सक ने खुद के पैसे से पाउडर वाला दूध मंगवाया और पिलाया जा रहा है। सीएमएस का कहना है वार्ड में स्टाफ नर्स हरिमोहन, सुमन सिंह व राम नरेश को बच्ची की खास देखभाल के लिए लगाया गया है। परी की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। सुधार का स्तर यहीं रहा तो वह दो से तीन दिन में पूरी तरह से स्वस्थ हो जाएगी।
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