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Kaushambi News: दुल्हन के हाथों की मेहंदी भी न छूटी थी, शादी के 13 दिन बाद उजड़ गया सुहाग
Tue, 20 May 2025 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 20 May 2025 01:27 AM IST
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कोतवाली के गौतम का डेरा गांव के समीप सड़क हादसे का शिकार हुए युवक ने इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज में रविवार रात दम तोड़ दिया। शादी के 13 दिन बाद हुई मौत से परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है।
पश्चिमशरीरा कस्बे के आंबेडकर नगर निवासी मुन्नूलाल परिवार के साथ बाकरगंज गांव स्थित ईंट भट्ठा में मजदूरी करता है। पांच मई को 22 वर्षीय पुत्र सुनील की शादी करारी कस्बे की मनीषा के साथ की थी। शादी के कुछ दिन बाद परिवार के लोग फिर से मजदूरी के सिलसिले से ईंट भट्ठा चले गए। मुन्नूलाल ने बताया कि 11 मई को सुनील परिजनों से मिलने के लिए ईंट भट्ठा आया था। शाम को वह बाइक से वापस घर लौट रहा था।
परिवारीजनों के मुताबिक रास्ते में सुनील गौतम का डेरा गांव के पास पहुंचा था, तभी अचानक उसकी बाइक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में उसके सिर व शरीर में गंभीर चोट आईं थी। राहगीरों ने खून से लथपथ सुनील को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। जानकारी होने पर रोती-बिलखती मनीषा परिवार के साथ अस्पताल पहुंचीं।
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जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे सुनील ने इलाज के दौरान रविवार रात करीब 12 बजे अस्पताल में दम तोड़ दिया। अपने हाथों की मेंहदी निहारती मनीषा दहाड़े मारकर रो रही है। गांव की महिलाएं उसे ढांढ़स बंधाती रहीं। वहीं, परिजनों की भी रो-रोकर हालत खराब है।
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पश्चिमशरीरा कस्बे के आंबेडकर नगर निवासी मुन्नूलाल परिवार के साथ बाकरगंज गांव स्थित ईंट भट्ठा में मजदूरी करता है। पांच मई को 22 वर्षीय पुत्र सुनील की शादी करारी कस्बे की मनीषा के साथ की थी। शादी के कुछ दिन बाद परिवार के लोग फिर से मजदूरी के सिलसिले से ईंट भट्ठा चले गए। मुन्नूलाल ने बताया कि 11 मई को सुनील परिजनों से मिलने के लिए ईंट भट्ठा आया था। शाम को वह बाइक से वापस घर लौट रहा था।
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परिवारीजनों के मुताबिक रास्ते में सुनील गौतम का डेरा गांव के पास पहुंचा था, तभी अचानक उसकी बाइक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में उसके सिर व शरीर में गंभीर चोट आईं थी। राहगीरों ने खून से लथपथ सुनील को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। जानकारी होने पर रोती-बिलखती मनीषा परिवार के साथ अस्पताल पहुंचीं।
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जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे सुनील ने इलाज के दौरान रविवार रात करीब 12 बजे अस्पताल में दम तोड़ दिया। अपने हाथों की मेंहदी निहारती मनीषा दहाड़े मारकर रो रही है। गांव की महिलाएं उसे ढांढ़स बंधाती रहीं। वहीं, परिजनों की भी रो-रोकर हालत खराब है।