{"_id":"68eaab650d004c07bd01b26b","slug":"the-audiences-eyes-became-moist-after-watching-the-enactment-of-sitas-abduction-in-ramlila-kaushambi-news-c-261-1-kmb1002-131238-2025-10-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: रामलीला में सीता हरण का मंचन देख दर्शकों की आंखें हुईं नम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: रामलीला में सीता हरण का मंचन देख दर्शकों की आंखें हुईं नम
Sun, 12 Oct 2025 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sun, 12 Oct 2025 12:39 AM IST
विज्ञापन
अजुहा की रामलीला में मंचन करते कलाकार। संवाद
रामलीला के सातवें दिन शुक्रवार की रात सूर्पनखा की नाककटी, सीता हरण, सबरी आश्रम, राम-सुग्रीव मित्रता और बाली वध की लीला का मंचन किया गया। फतेहपुर के कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुति से दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
लीला में दिखाया गया कि जब भगवान श्रीराम, सीता और लक्ष्मण पंचवटी में निवास कर रहे थे तभी रावण की बहन सूर्पनखा श्रीराम के रूप पर मोहित होकर विवाह का प्रस्ताव रखती है। श्रीराम के मना करने पर लक्ष्मण उसकी नाक काट देते हैं। अपमानित सूर्पनखा खर-दूषण को भड़काती है और दोनों श्रीराम से युद्ध करते हुए मारे जाते हैं।
इसके बाद रावण छलपूर्वक मारीच को सोने का मृग बनाकर भेजता है। सीता उस मृग को देखकर श्रीराम से उसे लाने का आग्रह करती हैं। श्रीराम के जाने के बाद रावण साधु का भेष धारणकर सीता के पास आता है और अवसर पाकर उनका हरण कर लेता है। सीता के अपहरण का दृश्य और श्रीराम के विलाप का प्रसंग देखकर पंडाल में बैठे दर्शकों की आंखें भर आईं। इस मौके पर राम बाबू मोदनवाल, आशीष मोदनवाल, जीतमल अग्रहरि, ओमप्रकाश, विपिन मोदनवाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
लीला में दिखाया गया कि जब भगवान श्रीराम, सीता और लक्ष्मण पंचवटी में निवास कर रहे थे तभी रावण की बहन सूर्पनखा श्रीराम के रूप पर मोहित होकर विवाह का प्रस्ताव रखती है। श्रीराम के मना करने पर लक्ष्मण उसकी नाक काट देते हैं। अपमानित सूर्पनखा खर-दूषण को भड़काती है और दोनों श्रीराम से युद्ध करते हुए मारे जाते हैं।
विज्ञापन
इसके बाद रावण छलपूर्वक मारीच को सोने का मृग बनाकर भेजता है। सीता उस मृग को देखकर श्रीराम से उसे लाने का आग्रह करती हैं। श्रीराम के जाने के बाद रावण साधु का भेष धारणकर सीता के पास आता है और अवसर पाकर उनका हरण कर लेता है। सीता के अपहरण का दृश्य और श्रीराम के विलाप का प्रसंग देखकर पंडाल में बैठे दर्शकों की आंखें भर आईं। इस मौके पर राम बाबू मोदनवाल, आशीष मोदनवाल, जीतमल अग्रहरि, ओमप्रकाश, विपिन मोदनवाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन