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Kaushambi News: हत्या कर शव छिपाने के दोषी को दस साल की सजा, 10 हजार रुपये जुर्माना
Sat, 22 Feb 2025 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sat, 22 Feb 2025 01:01 AM IST
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विशेष न्यायालय एससी/एसटी कोर्ट शिरीन जैदी की अदालत ने शुक्रवार को 15 साल पुराने हत्या के एक मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने दोषी को दस साल की सजा व दस हजार रुपये के जुर्माने से दंडित करने का आदेश दिया है।
13 जून 2010 को तत्कालीन सैनी (अब कड़ा) कोतवाली के हकीमपुर गांव (अफजलपुरवारी) के उत्तर सड़क किनारे बोरे में भरा एक युवक का शव बरामद हुआ था। तत्कालीन ग्राम प्रधान गुलाम मुस्तफा की सूचना पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा था।
विवेचना के दौरान प्रतापगढ़ जनपद के संग्रामगढ़ कोतवाली के भौदासपुर निवासी बच्चन उपाध्याय समेत पांच आरोपियों के नाम प्रकाश में आए थे। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमा विशेष न्यायालय एससी/एसटी कोर्ट शिरीन जैदी की अदालत में चला। शासकीय अधिवक्ता ने 11 गवाहों को अदालत में प्रस्तुत किया।
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दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने व पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने बच्चन उपाध्याय को दोषी करार देते हुए दस साल की सजा व दस हजार का जुर्माना भुगतने का आदेश दिया। वहीं, साक्ष्य के अभाव में अन्य चार आरोपियों को बरी कर दिया गया।
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13 जून 2010 को तत्कालीन सैनी (अब कड़ा) कोतवाली के हकीमपुर गांव (अफजलपुरवारी) के उत्तर सड़क किनारे बोरे में भरा एक युवक का शव बरामद हुआ था। तत्कालीन ग्राम प्रधान गुलाम मुस्तफा की सूचना पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा था।
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विवेचना के दौरान प्रतापगढ़ जनपद के संग्रामगढ़ कोतवाली के भौदासपुर निवासी बच्चन उपाध्याय समेत पांच आरोपियों के नाम प्रकाश में आए थे। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमा विशेष न्यायालय एससी/एसटी कोर्ट शिरीन जैदी की अदालत में चला। शासकीय अधिवक्ता ने 11 गवाहों को अदालत में प्रस्तुत किया।
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दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने व पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने बच्चन उपाध्याय को दोषी करार देते हुए दस साल की सजा व दस हजार का जुर्माना भुगतने का आदेश दिया। वहीं, साक्ष्य के अभाव में अन्य चार आरोपियों को बरी कर दिया गया।