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मां को सहेली समझ अपनी हर दिक्कत बताएं बेटियां
Sun, 21 Apr 2019 12:54 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Sun, 21 Apr 2019 12:54 AM IST
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- फोटो : kaushambi
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मंझनपुर। व्हिस्पर च्वाइस और अमर उजाला की ओर से करारी के डॉ. अख्तर हसन रिजवी डिग्री कॉलेज में ‘सपनों की उड़ान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें महीने के उन मुश्किल दिनों से जुड़ी परेशानियों और भ्रांतियों से बेटियों के साथ-साथ उनकी माताओं को भी रूबरू कराया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एमआरएस इंडिया ग्लैक्सी 2018 की विजेता सौम्या शर्मा ने कहा कि पीरियड्स को कभी अपनी कमजोरी नहीं मानना चाहिए। ये नारी शक्ति का एक रूप है। कहा कि बेटियों की सच्ची हमदर्द उनकी मां होती हैं। इसलिए मां को सहेली मानकर बेझिझक अपनी छोटी-छोटी परेशानियां शेयर करनी चाहिए।
क्योंकि मां से बेहतर दूसरा कोई बेटियों की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकता है। इसलिए तनावमुक्त खुशहाल जीवन जीने के लिए संकोच छोड़कर खुद को आगे आना होगा। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीतू कनौजिया ने किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक बदलाव के बारे में जानकारियां दी। बताया कि उम्र के साथ शारीरिक बदलाव होना प्राकृतिक है। बालिकाएं ऐसे मौके पर अक्सर खुद को असहज महसूस करती हैं। बात छिपाने की वजह से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। व्हिस्पर च्वाइस की डीएमई दीपांजलि ने कहा कि आप अपने सपनों की उड़ान तभी भर सकती हैं जब आप मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ हों। उन्होंने सेनेटरी पैड का इस्तेमाल कैसे करना है। इसका लाइव डेमो भी दिखाया। वहीं लकी ड्रा के द्वारा ईनाम देकर अतिथियों ने पुरस्कृत किया।
सामाजिक कार्यकर्ता बेबी नाज रिजवी व संगीता ने कहा कि अब बेझिझक दूर कर के बेटियों को खुलकर जीने का दौर है। इसके लिए ऐसे दिनों में पैड का प्रयोग करें और हर दिन एक जैसा महसूस करें। कहा कि अमर उजाला की यह सराहनीय पहल है। महिला सहायता प्रकोष्ठ की प्रभारी ऋ तु तिवारी ने कहा कि पुलिस की नौकरी में हर वक्त ड्यूटी करनी पड़ती है। ऐेसे में हमेशा सजग रहना पड़ता है। ऐसे ही बेटियों को भी हर दिन सजग रहने के लिए पैड का प्रयोग करने में गुरेज नही करना चाहिए। अतिथियों का स्वागत व्हिस्पर च्वाइस के टीम लीडर अनुराग सक्सेना ने किया । संचालन चेष्ठा पाठक ने किया। अंत में सभी बेटियों को प्रमाण पत्र दिया गया।
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क्योंकि मां से बेहतर दूसरा कोई बेटियों की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकता है। इसलिए तनावमुक्त खुशहाल जीवन जीने के लिए संकोच छोड़कर खुद को आगे आना होगा। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीतू कनौजिया ने किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक बदलाव के बारे में जानकारियां दी। बताया कि उम्र के साथ शारीरिक बदलाव होना प्राकृतिक है। बालिकाएं ऐसे मौके पर अक्सर खुद को असहज महसूस करती हैं। बात छिपाने की वजह से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। व्हिस्पर च्वाइस की डीएमई दीपांजलि ने कहा कि आप अपने सपनों की उड़ान तभी भर सकती हैं जब आप मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ हों। उन्होंने सेनेटरी पैड का इस्तेमाल कैसे करना है। इसका लाइव डेमो भी दिखाया। वहीं लकी ड्रा के द्वारा ईनाम देकर अतिथियों ने पुरस्कृत किया।
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सामाजिक कार्यकर्ता बेबी नाज रिजवी व संगीता ने कहा कि अब बेझिझक दूर कर के बेटियों को खुलकर जीने का दौर है। इसके लिए ऐसे दिनों में पैड का प्रयोग करें और हर दिन एक जैसा महसूस करें। कहा कि अमर उजाला की यह सराहनीय पहल है। महिला सहायता प्रकोष्ठ की प्रभारी ऋ तु तिवारी ने कहा कि पुलिस की नौकरी में हर वक्त ड्यूटी करनी पड़ती है। ऐेसे में हमेशा सजग रहना पड़ता है। ऐसे ही बेटियों को भी हर दिन सजग रहने के लिए पैड का प्रयोग करने में गुरेज नही करना चाहिए। अतिथियों का स्वागत व्हिस्पर च्वाइस के टीम लीडर अनुराग सक्सेना ने किया । संचालन चेष्ठा पाठक ने किया। अंत में सभी बेटियों को प्रमाण पत्र दिया गया।
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