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आशाओं से कहें सरकारी अस्पताल में कराए प्रसव, इन्हें 48 घंटे रोके : डीएम
Fri, 07 Mar 2025 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 07 Mar 2025 01:25 AM IST
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मंझनपुर। कलक्ट्रेट के उदयन सभागार में बृहस्पतिवार को डीएम मधुसूदन हुल्गी ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की। इसमें उन्होंने योजनाओं के सफल क्रियान्वयन समेत सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने के निर्देश दिए। साफ कहा कि आशाओं को कहें की वह प्रसूता को प्रेरित कर अस्पताल लाएं और उनको कम से कम अस्पताल में 48 घंटा रोका जाए। गांव में आरबीएसए के टीम को भेजे जाने का भी निर्देश दिया।
डीएम ने जननी सुरक्षा योजना, चिकित्सकों एवं सीएचओ की उपलब्धता, आशा कार्यक्रम,आशा भुगतान, परिवार कल्याण कार्यक्रम, जननी शिशु सुरक्षा, विटामिन बर्थ डोज, मंत्रा पोर्टल, मातृ मृत्यु समीक्षा, टीकाकरण कार्यक्रम, एएनसी चेकअप और आभा आईडी योजना की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी, एएनएम व आरबीएसके की टीम गांव में भ्रमण कर गर्भवती महिलाओं (एचआरपी) के बारे जानकारी जुटाएं। इनका नियमित टीकाकरण व चेकअप हो रहा है, यह सुनिश्चत करें। शिशु मृत्युदर की समीक्षा करते हुए कहा कि आशाओं को जागरूक करें।
इसके लिए सीएमओ स्वयं समीक्षा कर जानकारी लेते रहें। आशाएं घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं को यह बताएं कि शिशुओं की देखभाल कैसे करनी है। जागरूकता से शिशु मृत्युदर को कम किया जा सकता है। जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के करते हुए कहा कि सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में हुए प्रसव के आंकड़ों की जानकारी करें। आशाओं को कहें कि वह अधिक से अधिक सरकारी अस्पताल में प्रसव कराएं। यहां प्रसूता को 48 घंटे तक रोका जाए। ग्राम पंचायतों में भ्रमण कर लक्ष्य के सापेक्ष किशोरियों, सैम व मैम बच्चों का वजन आदि का कार्य प्राथमिकता में किया जाए। बैठक में सीडीओ अजीत कुमार श्रीवास्तव, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हरिओम कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. संजय कुमार आदि मौजूद रहे।
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डीएम ने जननी सुरक्षा योजना, चिकित्सकों एवं सीएचओ की उपलब्धता, आशा कार्यक्रम,आशा भुगतान, परिवार कल्याण कार्यक्रम, जननी शिशु सुरक्षा, विटामिन बर्थ डोज, मंत्रा पोर्टल, मातृ मृत्यु समीक्षा, टीकाकरण कार्यक्रम, एएनसी चेकअप और आभा आईडी योजना की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी, एएनएम व आरबीएसके की टीम गांव में भ्रमण कर गर्भवती महिलाओं (एचआरपी) के बारे जानकारी जुटाएं। इनका नियमित टीकाकरण व चेकअप हो रहा है, यह सुनिश्चत करें। शिशु मृत्युदर की समीक्षा करते हुए कहा कि आशाओं को जागरूक करें।
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इसके लिए सीएमओ स्वयं समीक्षा कर जानकारी लेते रहें। आशाएं घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं को यह बताएं कि शिशुओं की देखभाल कैसे करनी है। जागरूकता से शिशु मृत्युदर को कम किया जा सकता है। जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के करते हुए कहा कि सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में हुए प्रसव के आंकड़ों की जानकारी करें। आशाओं को कहें कि वह अधिक से अधिक सरकारी अस्पताल में प्रसव कराएं। यहां प्रसूता को 48 घंटे तक रोका जाए। ग्राम पंचायतों में भ्रमण कर लक्ष्य के सापेक्ष किशोरियों, सैम व मैम बच्चों का वजन आदि का कार्य प्राथमिकता में किया जाए। बैठक में सीडीओ अजीत कुमार श्रीवास्तव, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हरिओम कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. संजय कुमार आदि मौजूद रहे।
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