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Kaushambi News: स्ट्रीट लाइट चालू, लेकिन खंभों की नमस्ते व तिरंगा झालर बनी शोपीस
Thu, 08 Jan 2026 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 08 Jan 2026 12:59 AM IST
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समदा नहर के पास स्ट्रीट लाइटों में लगे नमस्ते खबरा। संवाद
शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने 15 दिन पहले नमस्ते आकृति वाली सजावटी लाइटें लगाई थी, जो अब शोपीस बनकर रह गई हैं। समदा से कादीपुर तक डिवाइडर पर लगाए गए करीब 40 स्ट्रीट लाइट खंभों पर तिरंगा और हाथ जोड़े आकृति वाली लाइटें लगाई गई थीं लेकिन इनमें कुछ लाइटें खराब हो चुकी हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि समदा नहर से कादीपुर स्थित मेडिकल कॉलेज तक 40 खंभों में तिरंगा रंग की झालर व हाथ जोड़े आकृति की स्वागत लाइटें लगाई गई थीं। अभी इसे लगाए 15 दिन ही बीते थे कि 13 स्वागत लाइटें बंद हो गईं। वहीं 19 खंभों की झालर कई महीनों से खराब हैं लेकिन अब तक उनकी मरम्मत नहीं कराई गई है।
इससे न केवल सौंदर्यीकरण की योजना पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि सरकारी धन के सही उपयोग को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। रात के समय मुख्य स्ट्रीट लाइट तो जल रही हैं लेकिन सजावटी लाइटें बंद रहने से सड़क की रौनक फीकी नजर आती है। समदा के सुभाष, अनिल, संजय सहित अन्य लोगों का कहना है कि इन लाइटों पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे लेकिन समय-समय पर ध्यान न देने के कारण वे बेकार हो रही हैं।
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कई लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद जिम्मेदार विभाग कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों का कहना है कि यदि इन लाइटों की नियमित जांच और मरम्मत की जाए तो सड़क का सौंदर्य भी बढ़ेगा और क्षेत्र की बेहतर छवि बनेगी। लोगों ने नगर प्रशासन से मांग की है कि खराब पड़ी तिरंगा और नमस्ते लाइटों को जल्द दुरुस्त कराया जाए और भविष्य में नियमित मेंटेनेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- लाइटें खराब होने की जानकारी मिली है। जल्द ही टीम भेजकर जांच कराई जाएगी और सभी खराब लाइटों को ठीक करा दिया जाएगा।- वीरेंद्र कुमार सरोज, उर्फ फौजी, नगर पालिका अध्यक्ष
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स्थानीय लोगों ने बताया कि समदा नहर से कादीपुर स्थित मेडिकल कॉलेज तक 40 खंभों में तिरंगा रंग की झालर व हाथ जोड़े आकृति की स्वागत लाइटें लगाई गई थीं। अभी इसे लगाए 15 दिन ही बीते थे कि 13 स्वागत लाइटें बंद हो गईं। वहीं 19 खंभों की झालर कई महीनों से खराब हैं लेकिन अब तक उनकी मरम्मत नहीं कराई गई है।
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इससे न केवल सौंदर्यीकरण की योजना पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि सरकारी धन के सही उपयोग को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। रात के समय मुख्य स्ट्रीट लाइट तो जल रही हैं लेकिन सजावटी लाइटें बंद रहने से सड़क की रौनक फीकी नजर आती है। समदा के सुभाष, अनिल, संजय सहित अन्य लोगों का कहना है कि इन लाइटों पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे लेकिन समय-समय पर ध्यान न देने के कारण वे बेकार हो रही हैं।
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कई लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद जिम्मेदार विभाग कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों का कहना है कि यदि इन लाइटों की नियमित जांच और मरम्मत की जाए तो सड़क का सौंदर्य भी बढ़ेगा और क्षेत्र की बेहतर छवि बनेगी। लोगों ने नगर प्रशासन से मांग की है कि खराब पड़ी तिरंगा और नमस्ते लाइटों को जल्द दुरुस्त कराया जाए और भविष्य में नियमित मेंटेनेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- लाइटें खराब होने की जानकारी मिली है। जल्द ही टीम भेजकर जांच कराई जाएगी और सभी खराब लाइटों को ठीक करा दिया जाएगा।- वीरेंद्र कुमार सरोज, उर्फ फौजी, नगर पालिका अध्यक्ष

समदा नहर के पास स्ट्रीट लाइटों में लगे नमस्ते खबरा। संवाद