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Kaushambi News: आंधी-बारिश ले उड़ी बिजली, 157 गांवों में अंधेरा

Tue, 02 Sep 2025 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Tue, 02 Sep 2025 01:07 AM IST
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Storm and rain caused power outage, 157 villages in darkness
गरज और चमक के साथ आई आंधी-बारिश ने रविवार की शाम विद्युत व्यवस्था को अस्त-व्यस्त कर दिया। गोपसहसा उपकेंद्र की बिजली व्यवस्था धड़ाम हो गई। 157 गांव अंधेरे में डूब गए। सोमवार सुबह 9:30 बजे बिजली आपूर्ति सुचारू हुई तो लोगों को राहत मिली।
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कौशाम्बी ब्लॉक के कनैली, धरमपुर, जोगापुर, गुरौली, ढोकसहा, मुलायमपुर और बारा सहित 83 गांव और पश्चिमशरीरा के 42 व महेवाघाट के 32 गांव में बिजली आपूर्ति बाधित रही। गोपसहसा विद्युत सब स्टेशन के चार फीडर बारा, कोसम इनाम, जल निगम व महिला फीडर के 83 गांव को बिजली मिलती है। ग्रामीण रामबाबू, गणपत, मोहम्मद अहमद, सतीश कुमार, संतोष कुमार और अशर्फीलाल आदि ने बताया कि शाम पांच बजे के आसपास मौसम बिगड़ने के साथ ही बिजली गुल हुई तो पूरी रात नहीं आई।
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रात करीब 11 बजे विद्युत कर्मियों से संपर्क करने पर बताया गया कि 33 हजार वोल्ट की लाइन में फॉल्ट आने से ब्रेकडाउन हो गया है। सुधार कार्य किया जा रहा है लेकिन आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। ऐसे में पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूबा रहा। सुबह लोगों के सामने पानी का संकट खड़ा हो गया। बिजली न रहने से इनवर्टर बंद हो गए।
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अवर अभियंता शंकर लाल ने बताया कि गरज-चमक के कारण 33 हजार लाइन में फॉल्ट आया था जिसे दुरुस्त कर दिया गया है। जब सब स्टेशन से सप्लाई शुरू की गई तो पता चला कि 11 हजार वोल्ट की लाइन में भी फॉल्ट है। बरसात के कारण फॉल्ट को सही करने में समय लगा।

वहीं पश्चिमशरीरा क्षेत्र के महेवाघाट फीडर से जुड़े 32 और पश्चिमशरीरा से जुड़े 42 गांवों में रविवार भोर तीन बजे से बिजली बाधित रही। आपूर्ति सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे बहाल हो सकी। कारण बताया गया कि पहले 33 केवीए फिर 11 हजार लाइन का इंसुलेटर पंक्चर हो गया था, जिसे खोजने और ठीक करने में घंटों लगा। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली की यह समस्या रोजमर्रा की हो चुकी है, इससे घर से लेकर खेत तक सभी प्रभावित हो रहे हैं।

बार-बार की कटौती से किसानों को सिंचाई में दिक्कत हो रही है। दूसरी ओर लोगों को बिजली नही मिलने से उनके घरेलू कार्य प्रभावित होते हैं। भोर में हल्की गरज के साथ बरसात होने लगी और घरों के उपकरण भी बेकार हो गए हैं। -भोला यादव, बारा


बिजली नहीं रहने से सबसे अधिक परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को होती है। रात भर मच्छर काटते हैं और घर में अंधेरा रहता है। अराजक तत्वों से डर बना रहता है लेकिन विद्युत विभाग इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। -चंद्रशेखर सिंह, पूर्व प्रधान छेकवा


गरज-चमक के कारण पहले 33 हजार की लाइन में फॉल्ट हुआ था, जिसे दुरुस्त कर दिया गया। थोड़ी देर बाद 11 हजार लाइन में खराबी की जानकारी मिली। बरसात में इसे सही कराना संभव नहीं था। सुबह फॉल्ट को सही कराने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल की गई। - शंकरलाल, अवर अभियंता, गोपसहसा
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