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स्टेशनरी लेने से भी शिक्षकों ने किया इंकार
अमर उजाला ब्यूरो, काैश्ाांबी
Updated Mon, 15 Jun 2015 12:59 AM IST
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मंझनपुर। ग्रीष्म कालीन अवकाश में रैपिड सर्वे करने को जिले के शिक्षक किसी भी कीमत पर तैयार नहीं हो रहे हैं। शनिवार को प्रशिक्षण का विरोध करने के बाद रविवार को अध्यापकों ने स्टेशनरी भी नहीं ली। इसे लेकर अधिकारियों के होश उड़े हुए हैं। डीपीआरओ की मानें तो अब किसी दूसरे विकल्प की तलाश की जा रही है।
बतादें कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले सीटों का आरक्षण तय करने के लिए रैपिड सर्वे कराया जा रहा है। इस काम में परिषदीय स्कूलों के करीब 1309 सहायक अध्यापकों और 135 हेडमास्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। ग्रीष्मकालीन अवकाश होने की वजह से शिक्षक सर्वे करने को तैयार नहीं हो रहे हैं। शनिवार को सभी ब्लाकों में शिविर का आयोजन कर शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाना था। पर, ब्लाक पहुंचने के बाद शिक्षकों ने प्रशिक्षण का विरोध कर दिया।
इसके बाद अधिकारियों की ओर से देर शाम तक मनाने की कोशिशें की गईं, लेकिन बात नहीं बनी। रविवार को सर्वे के लिए स्टेशनरी लेने से भी अध्यापकों ने इंकार कर दिया। बतादें कि शिक्षकों के विरोध से जिले में रैपिड सर्वे का कार्य प्रभावित हो रहा है। डीपीआरओ आरके भारती ने बताया कि स्टेशनरी देने के लिए बुधवार को शिक्षकों को बुलाया गया है। उन्होंने दूसरा विकल्प तलाशे जाने की बात कही है। बड़ी बात यह है कि शिक्षकों पर बीएसए के समझाने का भी असर नहीं हुआ।
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रैपिड सर्वे नहीं करने की जिद पर अड़े शिक्षकों पर बीएसए अशोक कुमार ने कार्रवाई की भी चेतावनी दी है। बीएसए ने बताया कि बुधवार को सभी अध्यापकों को स्टेशनरी लेने के लिए बुलाया गया है। स्टेशनरी लेने से इंकार करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, शिक्षक संघ के सदर ब्लाक अध्यक्ष रामबाबू दिवाकर ने बताया कि संघ ने सर्वे नहीं करने का फैसला लिया है। अब यह निर्णय बदला नहीं जाएगा। कार्रवाई होगी तो और भी रास्ते हैं।
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बतादें कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले सीटों का आरक्षण तय करने के लिए रैपिड सर्वे कराया जा रहा है। इस काम में परिषदीय स्कूलों के करीब 1309 सहायक अध्यापकों और 135 हेडमास्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। ग्रीष्मकालीन अवकाश होने की वजह से शिक्षक सर्वे करने को तैयार नहीं हो रहे हैं। शनिवार को सभी ब्लाकों में शिविर का आयोजन कर शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाना था। पर, ब्लाक पहुंचने के बाद शिक्षकों ने प्रशिक्षण का विरोध कर दिया।
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इसके बाद अधिकारियों की ओर से देर शाम तक मनाने की कोशिशें की गईं, लेकिन बात नहीं बनी। रविवार को सर्वे के लिए स्टेशनरी लेने से भी अध्यापकों ने इंकार कर दिया। बतादें कि शिक्षकों के विरोध से जिले में रैपिड सर्वे का कार्य प्रभावित हो रहा है। डीपीआरओ आरके भारती ने बताया कि स्टेशनरी देने के लिए बुधवार को शिक्षकों को बुलाया गया है। उन्होंने दूसरा विकल्प तलाशे जाने की बात कही है। बड़ी बात यह है कि शिक्षकों पर बीएसए के समझाने का भी असर नहीं हुआ।
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रैपिड सर्वे नहीं करने की जिद पर अड़े शिक्षकों पर बीएसए अशोक कुमार ने कार्रवाई की भी चेतावनी दी है। बीएसए ने बताया कि बुधवार को सभी अध्यापकों को स्टेशनरी लेने के लिए बुलाया गया है। स्टेशनरी लेने से इंकार करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, शिक्षक संघ के सदर ब्लाक अध्यक्ष रामबाबू दिवाकर ने बताया कि संघ ने सर्वे नहीं करने का फैसला लिया है। अब यह निर्णय बदला नहीं जाएगा। कार्रवाई होगी तो और भी रास्ते हैं।