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Kaushambi News: कथित मुठभेड़ में अब तक पुलिसकर्मियों सहित आठ के बयान दर्ज
Tue, 10 Oct 2023 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 10 Oct 2023 12:17 AM IST
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कड़ाधाम कोतवाली क्षेत्र में पिछले सप्ताह जुआरियों व पुलिस के बीच हुई कथित मुठभेड़ में जांच तेज हो गई है। अब तक मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों सहित आठ लोगों का बयान दर्ज किया जा चुका है। जांच में फिलहाल जिस व्यक्ति को घर से पकड़ कर ले जाना बताया जा रहा है, उसे राहत मिलती नहीं दिख रही है।
कमालपुर गांव की उजमा का आरोप है कि 30 अक्तूबर को कड़ाधाम कोतवाली पुलिस उसके पति मोबीन को घर से हिरासत में लेकर गई थी। बाद में दो अक्तूबर को उसका फर्जी मुठभेड़ में चालान कर दिया गया। जबकि मोबीन को पुलिस हिरासत में लेने की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है। इसकी शिकायत पर एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने प्रकरण की जांच सीओ सिराथू को दी। सीओ अवधेश विश्वकर्मा का कहना है कि मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों समेत आठ ग्रामीणों का बयान लिया जा चुका है। जिन लोगों ने बयान दर्ज कराया, उनमें ज्यादातर का कहना था कि कड़ा इलाके में जुआरियों की फड़ सजने की लगातार सूचनाएं मिल रही थी। मोबीन का नाम सुर्खियों में आया था। फुटेज में जिस दिन की बात कही जा रही है, उस रोज पुलिस मोबीन को सिर्फ पूछताछ के लिए लाई थी। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया था। दो अक्तूबर को गिरधरपुर गांव के जंगल में सजी फड़ पर पुलिस ने छापा मारा तो जुआरियो ने फायरिंग व बमबाजी की। मुठभेड़ के बाद मौके से पुलिस गिरफ्त में आए चार लोगों में मोबीन भी शामिल था। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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कमालपुर गांव की उजमा का आरोप है कि 30 अक्तूबर को कड़ाधाम कोतवाली पुलिस उसके पति मोबीन को घर से हिरासत में लेकर गई थी। बाद में दो अक्तूबर को उसका फर्जी मुठभेड़ में चालान कर दिया गया। जबकि मोबीन को पुलिस हिरासत में लेने की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है। इसकी शिकायत पर एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने प्रकरण की जांच सीओ सिराथू को दी। सीओ अवधेश विश्वकर्मा का कहना है कि मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों समेत आठ ग्रामीणों का बयान लिया जा चुका है। जिन लोगों ने बयान दर्ज कराया, उनमें ज्यादातर का कहना था कि कड़ा इलाके में जुआरियों की फड़ सजने की लगातार सूचनाएं मिल रही थी। मोबीन का नाम सुर्खियों में आया था। फुटेज में जिस दिन की बात कही जा रही है, उस रोज पुलिस मोबीन को सिर्फ पूछताछ के लिए लाई थी। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया था। दो अक्तूबर को गिरधरपुर गांव के जंगल में सजी फड़ पर पुलिस ने छापा मारा तो जुआरियो ने फायरिंग व बमबाजी की। मुठभेड़ के बाद मौके से पुलिस गिरफ्त में आए चार लोगों में मोबीन भी शामिल था। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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