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Kaushambi News: सपा नेता रामचंद्र पासी ने भी पार्टी छोड़ी
Sat, 04 May 2024 03:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sat, 04 May 2024 03:38 AM IST
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लोकसभा चुनाव करीब आने के साथ ही समाजवादी पार्टी का दामन छोड़ने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। सपा के टिकट पर चायल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके रामचंद्र पासी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इस तरह से हफ्ते भर के भीतर जिले के तीन सपा नेता पार्टी का साथ छोड़ चुके हैं।
वर्ष 2007 में चायल विधानसभा क्षेत्र सुरक्षित थी। इस सीट से सपा ने तिल्हापुर गांव निवासी रामचंद्र को चुनावी समर में उतारा था। हालांकि, रामचंद्र बसपा का अभेद्य दुर्ग नहीं भेद सके थे। उन्हें दूसरे स्थान पर रहकर संतोष करना पड़ा।
तब से रामचंद्र लगातार पार्टी से जुड़े रहे। सपा के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज के बेटे पुष्पेंद्र सरोज को कौशाम्बी संसदीय सीट से टिकट मिलने के बाद से जिले के सपाइयों में विरोध के स्वर उठने लगे थे।
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राष्ट्रीय महासचिव पर उपेक्षा का आरोप लगाकर एक-एक कर कई सपा नेता पार्टी से इस्तीफा देने लगे। हफ्ते भर पहले इसकी शुरूआत पूर्व मंत्री मतेश चंद्र सोनकर ने की। इसके बाद पूर्व विधानसभा प्रत्याशी चंद्रबली पटेल और अब रामचंद्र पासी ने भी सपा का दामन छोड़ दिया।
इस्तीफा देते हुए रामचंद्र ने कहा कि वो राष्ट्रीय महासचिव की वजह से पार्टी छोड़ रहे हैं। सरोज ने सपा में तानाशाही का माहौल बना रखा है। इससे सपा नेता और पुराने कार्यकर्ता उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। रामचंद्र के साथ कई ग्राम प्रधानों ने भी सपा छोड़ दी है।
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वर्ष 2007 में चायल विधानसभा क्षेत्र सुरक्षित थी। इस सीट से सपा ने तिल्हापुर गांव निवासी रामचंद्र को चुनावी समर में उतारा था। हालांकि, रामचंद्र बसपा का अभेद्य दुर्ग नहीं भेद सके थे। उन्हें दूसरे स्थान पर रहकर संतोष करना पड़ा।
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तब से रामचंद्र लगातार पार्टी से जुड़े रहे। सपा के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज के बेटे पुष्पेंद्र सरोज को कौशाम्बी संसदीय सीट से टिकट मिलने के बाद से जिले के सपाइयों में विरोध के स्वर उठने लगे थे।
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राष्ट्रीय महासचिव पर उपेक्षा का आरोप लगाकर एक-एक कर कई सपा नेता पार्टी से इस्तीफा देने लगे। हफ्ते भर पहले इसकी शुरूआत पूर्व मंत्री मतेश चंद्र सोनकर ने की। इसके बाद पूर्व विधानसभा प्रत्याशी चंद्रबली पटेल और अब रामचंद्र पासी ने भी सपा का दामन छोड़ दिया।
इस्तीफा देते हुए रामचंद्र ने कहा कि वो राष्ट्रीय महासचिव की वजह से पार्टी छोड़ रहे हैं। सरोज ने सपा में तानाशाही का माहौल बना रखा है। इससे सपा नेता और पुराने कार्यकर्ता उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। रामचंद्र के साथ कई ग्राम प्रधानों ने भी सपा छोड़ दी है।