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Kaushambi News: गोराजू के शिवम बने नायब तहसीलदार
Tue, 31 Mar 2026 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 31 Mar 2026 01:31 AM IST
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गोराजू गांव के शिवम् श्रीवास्तव, फोटो स्रोत परिजन
सदर तहसील क्षेत्र के गोराजू गांव निवासी शिवम श्रीवास्तव ने कड़ी मेहनत और लगन के बल पर नायब तहसीलदार पद पर चयनित हुए हैं। उनके चयन की खबर मिलते ही गांव और आसपास के इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजन, रिश्तेदार और गांव के लोग उनके घर पहुंचकर बधाई देने लगे।
शिवम श्रीवास्तव के पिता सूरज प्रसाद श्रीवास्तव डीजीपी वायरलेस कार्यालय से सीए (क्लर्क असिस्टेंट) के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वर्तमान समय में उनका पूरा परिवार प्रयागराज के बेनीगंज क्षेत्र में रहता है। शिवम से बड़ी उनकी एक बहन श्वेता श्रीवास्तव हैं।
शिवम की प्रारंभिक शिक्षा गांव के विद्यालय से ही शुरू हुई। आगे की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का लक्ष्य तय किया और प्रयागराज में रहकर लगातार मेहनत शुरू की। उन्होंने बताया कि यह उनका दूसरा प्रयास था, जिसमें उन्हें सफलता मिली।
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शिवम का कहना है कि तैयारी के दौरान कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन परिवार और गुरुजनों के सहयोग से उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार प्रयास करते रहे। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और अपनी निरंतर मेहनत को दिया है।
शिवम ने कहा कि नायब तहसीलदार के पद पर चयन उनके जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन उनका अंतिम लक्ष्य भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में चयनित होना है।
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शिवम श्रीवास्तव के पिता सूरज प्रसाद श्रीवास्तव डीजीपी वायरलेस कार्यालय से सीए (क्लर्क असिस्टेंट) के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वर्तमान समय में उनका पूरा परिवार प्रयागराज के बेनीगंज क्षेत्र में रहता है। शिवम से बड़ी उनकी एक बहन श्वेता श्रीवास्तव हैं।
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शिवम की प्रारंभिक शिक्षा गांव के विद्यालय से ही शुरू हुई। आगे की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का लक्ष्य तय किया और प्रयागराज में रहकर लगातार मेहनत शुरू की। उन्होंने बताया कि यह उनका दूसरा प्रयास था, जिसमें उन्हें सफलता मिली।
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शिवम का कहना है कि तैयारी के दौरान कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन परिवार और गुरुजनों के सहयोग से उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार प्रयास करते रहे। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और अपनी निरंतर मेहनत को दिया है।
शिवम ने कहा कि नायब तहसीलदार के पद पर चयन उनके जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन उनका अंतिम लक्ष्य भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में चयनित होना है।