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Kaushambi News: राज्य पुरस्कार के लिए चयनित शालिनी ने कक्षा काे बना दिया हाईटेक
Sat, 02 Sep 2023 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sat, 02 Sep 2023 01:20 AM IST
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रसूलाबाद स्थित कंपोजिट विद्यालय में बच्चों को पढ़ाती सहायक अध्यापक शालिनी कुश्वाहा फाइल फोट
मंझनपुर। राज्य पुरस्कार के लिए चयनित चायल क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय रसूलाबाद की सहायक अध्यापिका शालिनी कुशवाहा ने कक्षा को ही हाईटेक बना दिया है। इसमें कक्षा एक के बच्चे कंप्यूटर पर पेंटिंग सीखते हैं। कविताएं भी प्रोजेक्टर से वीडियो देखकर सिखाई जाती है। उनकी यह क्लॉस किसी कॉन्वेंट स्कूल की कक्षा से कमजोर नहीं है।
प्रयागराज के नैनी की रहने वाली शालिनी कुशवाहा को शिक्षक दिवस पर राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए जिले के अन्य भी कई शिक्षकों ने आवेदन किया था, लेकिन परीक्षा में वह फेल हो गए। शालिनी का पूरा ध्यान सिर्फ बच्चों को बेहतर से बेहतर शिक्षा देना है। इसके लिए उन्होंने कक्षा को ही कॉन्वेंट स्कूल की कक्षाओं जैसा बना दिया है।
दीवारों पर पेंटिंग, बच्चों के बैठने के लिए कुर्सी और टेबल आदि के इंतजाम हैं। अपने पैसों से शिक्षिका ने कंप्यूटर और प्रोजेक्टर खरीदा। वह बताती हैं कि भले ही बच्चे कक्षा एक में हैं, लेकिन उन्हें अभी से कंप्यूटर के प्रति आकर्षित करने का प्रयास कर रही हूं। कंप्यूटर पर ही बच्चे पेंटिंग करते हैं। प्रोजेक्ट पर कविताओं की वीडियो लगा दी जाती है, जिससे देख वह अभ्यास करते हैं। कक्षा के ज्यादातर बच्चों को हिंदी की आठ से 10 कविताएं याद हो गई हैं। पाठ को कॉमिक्स का रूप दे दिया है, इससे बच्चे पढ़ाई में ऊबते नहीं।
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प्रदेश स्तर पर दो और जिले में पा चुकी हैं 40 पुरस्कार
मंझनपुर। शिक्षिका शालिनी कुशवाहा को इससे पहले भी राज्य स्तर पर दो पुरस्कार मिल चुके हैं। पहला पुरस्कार इंफार्मेशन एंड टेक्नोलॉजी (आईटीसी)-2018 का तो दूसरा कहानी सुनाओ प्रतियोगिता-2020 में मिला। इसके अलावा बेहतर पठन-पाठन के लिए जिले और ब्लॉक स्तर पर तो 40 से ज्यादा पुरस्कार हासिल कर चुकी हैं।
राज्य पुरस्कार के लिए चयनित शालिनी कुशवाहा के अंदर बच्चों के प्रति लगाव और शिक्षा के प्रति लगन है। मैंने भी उनकी क्लास और पढ़ाने के तरीकों को देखा है, जो प्रशंसनीय हैं।- कमलेंद्र कुमार कुशवाहा, बीएसए
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प्रयागराज के नैनी की रहने वाली शालिनी कुशवाहा को शिक्षक दिवस पर राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए जिले के अन्य भी कई शिक्षकों ने आवेदन किया था, लेकिन परीक्षा में वह फेल हो गए। शालिनी का पूरा ध्यान सिर्फ बच्चों को बेहतर से बेहतर शिक्षा देना है। इसके लिए उन्होंने कक्षा को ही कॉन्वेंट स्कूल की कक्षाओं जैसा बना दिया है।
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दीवारों पर पेंटिंग, बच्चों के बैठने के लिए कुर्सी और टेबल आदि के इंतजाम हैं। अपने पैसों से शिक्षिका ने कंप्यूटर और प्रोजेक्टर खरीदा। वह बताती हैं कि भले ही बच्चे कक्षा एक में हैं, लेकिन उन्हें अभी से कंप्यूटर के प्रति आकर्षित करने का प्रयास कर रही हूं। कंप्यूटर पर ही बच्चे पेंटिंग करते हैं। प्रोजेक्ट पर कविताओं की वीडियो लगा दी जाती है, जिससे देख वह अभ्यास करते हैं। कक्षा के ज्यादातर बच्चों को हिंदी की आठ से 10 कविताएं याद हो गई हैं। पाठ को कॉमिक्स का रूप दे दिया है, इससे बच्चे पढ़ाई में ऊबते नहीं।
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प्रदेश स्तर पर दो और जिले में पा चुकी हैं 40 पुरस्कार
मंझनपुर। शिक्षिका शालिनी कुशवाहा को इससे पहले भी राज्य स्तर पर दो पुरस्कार मिल चुके हैं। पहला पुरस्कार इंफार्मेशन एंड टेक्नोलॉजी (आईटीसी)-2018 का तो दूसरा कहानी सुनाओ प्रतियोगिता-2020 में मिला। इसके अलावा बेहतर पठन-पाठन के लिए जिले और ब्लॉक स्तर पर तो 40 से ज्यादा पुरस्कार हासिल कर चुकी हैं।
राज्य पुरस्कार के लिए चयनित शालिनी कुशवाहा के अंदर बच्चों के प्रति लगाव और शिक्षा के प्रति लगन है। मैंने भी उनकी क्लास और पढ़ाने के तरीकों को देखा है, जो प्रशंसनीय हैं।- कमलेंद्र कुमार कुशवाहा, बीएसए