{"_id":"65df45eb21c0de90d40a889c","slug":"seven-years-imprisonment-to-three-nephews-guilty-of-forcing-woman-to-commit-suicide-kaushambi-news-c-261-1-sald1003-109001-2024-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: महिला को खुदकुशी के लिए विवश करने के दोषी तीन भतीजों को सात साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: महिला को खुदकुशी के लिए विवश करने के दोषी तीन भतीजों को सात साल की सजा
Wed, 28 Feb 2024 08:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Wed, 28 Feb 2024 08:10 PM IST
विज्ञापन
अभियुक्त बिरजू।
महिला को खुदकुशी के लिए विवश करने के दोषी तीन भतीजों को सात साल की सजा
-- -20 साल पहले संपत्ति के विवाद को लेकर महिला ने ट्रेन से कटकर दी थी जान
फोटो नं-13,14,15
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। संपत्ति विवाद को लेकर ट्रेन से खुदकुशी करने वाली रनिया देवी के मामले में अदालत ने दोषी तीन भतीजों को सात-सात की सजा और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। मामले में एक आरोपी की मुकदमे के विचारण के दौरान मौत हो चुकी है। यह फैसला अपर जिला जज पूर्णिमा प्रांजल की अदालत ने सुनाया।
एडीजीसी अनिल कुमार चौधरी ने बताया कि कोखराज कोतवाली के भदवां गांव की रनिया देवी के चार बेटियां थीं। एक बेटी को उन्होंने वह अपनी देखभाल के लिए घर में रखा था। संपत्ति के विवाद को लेकर भतीजे सम्मपत, जोधे, बिरजू व छोटू से विवाद होता था। इसी को लेकर दो अगस्त 2004 को रनिया ने ट्रेन से कटकर खुदकुशी कर ली। रनिया के दामाद श्यामलाल की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ खुदकुशी के लिए विवश करने की धारा में मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे के विचारण के दौरान छोटू की मौत हो गई। बुधवार को एडीजे पूर्णिमा प्रांजल की अदालत ने सम्मत, जोधे व बिरजू को सात-सात की सजा सुनाई। इसके अलावा आरोपियों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
विज्ञापन
फोटो नं-13,14,15
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। संपत्ति विवाद को लेकर ट्रेन से खुदकुशी करने वाली रनिया देवी के मामले में अदालत ने दोषी तीन भतीजों को सात-सात की सजा और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। मामले में एक आरोपी की मुकदमे के विचारण के दौरान मौत हो चुकी है। यह फैसला अपर जिला जज पूर्णिमा प्रांजल की अदालत ने सुनाया।
एडीजीसी अनिल कुमार चौधरी ने बताया कि कोखराज कोतवाली के भदवां गांव की रनिया देवी के चार बेटियां थीं। एक बेटी को उन्होंने वह अपनी देखभाल के लिए घर में रखा था। संपत्ति के विवाद को लेकर भतीजे सम्मपत, जोधे, बिरजू व छोटू से विवाद होता था। इसी को लेकर दो अगस्त 2004 को रनिया ने ट्रेन से कटकर खुदकुशी कर ली। रनिया के दामाद श्यामलाल की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ खुदकुशी के लिए विवश करने की धारा में मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे के विचारण के दौरान छोटू की मौत हो गई। बुधवार को एडीजे पूर्णिमा प्रांजल की अदालत ने सम्मत, जोधे व बिरजू को सात-सात की सजा सुनाई। इसके अलावा आरोपियों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

अभियुक्त बिरजू।

अभियुक्त बिरजू।
विज्ञापन