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Kaushambi News: सावन माह कल से, शिव भक्तों को उपासना के लिए मिलेंगे 59 दिन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Jul 2023 12:04 AM IST
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Sawan month from tomorrow, Shiva devotees will get 59 days for worship
मंझनपुर। भगवान भोलेनाथ की पूजा का पवित्र महीना श्रावण (सावन) मास चार जुलाई (कल) से शुरू होने जा रहा है। इस बार सावन 59 दिनों का होगा, ऐसा 19 साल बाद हो रहा है। सावन में आठ सोमवार पड़ेंगे।पहला सोमवार 10 जुलाई को है, जबकि अंतिम 28 अगस्त को रहेगा। सावन के सोमवार का व्रत रखने वालों को विशेष फल की प्राप्ति होती है। इसके अलावा आठ सावन मंगला गौरी व्रत भी पड़ेंगे। पूरे महीने भक्तों को भगवान शिव और माता पार्वती की असीम कृपा प्राप्त होगी।
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हर साल एक माह के सावन मास में भगवान भोलेनाथ की आराधना की जाती है। सावन का महीना देवों के देव महादेव को समर्पित माना जाता है। इस माह शिवभक्त पूरी श्रद्धा से अपने आराध्य देव की पूजा करते हैं। हर साल सावन मास की शुरुआत आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि के अगले दिन से होती है। इस बार सावन महीने की शुरुआत चार जुलाई को होगी और 31 अगस्त को सावन समाप्त होगा। इस वर्ष शिव भक्तों को उपासना के लिए 59 दिन मिल रहे हैं। यह संयोग सैकड़ों वर्ष बाद बन रहा है, जब दो महीने का सामान एकसाथ आया हो।
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ज्योतिषाचार्य डॉ. रामसियासन शास्त्री के मुताबिक धर्म शास्त्रों में अधिक मास के स्वामी भगवान विष्णु बताए गए हैं। जबकि सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। ऐसे में इस बार सावन और अधिक मास साथ-साथ पड़ने से भगवान शिव के साथ भगवान विष्णु की भी कृपा प्राप्त होगी। हिंदू धर्म में सावन का महीना पवित्र माना जाता है। कुंवारी कन्याएं मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए 16 सोमवार का व्रत भी रखती हैं, जिसकी शुरुआत सावन महीने से ही होती है।
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हर तीसरे साल पड़ता है अधिक मास

वैदिक पंचांग की गणना और मास के आधार पर चंद्रमा 354 दिनों का होता है और सौर मास 365 दिन का होता है। इस तरह 11 दिन का अंतर आता है और तीसरे साल यह अंतर 33 दिन का हो जाता है। जिसे अधिक मास कहा जाता है।



दो महीने के सावन में आठ सोमवार
आधे सावन के बाद अधिक मास उसके बाद फिर आधा सावन का योग मिल रहा है। ऐसे में भगवान शिव की आराधना, जलाभिषेक व रुद्राभिषेक करने का फल श्रद्धालुओं को अधिक मिलता है। सबसे महत्वपूर्ण विषय यह है कि सावन महीने के सोमवार को भगवान भोलेनाथ की मुख्य आराधना मानी जाती है और दो माह के सावन में आठ सोमवार मिल रहे हैं। सावन में आठ सोमवार की तिथियों का संयोग बहुत अच्छा माना जा रहा है।
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