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Kaushambi News: सिर्फ नाम का संस्कृत विद्यालय डूंडी, यहां व्यवस्था शून्य

Wed, 11 Sep 2024 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Wed, 11 Sep 2024 02:06 AM IST
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Sanskrit school in name only, Dundi, there is zero arrangement here
सरसवां ब्लॉक के डूंडी रानीपुर स्थित रामकृपाल बालिका संस्कृत उच्च माध्यमिक विद्यालय की हालत बेहतर नहीं है। यहां पठन-पाठन का कोई माहौल ही नहीं है। कहने को तो यहां 79 बच्चे पंजीकृत हैं, लेकिन मंगलवार को विद्यालय में केवल 13 बच्चे ही मौजूद मिले।
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रामकृपाल बालिका संस्कृत उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य पुष्पा देवी समेत चार शिक्षक यज्ञेश द्विवेदी, अल्का सिंह व देवेंद्र सिंह तैनात हैं। इनके वेतन आदि में हर माह कम से कम दो लाख का खर्च आता है। इसके बाद भी यहां पढ़ाई का माहौल नहीं है। स्कूल में पंजीकृत 79 बच्चों में मंगलवार को कक्षा छह में पंजीकृत सात बच्चों के सापेक्ष तीन मौजूद मिले। कक्षा सात में पंजीकृत 12 बच्चों के सापेक्ष चार व आठवीं के पंजीकृत 15 बच्चों में केवल दो बच्चे मौजूद मिले। इनको एक कमरे में बैठाया गया था। दूसरे कक्षा में कक्षा नौ में पंजीकृत 20 बच्चों में दो और 10 में पंजीकृत 25 बच्चों में दो बच्चे ही आए थे। सभी एक कमरे में बैठे थे। यहां विद्युतीकरण की भी व्यवस्था नहीं है। ऐसे में स्कूल के कमरों में रोशनी न होने से बच्चों को पढ़ाई करने में परेशानी होती है। बिना शिक्षक के बच्चे आपस में बातें करते दिखे। शिक्षक दूसरे कमरे में बैठे कुछ काम कर रहे थे। स्कूल को देखकर नहीं लगता कि यहां सभी बच्चे कभी आए होंगे। बच्चे आ जाए तो शायद इनको बैठने का स्थान ही न पूरा पड़े। कमरे की छत टपक रही है। थोड़ा बारिश होने पर भी बैठने की समस्या आ जाती है। कमरों में सीलन है।
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स्कूल जाने का रास्ता भी नहीं
स्कूल तक पहुंचने के लिए रास्ता नहीं है। मुख्य सड़क से करीब 250 मीटर अंदर खेतों के बीच बने विद्यालय तक पहुंचने के लिए केवल पगडंडी ही सहारा है। स्कूल व बच्चे इसी किसी तरह होकर विद्यालय आते हैं। स्कूल में शौचालय की सुविधा भी बेहतर नहीं है। चहारदीवारी न होने के कारण खेत के किनारे शौचालय बना है। इसमें भी ताला बंद रहता है।
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अभी कुछ दिन पहले तक छात्र संख्या बेहतर रही है। बरसात में छत टपकती है। इसके कारण परेशानी होती है। बरसात के कारण कम बच्चे आ रहे हैं। स्कूल की हालत को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र लिखा गया है। जल्द ही व्यवस्था सही होगी- पुष्पा देवी, प्रधानाचार्य

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स्कूल की हालत बेहतर हो इसके लिए प्रोजेक्ट अलंकार के तहत इसका चयन किया गया है। भवन व फर्नीचर से जुड़ी समस्या इससे दूर की जाएगी। विद्युतीकरण स्कूल को कराना चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो जवाब मांगा जाएगा। - डॉ. एसएन यादव, डीआईओएस
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