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अब विधानसभा में गूंजेगा प्रेरकों का मुद्दा
ब्यूरो/ अमर उजाला, कौशाम्बी
Updated Sat, 13 Dec 2014 12:22 AM IST
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मंझनपुर। शिक्षा प्रेरकों की समस्याओं को विधानसभा में उठाकर जल्द ही इनकी मांगें पूरी कराई जाएंगी। सिराथू विधायक वाचस्पति के इसी आश्वासन पर प्रेरकों ने शुक्रवार को अपना धरना समाप्त कर दिया। विधायक के साथ मौजूद रहे डायट प्राचार्य ने भी उन्हें जल्द स्थानीय स्तर की सभी मागें पूरी करने का भरोसा दिलाया है। हालांकि धरना समाप्त करते हुए प्रेरकों ने ऐलान किया है कि वादाखिलाफी होने पर वे विधानसभा का घेराव करने को मजबूर होंगे।
नवीनीकरण, मानदेय के भुगतान, चयन के लिए लंबित पत्रावलियों के निस्तारण आदि मांगों को लेकर प्रेरक छह दिनों से डायट मैदान में धरना दे रहे थे। शुक्रवार को सिराथू विधायक वाचस्पति धरनास्थल पर पहुंचे और प्रेरकों से उनकी समस्याओं को जाना। विधायक ने इस मामले में मुख्यमंत्री से बात करने और प्रकरण को विधानसभा में उठाकर इनका समाधान कराने का आश्वासन उन्हें दिलाया। इस दौरान डायट प्राचार्य नरेंद्र शर्मा ने मानदेय के अलावा संविदा नवीनीकरण, लंबित पत्रावलियों के निस्तारण आदि समस्याओं को 15 जनवरी के भीतर निस्तारण कराने का आश्वासन दिया है।
सिराथू विधायक और प्राचार्य के इस आश्वासन पर शिक्षा प्रेरक मान गए। उन्होंने अपना धरना समाप्त कर दिया। जिलाध्यक्ष दीपक कुमार ने कहा कि यदि विधायक और डायट प्राचार्य अपने वादे पर खरे नहीं उतरे, तो प्रेरक विधानसभा का घेराव करने को मजबूर होंगे। इस मौके पर सुनील त्रिपाठी, मंजीत कुमार, चंद्रभान, नसीम अहमद, रवि पटेल, किशन सिंह, जुगराज सिंह, राजेश कुमार, समर बहादुर सिंह, धीरेंद्र सिंह, रंजना, आरती, रेखा, रूमा, रमेश, शिवभान आदि मौजूद रहे। बता दें कि साक्षर भारत योजना के तहत निरक्षरों को पढ़ाने के लिए कौशाम्बी में गांव-गांव लोक शिक्षा केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों में प्रेरकों की नियुक्ति की गई है। संविदा पर तैनात किए गए प्रेरकों को 17 महीने से मानदेय नहीं दिया गया है। इसी से परेशान प्रेरक छह दिनों से डायट मैदान में धरना दे रहे थे।
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नवीनीकरण, मानदेय के भुगतान, चयन के लिए लंबित पत्रावलियों के निस्तारण आदि मांगों को लेकर प्रेरक छह दिनों से डायट मैदान में धरना दे रहे थे। शुक्रवार को सिराथू विधायक वाचस्पति धरनास्थल पर पहुंचे और प्रेरकों से उनकी समस्याओं को जाना। विधायक ने इस मामले में मुख्यमंत्री से बात करने और प्रकरण को विधानसभा में उठाकर इनका समाधान कराने का आश्वासन उन्हें दिलाया। इस दौरान डायट प्राचार्य नरेंद्र शर्मा ने मानदेय के अलावा संविदा नवीनीकरण, लंबित पत्रावलियों के निस्तारण आदि समस्याओं को 15 जनवरी के भीतर निस्तारण कराने का आश्वासन दिया है।
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सिराथू विधायक और प्राचार्य के इस आश्वासन पर शिक्षा प्रेरक मान गए। उन्होंने अपना धरना समाप्त कर दिया। जिलाध्यक्ष दीपक कुमार ने कहा कि यदि विधायक और डायट प्राचार्य अपने वादे पर खरे नहीं उतरे, तो प्रेरक विधानसभा का घेराव करने को मजबूर होंगे। इस मौके पर सुनील त्रिपाठी, मंजीत कुमार, चंद्रभान, नसीम अहमद, रवि पटेल, किशन सिंह, जुगराज सिंह, राजेश कुमार, समर बहादुर सिंह, धीरेंद्र सिंह, रंजना, आरती, रेखा, रूमा, रमेश, शिवभान आदि मौजूद रहे। बता दें कि साक्षर भारत योजना के तहत निरक्षरों को पढ़ाने के लिए कौशाम्बी में गांव-गांव लोक शिक्षा केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों में प्रेरकों की नियुक्ति की गई है। संविदा पर तैनात किए गए प्रेरकों को 17 महीने से मानदेय नहीं दिया गया है। इसी से परेशान प्रेरक छह दिनों से डायट मैदान में धरना दे रहे थे।
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