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जल्द बनेगा विश्राम गृह, दी गई जमीन
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Rest house will be built soon, given land
- फोटो : KAUSHAMBI
जल्द बनेगा पर्यटक विश्राम गृह, दी गई जमीन
पर्यटन विभाग को प्रशासन ने वन चेतना के पास दी जमीन, भूमि समतलीकरण का काम शुरू
बारा। कौशाम्बी की विरासत को देखने के लिए आने वाले पर्यटकों को जल्द ही विश्राम गृह और वीआईपी के लिए सर्किट हाउस की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल इस काम के लिए अफसरों ने जमीन चिन्हित कर पर्यटन विभाग को दे दी है। जमीन के समतलीकरण का काम शुरू भी करवा दिया गया है।
चार अप्रैल 2018 को जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री ने कौशाम्बी में पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए बौद्घ स्थल में पर्यटक विश्राम गृह और सर्किट हाउस बनाने की घोषणा किया था। पर्यटन विभाग को विश्राम गृह के लिए 89.40 लाख और सर्किट हाउस के लिए 90.47 लाख रुपया स्वीकृत भी कर दिया गया। इन परियोजनाओं का काम फरवरी 2020 तक पूरा होना है। भवन निर्माण का टेंडर भी हो चुका है। इसके बाद भी पर्यटन विभाग काम शुरू नहीं करवा रहा था। इस बाबत अमर उजाला ने 24 अगस्त के अंक में आखिर कब बनेगा कौशाम्बी में पर्यटक विश्राम गृह, शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर में पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव का कहना था कि प्रशासन उन्हें जमीन नहीं दे रहना है, वहीं एसडीएम सदर सतीश चंद्र का कहना था कि पर्यटन विभाग को जमीन दे दी गई है। खबर को संज्ञान में लेने के बाद प्रशासन ने अब वन विभाग के वन चेतना के समीप विश्राम गृह और सर्किट हाउस के लिए जमीन दे दी है। पहले यह जमीन मुस्तफाबाद से कोसम जाने वाले मार्ग पर थी। इस स्थान पर गहराई ज्यादा थी। इस कारण जमीन पर निर्माण नहीं कराया जा रहा था।
वहीं कौशाम्बी में प्रस्तावित म्यूजियम हाल की जमीन का शुक्रवार को सहायक निदेशक संस्कृति विभाग ने निरीक्षण किया। इस म्यूजियम हाल में जिले की धरोहरों की कलाकृति रखी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कौशाम्बी की विलुप्त होती जा रही विरासतों को सहेजनें व संवारने के लिए अपने दौरे के दौरान म्यूजियम हाल बनाने की घोषणा की थी। वह पिछले साल चार अप्रैल को कौशाम्बी महोत्सव के दौरान आए थे। इसके बाद से सारी कवायद फाइलों में चलती रही। अब प्रशासन ने संस्कृतिक विभाग को म्यूजियम बनाने के लिए कोसम गांव में 68285 वर्ग फिट जमंीन अधिग्रहीत करके दे दी है। शुक्रवार को सांस्कृतिक विभाग की सहायक निदेशक रेनू द्घिवेदी ने चिन्हित जमीन का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि वह अपनी रिपोर्ट शासन को देगी। जल्द ही निर्माण का फैसला शासन लेगा।
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पर्यटन विभाग को प्रशासन ने वन चेतना के पास दी जमीन, भूमि समतलीकरण का काम शुरू
बारा। कौशाम्बी की विरासत को देखने के लिए आने वाले पर्यटकों को जल्द ही विश्राम गृह और वीआईपी के लिए सर्किट हाउस की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल इस काम के लिए अफसरों ने जमीन चिन्हित कर पर्यटन विभाग को दे दी है। जमीन के समतलीकरण का काम शुरू भी करवा दिया गया है।
चार अप्रैल 2018 को जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री ने कौशाम्बी में पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए बौद्घ स्थल में पर्यटक विश्राम गृह और सर्किट हाउस बनाने की घोषणा किया था। पर्यटन विभाग को विश्राम गृह के लिए 89.40 लाख और सर्किट हाउस के लिए 90.47 लाख रुपया स्वीकृत भी कर दिया गया। इन परियोजनाओं का काम फरवरी 2020 तक पूरा होना है। भवन निर्माण का टेंडर भी हो चुका है। इसके बाद भी पर्यटन विभाग काम शुरू नहीं करवा रहा था। इस बाबत अमर उजाला ने 24 अगस्त के अंक में आखिर कब बनेगा कौशाम्बी में पर्यटक विश्राम गृह, शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर में पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव का कहना था कि प्रशासन उन्हें जमीन नहीं दे रहना है, वहीं एसडीएम सदर सतीश चंद्र का कहना था कि पर्यटन विभाग को जमीन दे दी गई है। खबर को संज्ञान में लेने के बाद प्रशासन ने अब वन विभाग के वन चेतना के समीप विश्राम गृह और सर्किट हाउस के लिए जमीन दे दी है। पहले यह जमीन मुस्तफाबाद से कोसम जाने वाले मार्ग पर थी। इस स्थान पर गहराई ज्यादा थी। इस कारण जमीन पर निर्माण नहीं कराया जा रहा था।
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वहीं कौशाम्बी में प्रस्तावित म्यूजियम हाल की जमीन का शुक्रवार को सहायक निदेशक संस्कृति विभाग ने निरीक्षण किया। इस म्यूजियम हाल में जिले की धरोहरों की कलाकृति रखी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कौशाम्बी की विलुप्त होती जा रही विरासतों को सहेजनें व संवारने के लिए अपने दौरे के दौरान म्यूजियम हाल बनाने की घोषणा की थी। वह पिछले साल चार अप्रैल को कौशाम्बी महोत्सव के दौरान आए थे। इसके बाद से सारी कवायद फाइलों में चलती रही। अब प्रशासन ने संस्कृतिक विभाग को म्यूजियम बनाने के लिए कोसम गांव में 68285 वर्ग फिट जमंीन अधिग्रहीत करके दे दी है। शुक्रवार को सांस्कृतिक विभाग की सहायक निदेशक रेनू द्घिवेदी ने चिन्हित जमीन का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि वह अपनी रिपोर्ट शासन को देगी। जल्द ही निर्माण का फैसला शासन लेगा।
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