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Kaushambi News: फोरलेन सड़क मुआवजे में हुए गोलमाल मामले में होगी रिकवरी
Wed, 17 Sep 2025 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Wed, 17 Sep 2025 12:53 AM IST
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प्रयागराज से कौशाम्बी फोरलेन सड़क निर्माण के मुआवजा में की गई हेराफेरी मामले में अब कार्रवाई तेज हो गई है। लेखपाल के निलंबन के बाद राजस्व विभाग ने माना कि तत्कालीन हल्का लेखपाल ने पांच गाटों में हेराफेरी कर प्रभावित किसानों को मुआवजा न देकर दूसरों को गलत ढंग से मुआवजा दिलाया है। मामले में अब सदर एसडीएम रिकवरी के लिए नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है।
प्रयागराज से कौशाम्बी तक फोर लेन सड़क की अधिसूचना 2021मे जारी हो गई थी। अधिसूचना के बाद तत्कालीन हल्का लेखपाल ने अधिकारियों से सांठगांठ कर जमीनों को धारा 80(2) अकृषित करा कर सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है। शिकायत कर्ता अधिवक्ता इंद्रेश कुमार, अयोध्या प्रसाद, जयसिंह, पितंबर आदि के मुताबिक फोरलेन सड़क निर्माण की अधिसूचना 2021 में शासन ने जारी की थी।
तत्कालीन लेखपाल कमलेश कुमार ने काश्तकारों से साठगांठ कर वित्तीय वर्ष 2022 में आराजी संख्या 995,1032,1033,1035,1036,1037,1038,1065,1066/2,975976,1074,1073/2,1071,1075/2,1670,977,1438,1440,1002,1171/2,1073/4आदि को आकृषित(धारा80)करा कर करोड़ों रुपए सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है।
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जबकि शासनादेश है कि अधिसूचना जारी होने के बाद किसी भी भूमि को परिवर्तित करा कर लाभ नहीं दिलाया जा सकता।
मामला प्रकाश में आने के बाद डीएम मधुसूदन हुल्गी ने टीम गठित कर मामले की जांच कराई। जांच के बाद डीएम ने आरोपी लेखपाल कमलेश कुमार को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू करने के आदेश के साथ सरकार से हड़पे गए करोड़ों रुपये की रिकवरी का भी आदेश दिया है।
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प्रयागराज से कौशाम्बी तक फोर लेन सड़क की अधिसूचना 2021मे जारी हो गई थी। अधिसूचना के बाद तत्कालीन हल्का लेखपाल ने अधिकारियों से सांठगांठ कर जमीनों को धारा 80(2) अकृषित करा कर सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है। शिकायत कर्ता अधिवक्ता इंद्रेश कुमार, अयोध्या प्रसाद, जयसिंह, पितंबर आदि के मुताबिक फोरलेन सड़क निर्माण की अधिसूचना 2021 में शासन ने जारी की थी।
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तत्कालीन लेखपाल कमलेश कुमार ने काश्तकारों से साठगांठ कर वित्तीय वर्ष 2022 में आराजी संख्या 995,1032,1033,1035,1036,1037,1038,1065,1066/2,975976,1074,1073/2,1071,1075/2,1670,977,1438,1440,1002,1171/2,1073/4आदि को आकृषित(धारा80)करा कर करोड़ों रुपए सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है।
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जबकि शासनादेश है कि अधिसूचना जारी होने के बाद किसी भी भूमि को परिवर्तित करा कर लाभ नहीं दिलाया जा सकता।
मामला प्रकाश में आने के बाद डीएम मधुसूदन हुल्गी ने टीम गठित कर मामले की जांच कराई। जांच के बाद डीएम ने आरोपी लेखपाल कमलेश कुमार को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू करने के आदेश के साथ सरकार से हड़पे गए करोड़ों रुपये की रिकवरी का भी आदेश दिया है।