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वैवाहिक विवाद में दर्ज दुष्कर्म का मुकदमा समझौते से हो सकता है रद्द : हाईकोर्ट
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि आपसी अनबन में पति पत्नी के बीच शुरू हुआ दहेज और दुष्कर्म का मुकदमा समझौते के आधार पर रद्द किया जा सकता है।
इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की एकल पीठ ने कौशाम्बी की ट्रायल कोर्ट में पति के खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया।
मामला कौशाम्बी के संदीपन घाट थाना क्षेत्र का है। 2023 में पत्नी ने पति व ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज और दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। इसके बाद शुरू हुए ट्रायल को याची पति ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट ने मामले को सुलह समझौता केंद्र भेज दिया। दो नवंबर को समझौता केंद्र ने दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते की पुष्टि की।
लिहाजा, कोर्ट ने माना कि भले ही दुष्कर्म का मामला समझौता योग्य नहीं हो लेकिन वैवाहिक विवाद के साथ दर्ज हुआ है तो हाईकोर्ट अपनी अंतर्निहित शक्तियों का प्रयोग कर आपराधिक मुकदमे को रद्द कर सकता है।
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इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना की एकल पीठ ने कौशाम्बी की ट्रायल कोर्ट में पति के खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया।
मामला कौशाम्बी के संदीपन घाट थाना क्षेत्र का है। 2023 में पत्नी ने पति व ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज और दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। इसके बाद शुरू हुए ट्रायल को याची पति ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट ने मामले को सुलह समझौता केंद्र भेज दिया। दो नवंबर को समझौता केंद्र ने दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते की पुष्टि की।
लिहाजा, कोर्ट ने माना कि भले ही दुष्कर्म का मामला समझौता योग्य नहीं हो लेकिन वैवाहिक विवाद के साथ दर्ज हुआ है तो हाईकोर्ट अपनी अंतर्निहित शक्तियों का प्रयोग कर आपराधिक मुकदमे को रद्द कर सकता है।
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