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राम ने तोड़ा शिवधनुष
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Fri, 21 Oct 2016 12:32 AM IST
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दशहरा मेला करारी को लेकर कस्बे में चल रहे रामलीला मंचन में धनुष यज्ञ देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। मंचन में राजाओं ने जोर आजमाइश की पर धनुष हिला तक नहीं सके। इस लीला को देख दर्शक गदगद रहे।
करारी दशहरा मेले को लेकर कस्बे में बुंदेलखंड से आए कलाकारों द्वारा रामलीला का मंचन किया जा रहा है। बुधवार की रात कलाकारों ने धनुष यज्ञ लीला का मंचन किया। मंचन में देश के तमाम हिस्सों से राजा आए पर वह धनुष को तोड़ना तो दूर हिला तक नहीं सके। पूरी सभा में दो सुकुमार बालक ही बचे थे। इस नजारे को देख राजा जनक चिंतित हो रोने लगे। इस पर मुनि की आज्ञा पाकर भगवान राम पहुंचे और उन्होंने पलक झपकते ही शिव धनुष को तोड़ दिया। धनुष टूटते ही मंचन स्थल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद माता सीता ने हाथ में ले रखी जयमाला भगवान राम के गले में डाल दिया। नजारे को देख दर्शक गदगद रहे। कमेटी के संरक्षक रमेश चंद्र शर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात परशुराम-लक्ष्मण संवाद लीला का मंचन किया जाएगा।
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करारी दशहरा मेले को लेकर कस्बे में बुंदेलखंड से आए कलाकारों द्वारा रामलीला का मंचन किया जा रहा है। बुधवार की रात कलाकारों ने धनुष यज्ञ लीला का मंचन किया। मंचन में देश के तमाम हिस्सों से राजा आए पर वह धनुष को तोड़ना तो दूर हिला तक नहीं सके। पूरी सभा में दो सुकुमार बालक ही बचे थे। इस नजारे को देख राजा जनक चिंतित हो रोने लगे। इस पर मुनि की आज्ञा पाकर भगवान राम पहुंचे और उन्होंने पलक झपकते ही शिव धनुष को तोड़ दिया। धनुष टूटते ही मंचन स्थल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद माता सीता ने हाथ में ले रखी जयमाला भगवान राम के गले में डाल दिया। नजारे को देख दर्शक गदगद रहे। कमेटी के संरक्षक रमेश चंद्र शर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात परशुराम-लक्ष्मण संवाद लीला का मंचन किया जाएगा।
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