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राम के जयकारों से गुंजायमान हुआ सरायअकिल
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Tue, 21 Apr 2015 11:48 PM IST
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नेवादा (ब्यूरो)। कस्बे के महेश नगर मोहल्ले में स्थित शिवशक्ति धाम मंगलवार से रामकथा का शुभारंभ हुआ। इस दौरान आयोजन स्थल से जयकारों के बीच निकाली गई कलश यात्रा पूरे कस्बे में घूमी। इस धर्मयात्रा में हजारों की संख्या में भक्त शामिल रहे।
सरायअकिल कस्बे के महेशनगर में भगवान शिव का मंदिर शिवशक्ति धाम है। यहां प्रयाग के स्वामी गोपालाचार्य जी महराज के सानिध्य में संगीतमय रामकथा का आयोजन किया गया है। मंगलवार से शुरू हुई रामकथा का शुभारंभ कलश यात्रा से हुआ। आयोजन स्थल पर कलशयात्रा के लिए सुबह बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और ग्रामीण जुट गए थे। मंगलमंत्रों के बीच कलश की पूजा की गई। इसके बाद सिर पर कलश लेकर लोग भगवान के जयकारे करते राम की भक्ति में झूमते हुए पूरे कस्बे में घूमे। कलशयात्रा कस्बे की एक-एक गली से होते हुए पूरे बाजार में घूमी और आयोजन स्थल पर पहुंचकर समाप्त हुई।
इस दौरान आचार्य गिरीशचंद्र पांडेय ने लोगों को रामनाम की महिमा का बखान किया। साथ ही तुलसीकृत मानस की महत्ता भी लोगों के सामने रखी। बताया कि मानस की एक-एक चौपाई में जीवन जीने का सार निहित है। इसे आत्मसात करके ही लोग आदर्श जीवन गुजार सकते हैं। आचार्य ने बताया कि 29 अप्रैल तक संगीतमय रामकथा का वाचन किया जाएगा। 30 अप्रैल को पूर्णाहुति के साथ भंडारा होगा। इस मौके पर शास्त्री वीरेंद्र कुमार त्रिपाठी, महेश रस्तोगी, गोपाल केसरवानी, पीयूष रस्तोगी, सुशील सोनी, अनूप कुमार, पप्पू केसरवानी, दीपू, राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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सरायअकिल कस्बे के महेशनगर में भगवान शिव का मंदिर शिवशक्ति धाम है। यहां प्रयाग के स्वामी गोपालाचार्य जी महराज के सानिध्य में संगीतमय रामकथा का आयोजन किया गया है। मंगलवार से शुरू हुई रामकथा का शुभारंभ कलश यात्रा से हुआ। आयोजन स्थल पर कलशयात्रा के लिए सुबह बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और ग्रामीण जुट गए थे। मंगलमंत्रों के बीच कलश की पूजा की गई। इसके बाद सिर पर कलश लेकर लोग भगवान के जयकारे करते राम की भक्ति में झूमते हुए पूरे कस्बे में घूमे। कलशयात्रा कस्बे की एक-एक गली से होते हुए पूरे बाजार में घूमी और आयोजन स्थल पर पहुंचकर समाप्त हुई।
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इस दौरान आचार्य गिरीशचंद्र पांडेय ने लोगों को रामनाम की महिमा का बखान किया। साथ ही तुलसीकृत मानस की महत्ता भी लोगों के सामने रखी। बताया कि मानस की एक-एक चौपाई में जीवन जीने का सार निहित है। इसे आत्मसात करके ही लोग आदर्श जीवन गुजार सकते हैं। आचार्य ने बताया कि 29 अप्रैल तक संगीतमय रामकथा का वाचन किया जाएगा। 30 अप्रैल को पूर्णाहुति के साथ भंडारा होगा। इस मौके पर शास्त्री वीरेंद्र कुमार त्रिपाठी, महेश रस्तोगी, गोपाल केसरवानी, पीयूष रस्तोगी, सुशील सोनी, अनूप कुमार, पप्पू केसरवानी, दीपू, राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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