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मानदेय के लिए मंझनपुर में गरजे प्रेरक
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 03 Dec 2014 12:26 AM IST
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मंझनपुर। निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए गांव-गांव तैनात प्रेरक मानदेय नहीं मिलने से परेशान हैं। मंगलवार को प्रेरकों का गुस्सा फूट पड़ा। तमतमाए प्रेरकों ने जिला और ब्लाक समन्वयकों के साथ मिलकर तहसील दिवस मंझनपुर में प्रदर्शन किया। एसडीएम को ज्ञापन देकर हफ्तेभर का अल्टीमेटम दिया है। चेताया कि मानदेय भुगतान और नवीनीकरण नहीं किए जाने पर वे बेमियादी धरना-प्रदर्शन को बाध्य होंगे।
साक्षर भारत योजना के तहत जिले में निरक्षरों को साक्षर बनाना है। इसके लिए कौशाम्बी के सभी 440 गांवों में प्रेरकों की संविदा पर तैनाती की गई है। वहीं देखरेख के लिए ब्लाक और जिला समन्वयक की भी नियुक्ति हुई है। जुलाई 2013 में तैनात किए गए प्रेरक और समन्वयकों का आरोप है कि उन्हें अब तक मानदेय नहीं दिया जा सका है। साथ ही नवीनीकरण और खाली पड़े पदों पर नियुक्ति भी नहीं की जा रही है। समन्वयक और प्रेरकों की मानें तो कई बार जिलाधिकारी और साक्षर मिशन के तहत गठित लोक शिक्षा समिति के अध्यक्ष डायट प्राचार्य को भी समस्या के समाधान के लिए मांगपत्र दिया गया। आरोप है कि इसके बाद भी मानदेय का भुगतान और नवीनीकरण नहीं कराया जा रहा है। अफसरों की इस अनदेखी से गुस्साए समन्वयक और प्रेरकों ने मंगलवार को तहसील दिवस के मौके पर मंझनपुर तहसील में प्रदर्शन किया। एसडीएम को ज्ञापन देते हुए शिकायतकर्ताओं मानदेय भुगतान और अन्य मांगों को पूरा किए जाने के लिए आठ दिनों का अल्टीमेटम दिया है। चेताया कि यदि उनकी मांगे पूरी नहीं की गई, तो वे कलेक्ट्रेट में बेमियादी धरने पर बैठने को मजबूर होंगे। इस मौके पर समर सिंह, भोला प्रसाद, रीतेश केसरवानी, धर्मेंद्र कुमार, किशन सिंह, विनोद कुमार, सुमन देवी, प्रियंका देवी, लालती देवी, अवनीश कुमार त्रिपाठी, इकबाल अहमद, अंजना सिंह, रूचि सिंह, कमला देवी, नसीम अहमद, अंजू देवी, राज नारायण सिंह, जुगराज सिंह, दीपक मिश्र आदि मौजूद रहे।
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साक्षर भारत योजना के तहत जिले में निरक्षरों को साक्षर बनाना है। इसके लिए कौशाम्बी के सभी 440 गांवों में प्रेरकों की संविदा पर तैनाती की गई है। वहीं देखरेख के लिए ब्लाक और जिला समन्वयक की भी नियुक्ति हुई है। जुलाई 2013 में तैनात किए गए प्रेरक और समन्वयकों का आरोप है कि उन्हें अब तक मानदेय नहीं दिया जा सका है। साथ ही नवीनीकरण और खाली पड़े पदों पर नियुक्ति भी नहीं की जा रही है। समन्वयक और प्रेरकों की मानें तो कई बार जिलाधिकारी और साक्षर मिशन के तहत गठित लोक शिक्षा समिति के अध्यक्ष डायट प्राचार्य को भी समस्या के समाधान के लिए मांगपत्र दिया गया। आरोप है कि इसके बाद भी मानदेय का भुगतान और नवीनीकरण नहीं कराया जा रहा है। अफसरों की इस अनदेखी से गुस्साए समन्वयक और प्रेरकों ने मंगलवार को तहसील दिवस के मौके पर मंझनपुर तहसील में प्रदर्शन किया। एसडीएम को ज्ञापन देते हुए शिकायतकर्ताओं मानदेय भुगतान और अन्य मांगों को पूरा किए जाने के लिए आठ दिनों का अल्टीमेटम दिया है। चेताया कि यदि उनकी मांगे पूरी नहीं की गई, तो वे कलेक्ट्रेट में बेमियादी धरने पर बैठने को मजबूर होंगे। इस मौके पर समर सिंह, भोला प्रसाद, रीतेश केसरवानी, धर्मेंद्र कुमार, किशन सिंह, विनोद कुमार, सुमन देवी, प्रियंका देवी, लालती देवी, अवनीश कुमार त्रिपाठी, इकबाल अहमद, अंजना सिंह, रूचि सिंह, कमला देवी, नसीम अहमद, अंजू देवी, राज नारायण सिंह, जुगराज सिंह, दीपक मिश्र आदि मौजूद रहे।
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