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जमीन पर आ गए प्रापर्टी डीलर, फंस गए करोड़ों रुपये
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Mon, 14 Nov 2016 11:57 PM IST
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जिले में लगभग एक दर्जन से ज्यादा रियल स्टेट कंपनियों ने अपना जाल फैला रखा था। मुख्यालय समेत मुख्य मार्गों किनारे प्लाटिंग की गई थी। मुंहमांगी रकम पर कारोबारियों ने किसानों से जमीन खरीदी थी। नोट बंद होने का असर यह रहा कि प्रापर्टी डीलरों के करोड़ों रुपये फंस गए हैं। प्लाटों की बुकिंग कराने वाले भी सन्न हैं कि अब आखिर वह बाकी रकम का कहां से इंतजाम करें।
जिला मुख्यालय में प्रापर्टी डीलरों ने मोटी रकम फंसा रखी है। जहां भी उन्हें जमीन मिली, उन्होंने बिना कुछ सोचे-समझे जमीन खरीद ली। इसके लिए उन्होंने बकायदा एजेंट भी लगा रखे थे। इसका लोगों ने फायदा भी खूब उठाया था। इस कारोबार की चमक का ही असर था कि तमाम युवा भी इसमें कूद पड़े थे। उन्होंने घर की गाढ़ी कमाई इसमें फंसा रखी थी। इनके अलावा करीब दर्जन भर रियल स्टेट कंपनियों ने भी जमीन के कारोबार में करोड़ों फंसा रखा है।
पीएम मोदी ने पांच सौ व एक हजार की नोट क्या बंद की। जमीन का कारोबार करने वालों की नींद उड़ गई। वह एकदम से सकते में आ गए हैं। उनके पास जो रुपया है, उसे जमा करने की फिक्र तो है ही, अब जमीन बिकेगी अथवा नहीं। इसको लेकर भी अभी उनके बीच संशय बना हुआ है। बैंकों से रुपये के लेन-देन की जो जटिल प्रक्रिया बना दी गई है, उसको देखते हुए कारोबारियों में तमाम तरह की चर्चाएं हैं। जमीन खरीदने के लिए जो एडवांस में रकम दी गई थी, वह तो लगभग डूबती दिख रही है। जमीनों के दाम सस्ते होने के आसार दिख रहे हैं। यही कारण है कि कारोबारी बौखलाएं हुए हैं। खरीद-फरोख्त का काम ठप हो गया। जिन्होंने प्लाटों की बुकिंग करा रखी है। वह भी परेशान हैं कि वह बैनामा कराए तो कैसे।
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नहीं काम कर रहे एटीएम
जिले में लगभग 65 एटीएम में से अधिकांश ठप हैं। सोमवार को जिला मुख्यालय में दो एटीएम ही काम करते रहे। वह भी दोपहर तक खाली हो गए। इससे लोगों को तमाम दिक्कतों को सामना करना पड़ा। एटीएम काम न करने से लोगों में गुस्सा भी दिखा। ग्राहकों का कहना था कि बैंक बंद होने पर एटीएम भी एक मात्र सहारा रहता है। वह भी जरूरत के वक्त दगा दे रहा है।
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जिला मुख्यालय में प्रापर्टी डीलरों ने मोटी रकम फंसा रखी है। जहां भी उन्हें जमीन मिली, उन्होंने बिना कुछ सोचे-समझे जमीन खरीद ली। इसके लिए उन्होंने बकायदा एजेंट भी लगा रखे थे। इसका लोगों ने फायदा भी खूब उठाया था। इस कारोबार की चमक का ही असर था कि तमाम युवा भी इसमें कूद पड़े थे। उन्होंने घर की गाढ़ी कमाई इसमें फंसा रखी थी। इनके अलावा करीब दर्जन भर रियल स्टेट कंपनियों ने भी जमीन के कारोबार में करोड़ों फंसा रखा है।
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पीएम मोदी ने पांच सौ व एक हजार की नोट क्या बंद की। जमीन का कारोबार करने वालों की नींद उड़ गई। वह एकदम से सकते में आ गए हैं। उनके पास जो रुपया है, उसे जमा करने की फिक्र तो है ही, अब जमीन बिकेगी अथवा नहीं। इसको लेकर भी अभी उनके बीच संशय बना हुआ है। बैंकों से रुपये के लेन-देन की जो जटिल प्रक्रिया बना दी गई है, उसको देखते हुए कारोबारियों में तमाम तरह की चर्चाएं हैं। जमीन खरीदने के लिए जो एडवांस में रकम दी गई थी, वह तो लगभग डूबती दिख रही है। जमीनों के दाम सस्ते होने के आसार दिख रहे हैं। यही कारण है कि कारोबारी बौखलाएं हुए हैं। खरीद-फरोख्त का काम ठप हो गया। जिन्होंने प्लाटों की बुकिंग करा रखी है। वह भी परेशान हैं कि वह बैनामा कराए तो कैसे।
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नहीं काम कर रहे एटीएम
जिले में लगभग 65 एटीएम में से अधिकांश ठप हैं। सोमवार को जिला मुख्यालय में दो एटीएम ही काम करते रहे। वह भी दोपहर तक खाली हो गए। इससे लोगों को तमाम दिक्कतों को सामना करना पड़ा। एटीएम काम न करने से लोगों में गुस्सा भी दिखा। ग्राहकों का कहना था कि बैंक बंद होने पर एटीएम भी एक मात्र सहारा रहता है। वह भी जरूरत के वक्त दगा दे रहा है।