कौशाम्बी : प्रधानाचार्य ने कहे अपशब्द, नाराज छात्रों ने नवोदय विद्यालय में की तालाबंदी
टेंवा में संचालित जवाहर नवोदय विद्यालय में तमाम अव्यवस्थाएं हैं। शिक्षकों की धमकियों से डरे-सहमे बच्चे आवाज तक नहीं उठाते हैं। शनिवार सुबह पीटी में कक्षा 11 के तीन छात्र थोड़ी देर से पहुंचे। इस पर प्रधानाचार्य ने उनको अपशब्द कहे, जिससे बच्चे नाराज हो गए।
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प्रधानाचार्य द्वारा छात्रों को अपशब्द कहे जाने से जवाहर नवोदय विद्यालय के विद्यार्थी भड़क गए और विद्यालय में तालाबंदी कर गेट पर धरना देने लगे। इसकी जानकारी होने पर सदर एसडीएम और सीओ मयफोर्स विद्यालय पहुंचे और करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद विद्यार्थियों को समझाबुझा कर विद्यालय का ताला खुलवाया।
टेंवा में संचालित जवाहर नवोदय विद्यालय में तमाम अव्यवस्थाएं हैं। शिक्षकों की धमकियों से डरे-सहमे बच्चे आवाज तक नहीं उठाते हैं। शनिवार सुबह पीटी में कक्षा 11 के तीन छात्र थोड़ी देर से पहुंचे। इस पर प्रधानाचार्य ने उनको अपशब्द कहे, जिससे बच्चे नाराज हो गए। पीटी के समाप्त होते ही विद्यार्थी विद्यालय में तालाबंदी कर गेट पर धरना देने लगे।
इस दौरान बच्चे हाथ में तख्तियां भी लिए थे। बच्चों की मांग थी कि अपशब्द का प्रयोग करने पर प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की जाए। बच्चों के धरना प्रदर्शन की जानकारी होते ही सदर एसडीएम प्रखर उत्तम और सीओ केजी सिंह पहुंचे। लेकिन बच्चों ने कहा कि वह सिर्फ डीएम को ही अपनी समस्याएं बताएंगें। एसडीएम ने बच्चों के साथ ही प्रधानाचार्य सहित शिक्षकों से वार्ता की। इसके बाद एसडीएम ने आश्वासन दिया कि जो भी समस्याएं हैं, उनका समाधान कराया जाएगा। तब जाकर लगभग तीन घंटे बाद बच्चों ने धरना समाप्त किया।
विद्यालय में मिलता घटिया खाना, ड्रेस तक नहीं मिली
जवाहर नवोदय विद्यालय टेंवा में पढ़ाई छोड़ कर धरना देने वाले आठ से लेकर कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों का कहना था कि उन्हें घटिया खाना दिया जाता है, विरोध करने पर घर भेजने की धमकी दी जाती है। यही नहीं उन्हें दैनिक उपयोग का सामान समय पर नहीं दिया जाता है। छात्रों ने कहा कि कड़ाके की ठंड में अब तक उन्हें ब्लेजर तो दूर ड्रेस तक नहीं दी गई है। नहाने के लिए अधिकतर बच्चों के पास साबुन तक नहीं हैं।
एसडीएम ने छात्रों को पढ़ाया संस्कार का पाठ
एसडीएम सदर प्रखर उत्तम ने धरनारत विद्यार्थियों को संस्कार का पाठ पढ़ाया। उन्होंने बच्चों से कहा कि शिक्षक आपके माता-पिता हैं। आप देश के भविष्य हैं, जो भी समस्या हो सीधे मुझसे बताएं, तत्काल समस्या का समाधान कराया जाएगा। अभी पढ़ाई का समय है, खूब पढ़ाई करो।