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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं के खाली पड़े 410 पदों पर भर्ती की तैयारी
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जिले में 185 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं 225 सहायिकाओं के लंबे से खाली चल रहे पदों पर भर्ती होगी। शासन के आदेश के बाद बाल विकास विभाग खाली पड़े इन पदों पर समायोजन और भर्ती की तैयारी कर रहा है। इसके लिए सूची तैयार कराई जा रही है।
जिले में 1775 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। पिछले साल 60 साल या उससे अधिक उम्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सेवानिवृत्त करने व कुछ की मृत्यु के कारण कई पदा खाली हो गए। जिले में वर्तमान में आंगनबाड़ी व सहायिकाओं के 410 पद रिक्त पड़े हैं।
इसकी वजह से केंद्रों के संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। इन पदों पर नई भर्ती के लिए शासन ने हाल ही में आदेश जारी किए हैं। आदेशों में यह भी उल्लेख किया गया है कि नई भर्ती से पहले वर्तमान में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं का उनकी सहमति से समायोजित किया जाए। इस प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद ही नई भर्तियां की जाएंगी।
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डीपीओ सुरेश कुमार गुप्ता ने बताया कि जिले में कुल 410 रिक्त पदों पर भर्ती होनी है। शासन ने इस भर्ती से पहले इच्छुक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को समायोजन का मौका दिया है। पहले चरण में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को समायोजन का मौका मिलेगा।
इसके बाद जो पद खाली रह जाएंगे, उन पर आरक्षण के हिसाब से नए सिरे से भर्ती होगी। जिन स्थानों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका पद रिक्त हैं, वहीं पर आरक्षण के हिसाब से समायोजन का मौका दिया जाएगा। समायोजन होने के बाद जिले में नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।
डीएम के अनुमोदन के बाद रिक्त पदों की स्थिति होगी स्पष्ट
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि इसके लिए जल्द ही आवेदन लिए जाएंगे। आवेदनों का सीडीपीओ से सत्यापन कराने के बाद डीएम से अनुमोदन कराकर उनका समायोजन कर दिया जाएगा। इसके बाद ही आरक्षण के हिसाब से रिक्त पदों की वास्तविक स्थिति पता लग पाएगी।
शादी होकर दूसरे जिलों में गई कार्यकर्ताओं को भी मौका
समायोजन प्रक्रिया में उन कार्यकर्ताओं को भी मौका मिलेगा जो शादी या पति के स्थानांतरण के बाद दूसरे जिलों में चली गई हैं। डीपीओ ने बताया कि उन्हें उस जिले के डीएम से अनुमति लेनी होगी। इसके बाद यदि उस जिले में आरक्षण के हिसाब से जगह रिक्त होगी तो वहां समायोजन हो सकेगा।
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जिले में 1775 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। पिछले साल 60 साल या उससे अधिक उम्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सेवानिवृत्त करने व कुछ की मृत्यु के कारण कई पदा खाली हो गए। जिले में वर्तमान में आंगनबाड़ी व सहायिकाओं के 410 पद रिक्त पड़े हैं।
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इसकी वजह से केंद्रों के संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। इन पदों पर नई भर्ती के लिए शासन ने हाल ही में आदेश जारी किए हैं। आदेशों में यह भी उल्लेख किया गया है कि नई भर्ती से पहले वर्तमान में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं का उनकी सहमति से समायोजित किया जाए। इस प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद ही नई भर्तियां की जाएंगी।
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डीपीओ सुरेश कुमार गुप्ता ने बताया कि जिले में कुल 410 रिक्त पदों पर भर्ती होनी है। शासन ने इस भर्ती से पहले इच्छुक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को समायोजन का मौका दिया है। पहले चरण में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को समायोजन का मौका मिलेगा।
इसके बाद जो पद खाली रह जाएंगे, उन पर आरक्षण के हिसाब से नए सिरे से भर्ती होगी। जिन स्थानों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका पद रिक्त हैं, वहीं पर आरक्षण के हिसाब से समायोजन का मौका दिया जाएगा। समायोजन होने के बाद जिले में नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।
डीएम के अनुमोदन के बाद रिक्त पदों की स्थिति होगी स्पष्ट
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि इसके लिए जल्द ही आवेदन लिए जाएंगे। आवेदनों का सीडीपीओ से सत्यापन कराने के बाद डीएम से अनुमोदन कराकर उनका समायोजन कर दिया जाएगा। इसके बाद ही आरक्षण के हिसाब से रिक्त पदों की वास्तविक स्थिति पता लग पाएगी।
शादी होकर दूसरे जिलों में गई कार्यकर्ताओं को भी मौका
समायोजन प्रक्रिया में उन कार्यकर्ताओं को भी मौका मिलेगा जो शादी या पति के स्थानांतरण के बाद दूसरे जिलों में चली गई हैं। डीपीओ ने बताया कि उन्हें उस जिले के डीएम से अनुमति लेनी होगी। इसके बाद यदि उस जिले में आरक्षण के हिसाब से जगह रिक्त होगी तो वहां समायोजन हो सकेगा।