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Kaushambi News: 13 साल जेल में रहने के बाद भी पुलिस नहीं पेश कर सकी गवाह
Fri, 22 Mar 2024 02:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 22 Mar 2024 02:35 AM IST
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अभियुुक्त अशोक।
मंझनपुर। गैंगस्टर के एक मामले में 13 साल बाद भी पूरामुफ्ती पुलिस कोर्ट में आरोपी के खिलाफ गवाह नहीं प्रस्तुत कर सकी। इससे परेशान आरोपी ने कोर्ट में प्रस्तुत होकर जुर्म कुबूल कर लिया। इस पर बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट आभा पाल की अदालत ने आरोपी को जेल में बिताई अवधि व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुना दी।
पुरामुफ्ती थाना पुलिस ने वर्ष 2011 में कोइलहा निवासी अशोक पासी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया था। तत्कालीन जिलाधिकारी की संस्तुति के बाद थाना पुलिस ने विवेचनात्मक कार्रवाई कर आरोपी के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। गिरफ्तारी के बाद से वह पांच साल एक महीने जेल में रह चुका है। करीब 13 साल तक अदालत का चक्कर लगाने के बाद भी पुलिस कोर्ट के समक्ष कोई भी गवाह पेश नहीं कर सकी। इससे आजिज आकर आरोपी ने बृहस्पतिवार को कोर्ट के सामने पेश होकर अपना जुर्म कुबूल कर लिया। पुलिस की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश केसरवानी ने मुकदमे की पैरवी की। अदालत ने आरोपी को जेल में बिताई अवधि व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुना दी। इस पर आरोपी ने बृहस्पतिवार को ही अर्थ दंड की रकम कोर्ट में जमा कर दिया। अदालत ने आरोपित को नियमानुसार जेल से रिहाई करने के लिए जेल प्रशासन को आदेश भेज दिया है।
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पुरामुफ्ती थाना पुलिस ने वर्ष 2011 में कोइलहा निवासी अशोक पासी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया था। तत्कालीन जिलाधिकारी की संस्तुति के बाद थाना पुलिस ने विवेचनात्मक कार्रवाई कर आरोपी के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। गिरफ्तारी के बाद से वह पांच साल एक महीने जेल में रह चुका है। करीब 13 साल तक अदालत का चक्कर लगाने के बाद भी पुलिस कोर्ट के समक्ष कोई भी गवाह पेश नहीं कर सकी। इससे आजिज आकर आरोपी ने बृहस्पतिवार को कोर्ट के सामने पेश होकर अपना जुर्म कुबूल कर लिया। पुलिस की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश केसरवानी ने मुकदमे की पैरवी की। अदालत ने आरोपी को जेल में बिताई अवधि व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुना दी। इस पर आरोपी ने बृहस्पतिवार को ही अर्थ दंड की रकम कोर्ट में जमा कर दिया। अदालत ने आरोपित को नियमानुसार जेल से रिहाई करने के लिए जेल प्रशासन को आदेश भेज दिया है।
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