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आर्थिक तंगी से जूझ रहे युवक ने लगाई फांसी
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पश्चिमशरीरा। लॉकडाउन के कारण आर्थिक तंगी से परेशान महेवाघाट इलाके के बैरागीपुर गांव में रहने वाले एक युवक ने बुधवार रात फांसी लगाकर जान दे दी। गुरुवार सुबह सुबह पशुबाड़े में उसका शव फंदे पर लटकता देख परिजन चीख पड़े। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बैरागीपुर निवासी रमेश प्रसाद (29) पुत्र लालमन ने बीटीसी कर रखा था। इसके बाद भी उसे नौकरी नहीं मिल सकी थी। काम की तलाश में कुछ महीने पहले वह दिल्ली चला गया था। वहीं किसी प्राइवेट फैक्ट्री में नौकरी करता था। कोविड-19 के चलते लॉकडाउन हुआ और फैक्ट्री बंद हुई तो 20 अप्रैल को रमेश घर लौट आया। यहां गांव के बाहर एक कमरे में 14 दिन क्वारंटीन रहा। पीड़ित भाई राकेश कुमार ने बताया कि एकांतवास बीताने के बाद रमेश मानसिक रूप से बीमार होने जैसी हरकतें करने लगा था। अक्सर कहता था कि उसे कोरोना हो गया है। अब पुलिस पकड़ ले जाएगी।
काम-धंधा नहीं मिलने को लेकर भी तमाम तरह की बातें करता रहता था। परिजन इलाज कराने के साथ झाड़-फूंक भी करा रहे थे। इसी बीच बुधवार रात रमेश चुपके से अपने पशुबाड़े में पहुंचे। वहां उसने फांसी लगाकर जान दे दी। सुबह युवक को फंदे पर लटकता देख परिवार वाले दहाड़े मारकर रो पड़े। चीख-पुकार सुन मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। मामले में महेवाघाट कोतवाल रमेश पटेल का कहना है कि किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिली तो रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई की जाएगी।
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बैरागीपुर निवासी रमेश प्रसाद (29) पुत्र लालमन ने बीटीसी कर रखा था। इसके बाद भी उसे नौकरी नहीं मिल सकी थी। काम की तलाश में कुछ महीने पहले वह दिल्ली चला गया था। वहीं किसी प्राइवेट फैक्ट्री में नौकरी करता था। कोविड-19 के चलते लॉकडाउन हुआ और फैक्ट्री बंद हुई तो 20 अप्रैल को रमेश घर लौट आया। यहां गांव के बाहर एक कमरे में 14 दिन क्वारंटीन रहा। पीड़ित भाई राकेश कुमार ने बताया कि एकांतवास बीताने के बाद रमेश मानसिक रूप से बीमार होने जैसी हरकतें करने लगा था। अक्सर कहता था कि उसे कोरोना हो गया है। अब पुलिस पकड़ ले जाएगी।
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काम-धंधा नहीं मिलने को लेकर भी तमाम तरह की बातें करता रहता था। परिजन इलाज कराने के साथ झाड़-फूंक भी करा रहे थे। इसी बीच बुधवार रात रमेश चुपके से अपने पशुबाड़े में पहुंचे। वहां उसने फांसी लगाकर जान दे दी। सुबह युवक को फंदे पर लटकता देख परिवार वाले दहाड़े मारकर रो पड़े। चीख-पुकार सुन मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। मामले में महेवाघाट कोतवाल रमेश पटेल का कहना है कि किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिली तो रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई की जाएगी।
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