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जिला अस्पताल के कोरोना वार्ड में भर्ती मरीजों ने किया हंगामा
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जिला अस्पताल के कोरोना वार्ड में भर्ती मरीजों ने किया हंगामा
बदहाल शौचालय और पेयजल की व्यवस्था नहीं होने का लगाया आरोप
जिला अस्पताल में भर्ती है 47 कोरोना संक्रमित
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। जिला अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीज शौचालयों की बदहाली और पानी की उचित व्यवस्था नहीं होने पर शुक्रवार सुबह हंगामा किया। हंगामे का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल किया गया। जानकारी पर सीएमएस ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
जिला अस्पताल को कोविड-19 के एल-2 का दर्जा दिया गया है। यहां महिला वार्ड और एनआरसी में कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती किए गए हैं। अस्पताल में इन दिनों 47 कोरोना संक्रमित भर्ती हैं। शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे मरीज वार्ड से बाहर निकल कर हंगामा करने लगे। इनका कहना था कि वार्ड में गर्मी ज्यादा है। सिर्फ दो शौचालय हैं। इसमें 47 मरीज शौच के लिए जाते हैं। शौचालयों की नियमित सफाई नहीं कराई जाती। इसकी वजह से गंदगी से बजबजा रहे हैं। पेयजल की भी उचित व्यवस्था नहीं है। मरीजों की सूचना के बाद भी अस्पताल का स्टाफ उनकी नहीं सुन रहा है। यहां मरीजों को बंदी की तरह रखा गया है। मरीजों के हंगामे की जानकारी होने पर सीएमएस डॉ. दीपक सेठ मौके पर पहुंचे। सीएमएस ने बताया सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक वार्ड में एसी नहीं लगाया जा सकता। रहीं बात शौचालय की साफ-सफाई व पेयजल की तो वह इसका इंतजाम कराएंगे। सीएमएस के आश्वासन के बाद वार्ड से निकल कर हंगामा करने वाले मरीज वापस अपने बेड पर चले गए। इस बाबत सीएमएस का कहना है पिछले दिनों कुछ रसूखदार घरों के मरीज अस्पताल में आए हैं। वे लोग एसी लगवाने की मांग कर रहे हैं। गाइड लाइन के मुताबिक वार्ड में एसी नहीं लगवाया जा सकता। इस वजह से कुछ मरीजों ने हंगामा किया था। समझाने के बाद वे लोग वार्ड में चले गए। अस्पताल के वार्ड में शौचालय की व्यवस्था है। रहा सवाल पानी का तो खाना देने वाला ठेकेदार बोतल बंद पानी पहुंचाता है। मरीजों के अन्य आरोप बेबुनियाद है।
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बदहाल शौचालय और पेयजल की व्यवस्था नहीं होने का लगाया आरोप
जिला अस्पताल में भर्ती है 47 कोरोना संक्रमित
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। जिला अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीज शौचालयों की बदहाली और पानी की उचित व्यवस्था नहीं होने पर शुक्रवार सुबह हंगामा किया। हंगामे का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल किया गया। जानकारी पर सीएमएस ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
जिला अस्पताल को कोविड-19 के एल-2 का दर्जा दिया गया है। यहां महिला वार्ड और एनआरसी में कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती किए गए हैं। अस्पताल में इन दिनों 47 कोरोना संक्रमित भर्ती हैं। शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे मरीज वार्ड से बाहर निकल कर हंगामा करने लगे। इनका कहना था कि वार्ड में गर्मी ज्यादा है। सिर्फ दो शौचालय हैं। इसमें 47 मरीज शौच के लिए जाते हैं। शौचालयों की नियमित सफाई नहीं कराई जाती। इसकी वजह से गंदगी से बजबजा रहे हैं। पेयजल की भी उचित व्यवस्था नहीं है। मरीजों की सूचना के बाद भी अस्पताल का स्टाफ उनकी नहीं सुन रहा है। यहां मरीजों को बंदी की तरह रखा गया है। मरीजों के हंगामे की जानकारी होने पर सीएमएस डॉ. दीपक सेठ मौके पर पहुंचे। सीएमएस ने बताया सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक वार्ड में एसी नहीं लगाया जा सकता। रहीं बात शौचालय की साफ-सफाई व पेयजल की तो वह इसका इंतजाम कराएंगे। सीएमएस के आश्वासन के बाद वार्ड से निकल कर हंगामा करने वाले मरीज वापस अपने बेड पर चले गए। इस बाबत सीएमएस का कहना है पिछले दिनों कुछ रसूखदार घरों के मरीज अस्पताल में आए हैं। वे लोग एसी लगवाने की मांग कर रहे हैं। गाइड लाइन के मुताबिक वार्ड में एसी नहीं लगवाया जा सकता। इस वजह से कुछ मरीजों ने हंगामा किया था। समझाने के बाद वे लोग वार्ड में चले गए। अस्पताल के वार्ड में शौचालय की व्यवस्था है। रहा सवाल पानी का तो खाना देने वाला ठेकेदार बोतल बंद पानी पहुंचाता है। मरीजों के अन्य आरोप बेबुनियाद है।
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