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धान क्रय केंद्रों पर लटक रहे ताले, कागजों पर खरीद
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Mon, 05 Dec 2016 12:24 AM IST
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जिले के किसानों का धान खरीदने के लिए खोले गए क्रय केंद्रों पर ताले लटक रहे हैं। धान की खरीद महकमे के जिम्मेदार सिर्फ कागजों पर कर रहे हैं। धान खरीद न होने से जिले के किसानों का हाल बेहाल है। मामले की शिकायत आला अफसरों से किए जाने के बाद भी खरीद नहीं शुरू हो रही है। उधर क्रय केंद्रों पर धान लेकर पहुंचने वाले किसानों को बगैर तौल कराए ही लौटना पड़ रहा है।
खरीफ विपणन वर्ष 2016-17 अंतर्गत 32 क्रय केंद्रों पर किसानों का 30 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य शासन ने निर्धारित कर रखा है। किसानों को कोई परेशानी न हो इसके लिए एक नवंबर से क्रय केंद्रों को संचालित किए जाने का निर्देश दिया गया था। नवंबर माह बीत जाने के बाद धान खरीद क्रय केंद्रों पर शुरू नहीं हो सकी। ओसा मंडी में खुले एक धान क्रय केंद्र में तो पूरे नवंबर ताला लटकता रहा। दिसंबर में भी जिम्मेदारों ने क्रय केंद्र पर धान की खरीद शुरू नहीं कराई। दूसरी ओर कागजों पर धीरे-धीरे लक्ष्य की प्राप्ति हो रही है। इससे धान खरीद में खेल होता दिख रहा है। उधर किसान हैं कि गाढ़ी कमाई बेचने के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
क्रय केंद्रों पर धान ले जाने के बाद लौट रहे किसान मजबूर होकर औने-पौने दामों पर गाढ़ी कमाई की उपज को स्थानीय व्यापारियों के हाथ बेच रहे हैं। बानगी के तौर पर म्योहर गांव के किसान मुन्नू बाबू को लिया जा सकता है। इनके पास लगभग 30 कुंतल धान था। क्रय केंद्र विजिया में खरीद शुरू न होने के कारण इन्होंने लगभग 15 कुंतल धान स्थानीय व्यापारी के हाथ बेच दिया है। बचे हुए धान को क्रय केंद्र पर खरीद शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि मामले की जानकारी डिप्टी आरएमओ सहित जिले के आला अफसरों को नहीं है। इसके बावजूद किसानों के धान खरीद में तेजी आती नहीं दिख रही है।
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15 से 20 किलोमीटर दूर बने हैं केंद्र
जिले के किसानों का धान खरीदने के लिए क्रय केद्रों को सुविधा को ध्यान में रखते हुए नहीं खोला गया। इसके चलते क्रय केंद्रों तक धान पहुंचाने में किसानों को भाड़े के रूप में मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है। बानगी के तौर पर विकास खंड कौशाम्बी के धान क्रय केंद्रों को लिया जा सकता है। पूरे ब्लॉक के किसानों के धान की खरीद विजिया स्थित हाटशाखा और गुरुकृपा साधन सहकारी समिति के केंद्र को करनी है। लेकिन यहां पर एक केंद्र तो तौल कराने के लिए टोकन बांट रहा पर दूसरे केंद्र का ताला ही नहीं खुल रहा। इससे इलाके के किसानों गाढ़ी कमाई बेचने के लिए हलाकान हैं।
मैने हाल ही में चार्ज लिया है। क्रय केंद्रों में खरीद की क्या स्थिति है इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। यदि क्रय केंद्रों पर खरीद की प्रगति धीमी है तो डिप्टी आरएमओ से जवाब तलब किया जाएगा।
आर के श्रीवास्तव, एडीएम
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खरीफ विपणन वर्ष 2016-17 अंतर्गत 32 क्रय केंद्रों पर किसानों का 30 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य शासन ने निर्धारित कर रखा है। किसानों को कोई परेशानी न हो इसके लिए एक नवंबर से क्रय केंद्रों को संचालित किए जाने का निर्देश दिया गया था। नवंबर माह बीत जाने के बाद धान खरीद क्रय केंद्रों पर शुरू नहीं हो सकी। ओसा मंडी में खुले एक धान क्रय केंद्र में तो पूरे नवंबर ताला लटकता रहा। दिसंबर में भी जिम्मेदारों ने क्रय केंद्र पर धान की खरीद शुरू नहीं कराई। दूसरी ओर कागजों पर धीरे-धीरे लक्ष्य की प्राप्ति हो रही है। इससे धान खरीद में खेल होता दिख रहा है। उधर किसान हैं कि गाढ़ी कमाई बेचने के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
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क्रय केंद्रों पर धान ले जाने के बाद लौट रहे किसान मजबूर होकर औने-पौने दामों पर गाढ़ी कमाई की उपज को स्थानीय व्यापारियों के हाथ बेच रहे हैं। बानगी के तौर पर म्योहर गांव के किसान मुन्नू बाबू को लिया जा सकता है। इनके पास लगभग 30 कुंतल धान था। क्रय केंद्र विजिया में खरीद शुरू न होने के कारण इन्होंने लगभग 15 कुंतल धान स्थानीय व्यापारी के हाथ बेच दिया है। बचे हुए धान को क्रय केंद्र पर खरीद शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि मामले की जानकारी डिप्टी आरएमओ सहित जिले के आला अफसरों को नहीं है। इसके बावजूद किसानों के धान खरीद में तेजी आती नहीं दिख रही है।
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15 से 20 किलोमीटर दूर बने हैं केंद्र
जिले के किसानों का धान खरीदने के लिए क्रय केद्रों को सुविधा को ध्यान में रखते हुए नहीं खोला गया। इसके चलते क्रय केंद्रों तक धान पहुंचाने में किसानों को भाड़े के रूप में मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है। बानगी के तौर पर विकास खंड कौशाम्बी के धान क्रय केंद्रों को लिया जा सकता है। पूरे ब्लॉक के किसानों के धान की खरीद विजिया स्थित हाटशाखा और गुरुकृपा साधन सहकारी समिति के केंद्र को करनी है। लेकिन यहां पर एक केंद्र तो तौल कराने के लिए टोकन बांट रहा पर दूसरे केंद्र का ताला ही नहीं खुल रहा। इससे इलाके के किसानों गाढ़ी कमाई बेचने के लिए हलाकान हैं।
मैने हाल ही में चार्ज लिया है। क्रय केंद्रों में खरीद की क्या स्थिति है इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। यदि क्रय केंद्रों पर खरीद की प्रगति धीमी है तो डिप्टी आरएमओ से जवाब तलब किया जाएगा।
आर के श्रीवास्तव, एडीएम