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Kaushambi News: एक चिकित्सक ने दिया इस्तीफा तो दूसरे ट्रेनिंग पर, पीएचसी फार्मासिस्ट के सहारे

Sun, 30 Jun 2024 04:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Sun, 30 Jun 2024 04:10 AM IST
सार

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चमरूपुर में अमहा, बेलहा, चमंधा, फकीरबक्श का पुरवा, महेशपुर, झंझागढ़ समेत आसपास के अन्य मोहल्लों व गांवों के लोग इलाज कराने आते हैं। अमूमन 30 से 35 मरीज रोज आते हैं। पहले पीएचसी में आयुष चिकित्सक डॉ. नम्रता मिश्रा और डॉ. सुधीर वर्मा (एमबीबीएस) तैनात थे।

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One doctor resigned and the other on training, with the help of PHC pharmacist
Medical, Doctor - फोटो : istock

विस्तार

नगर पालिका क्षेत्र के चमरूपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) इस वक्त फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है। यहां तैनात एक चिकित्सक ने करीब 20 दिन पहले इस्तीफा दे दिया है। दूसरे चिकित्सक ट्रेनिंग लेने लखनऊ गए हैं। फार्मासिस्ट के भरोसे इलाज हो रहा है।

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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चमरूपुर में अमहा, बेलहा, चमंधा, फकीरबक्श का पुरवा, महेशपुर, झंझागढ़ समेत आसपास के अन्य मोहल्लों व गांवों के लोग इलाज कराने आते हैं। अमूमन 30 से 35 मरीज रोज आते हैं। पहले पीएचसी में आयुष चिकित्सक डॉ. नम्रता मिश्रा और डॉ. सुधीर वर्मा (एमबीबीएस) तैनात थे।
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डॉ. नम्रता मिश्रा का चयन रायबरेली जनपद में इसी पद पर हो गया। इसके चलते वह 10 जून को त्यागपत्र देकर यहां से चली गईं। इसके बाद डॉ. सुधीर वर्मा ही बचे थे। 25 जून को उन्हें भी 15 दिन की एक ट्रेनिंग के लिए लखनऊ जाना पड़ा। इलाज के लिए अब यहां कोई डॉक्टर नहीं है, न ही किसी को भेजा गया। फार्मासिस्ट राजेंद्र सिंह के कंधों पर ही पीएचसी की पूरी जिम्मेदारी आ गई। मरीजों को दवाएं देना तो उनका मूल काम है ही, अब रोगियों को चिकित्सीय सलाह भी उन्हीं को देनी पड़ रही है।

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ज्यादा दिक्कत होगी तो जाएंगे सीएचसी

शनिवार को भी करीब 30 मरीजों ने फार्मासिस्ट से उपचार कराया। ककाेढ़ा की रेखा, माया देवी, अमहा की किरण देवी, गरीब का पुरवा के मनोज कुमार, बघेलापुर के मोतीलाल ने पीएचसी में फार्मासिस्ट से दवाएं लीं। कोई बुखार से पीड़ित था तो त्वचा रोग से। इनका कहना था कि डॉक्टर को दिखाने आए थे, लेकिन पता चला कि वह हैं ही नहीं। फार्मासिस्ट ने दवा दी है। आराम मिल गया तो ठीक अन्यथा, दोबारा यहां नहीं आएंगे। मजबूरन सीएचसी मूरतगंज या फिर मंझनपुर स्थित मेडिकल कॉलेज जाना पड़ेगा।


पीएचसी चमरूपुर में दो चिकित्सक थे। जिनमें से एक ने त्यागपत्र दे दिया है। वहीं दूसरे चिकित्सक प्रशिक्षण के लिए लखनऊ गए हैं। उच्चाधिकारियों से वार्ता करके दूसरे चिकित्सक को यहां संबद्ध कराया जाएगा, ताकि मरीजों को किसी तरह की दिक्कत न हो। - डॉ. औचित्य सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सीएचसी, सिराथू

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