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Kaushambi News: इंश्योरेंस कंपनी ही नहीं, कैसे हो फसलों का बीमा
Tue, 11 Jul 2023 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 11 Jul 2023 01:13 AM IST
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कृषि विभाग की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से किसान पहले ही नाखुश थे। इंश्योरेंस कंपनी निर्धारित न होने से योजना और भी गर्त में जा रही है। एक अप्रैल से 31 जुलाई तक फसलों का बीमा कराने का समय है, लेकिन अभी तक कंपनी का कहीं कोई अता-पता नहीं है।
बारिश, मौसम व अन्य दैवीय आपदा से फसल को होने वाले नुकसान पर किसानों को कुछ राहत देने के लिए सरकार ने यह योजना चला रखी है। हर साल शासन स्तर से टेंडर निकाल कर बीमा कंपनी का चयन किया जाता है। खरीफ और रबी दोनों सीजन में कंपनी फसलों का बीमा करती है। खरीफ के सीजन में एक अप्रैल से लेकर 31 जुलाई तक बीमा किया जाता है।
यह समय फसलों की बोआई का है, लेकिन अब तक इंश्योरेंस कंपनी ही निर्धारित नहीं हो पाई है। नुकसान के बाद भी मुआवजा न मिलने से किसानों का मोह पहले ही इस योजना से भंग हो गया था। इस बार सरकारी तंत्र की ढिलाई योजना पर भारी पड़ रही है।
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पहले साल हुआ था सबसे अधिक बीमा
कहने को तो जनपद में 2.21 लाख किसान हैं, लेकिन अपनी फसलों का बीमा कराने वाले की संख्या 18 हजार से ऊपर नहीं गई। 18 हजार की यह संख्या भी योजना की शुरुआत में रही। इसके बाद किसानों की संख्या घटती गई। इंश्योरेंस कराने वालों में भी सबसे ज्यादा संख्या उनकी रही, जो किसान केसीसी धारक हैं। कारण, इनकी फसलों के बीमे की राशि खुद ही कट जाती है।
फसल सीजन- किसान - प्रीमियम - लाभान्वित किसान - भुगतान
खरीफ 2020-- 18249 -- 420.58 -- 916 -- 35.51
रबी 2020-21-- 15764 -- 639.86 -- 640 -- 10.35
खरीफ 2021-- 14892 -- 307.7 -- 1159 -- 31.53
रबी 2021-22-- 14838 -- 494.04 -- 491 -- 16.93
खरीफ 2022-- 15654 -- 322.87 -- 01 -- 0.23
रबी 2022-23-- 13471 -- 506.34 -- 506 -- 00
फसलों का बीमा कराते हुए करीब 20 साल से अधिक समय बीत गया। अब तक एक बार भी योजना का लाभ नहीं मिला, सिर्फ प्रीमियम ही जमा किया है, जबकि कई बार भारी नुकसान हुआ। एक बार तो पूरा धान खराब हो गया था। खरीद कर चावल खाना पड़ा, लेकिन बीमा का लाभ नहीं मिला। इस बार योजना का लाभ नहीं लूंगा।
रिजवान, चपहुंआ, मूरतगंज
फसल बीमा योजना का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। हर साल ढाई से तीन हजार रुपये केसीसी से कट जाते हैं। कई बार फसलें मौसम की मार से खराब भी हुईं, लेकिन मुआवजे की एक फूटी कौड़ी भी नहीं मिली। बैंक के मैनेजर से बात कर ली है, इस बार आवेदन देकर बीमा न करने की अपील करूंगा।
संतोष पटेल, पिपरी, चरवा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ देने के लिए कुछ मानक और नियम हैं। इन मानकों और नियमों के पूरे होने पर बीमा का लाभ मिलता है। इस बार अभी इंश्योरेंस कंपनी निर्धारित नहीं हुई है। इसलिए बीमा नहीं हो पा रहा है।
मनोज कुमार गौतम-जिला कृषि अधिकारी
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बारिश, मौसम व अन्य दैवीय आपदा से फसल को होने वाले नुकसान पर किसानों को कुछ राहत देने के लिए सरकार ने यह योजना चला रखी है। हर साल शासन स्तर से टेंडर निकाल कर बीमा कंपनी का चयन किया जाता है। खरीफ और रबी दोनों सीजन में कंपनी फसलों का बीमा करती है। खरीफ के सीजन में एक अप्रैल से लेकर 31 जुलाई तक बीमा किया जाता है।
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यह समय फसलों की बोआई का है, लेकिन अब तक इंश्योरेंस कंपनी ही निर्धारित नहीं हो पाई है। नुकसान के बाद भी मुआवजा न मिलने से किसानों का मोह पहले ही इस योजना से भंग हो गया था। इस बार सरकारी तंत्र की ढिलाई योजना पर भारी पड़ रही है।
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पहले साल हुआ था सबसे अधिक बीमा
कहने को तो जनपद में 2.21 लाख किसान हैं, लेकिन अपनी फसलों का बीमा कराने वाले की संख्या 18 हजार से ऊपर नहीं गई। 18 हजार की यह संख्या भी योजना की शुरुआत में रही। इसके बाद किसानों की संख्या घटती गई। इंश्योरेंस कराने वालों में भी सबसे ज्यादा संख्या उनकी रही, जो किसान केसीसी धारक हैं। कारण, इनकी फसलों के बीमे की राशि खुद ही कट जाती है।
फसल सीजन- किसान - प्रीमियम - लाभान्वित किसान - भुगतान
खरीफ 2020
रबी 2020-21
खरीफ 2021
रबी 2021-22
खरीफ 2022
रबी 2022-23
फसलों का बीमा कराते हुए करीब 20 साल से अधिक समय बीत गया। अब तक एक बार भी योजना का लाभ नहीं मिला, सिर्फ प्रीमियम ही जमा किया है, जबकि कई बार भारी नुकसान हुआ। एक बार तो पूरा धान खराब हो गया था। खरीद कर चावल खाना पड़ा, लेकिन बीमा का लाभ नहीं मिला। इस बार योजना का लाभ नहीं लूंगा।
रिजवान, चपहुंआ, मूरतगंज
फसल बीमा योजना का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। हर साल ढाई से तीन हजार रुपये केसीसी से कट जाते हैं। कई बार फसलें मौसम की मार से खराब भी हुईं, लेकिन मुआवजे की एक फूटी कौड़ी भी नहीं मिली। बैंक के मैनेजर से बात कर ली है, इस बार आवेदन देकर बीमा न करने की अपील करूंगा।
संतोष पटेल, पिपरी, चरवा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ देने के लिए कुछ मानक और नियम हैं। इन मानकों और नियमों के पूरे होने पर बीमा का लाभ मिलता है। इस बार अभी इंश्योरेंस कंपनी निर्धारित नहीं हुई है। इसलिए बीमा नहीं हो पा रहा है।
मनोज कुमार गौतम-जिला कृषि अधिकारी