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शोपीस बना राजकीय विद्यालय, परिषदीय स्कूल में लगती है कक्षा
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no use of school building
- फोटो : KAUSHAMBI
शोपीस बना राजकीय विद्यालय, परिषदीय स्कूल में लगती है कक्षा
2015 में भवन निर्माण के लिए निर्गत हुए थे 34 लाख
वर्ष 2016 से स्टाफ तैनात कर बच्चों का किया जाने लगा दाखिला
अमर उजाला ब्यूरो
बारा। कौशाम्बी विकास खंड के मकदूमपुर ढोकसहा गांव में बनने वाले राजकीय हाईस्कूल का निर्माण कार्यदाई संस्था पांच साल का लंबा वक्त गुजरने के बाद भी पूरा नहीं कर सकी। 34 लाख की लागत से बनने वाले भवन को आधूरे पर छोड़ दिया गया है। ऐसे में यहां पंजीकृत बच्चों की क्लास पूर्व माध्यमिक स्कूल के एक कमरे में चलती है। कक्षा नौ व 10 के बच्चों को एक ही कमरे में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है।
मकदूमपुर ढोकसहा में वर्ष 2015 में राजकीय हाईस्कूल की मंजूरी हुई थी। इसके लिए कार्यदाई संस्था को 34 लाख का बजट निर्धारित हुआ। एक साल के अंदर भवन निर्माण का काम पूरा किए जाने का निर्देश था। इसके बाद भी पांच साल का वक्त बीतने को आया है लेकिन भवन का निर्माण पूरा नहीं हो सका। जबकि वर्ष 2016 से इस स्कूल में दाखिले भी शुरू हो गए। मौजूदा समय कक्षा नौ और 10 में कुल 22 बच्चों का पंजीकरण है। यहां पर कार्यवाहक प्रधानाचार्य ऋग्वेद सिंह,सहायक अध्यापक श्रीमती पूनम और आनंद कुमार को बतौर लिपिक नियुक्त किया गया है। कार्यवाहक प्रधानाचार्य का कहना है कि पूर्व माध्यमिक स्कूल में उनके बच्चों को पढ़ाने के लिए एक कमरा दिया गया है। इसी कमरे में नौवी व दसवीं के बच्चों को एक साथ बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। इस बाबत एमएलसी प्रतिनिधि बुधराम यादव, शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष घनश्याम द्विवेदी, प्रधान विकास उर्फ पिन्टू महराज,भोला दिवेदी,अशोक मिश्र आदि लोगों का कहना है कि स्कूल के खुद का भवन नहीं होने के कारण बच्चों का दाखिला लोग नहीं करा रहे। मजबूरी में लोगों को अपने बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में कराना पड़ रहा है। जबकि शिक्षा विभाग के अफसरों से कई बार शिकायती पत्र देकर कहा गया है कि वह भवन का निर्माण कराए। इसके बाद भी विभाग के कान में जूं नहीं रेंग रही है। बताते चले कि इसी तरह पिंडरा सहावनपुर में राजकीय हाईस्कूल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। वहां भी पंजीकृत बच्चों को परिषदीय स्कूल में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है।
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2015 में भवन निर्माण के लिए निर्गत हुए थे 34 लाख
वर्ष 2016 से स्टाफ तैनात कर बच्चों का किया जाने लगा दाखिला
अमर उजाला ब्यूरो
बारा। कौशाम्बी विकास खंड के मकदूमपुर ढोकसहा गांव में बनने वाले राजकीय हाईस्कूल का निर्माण कार्यदाई संस्था पांच साल का लंबा वक्त गुजरने के बाद भी पूरा नहीं कर सकी। 34 लाख की लागत से बनने वाले भवन को आधूरे पर छोड़ दिया गया है। ऐसे में यहां पंजीकृत बच्चों की क्लास पूर्व माध्यमिक स्कूल के एक कमरे में चलती है। कक्षा नौ व 10 के बच्चों को एक ही कमरे में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है।
मकदूमपुर ढोकसहा में वर्ष 2015 में राजकीय हाईस्कूल की मंजूरी हुई थी। इसके लिए कार्यदाई संस्था को 34 लाख का बजट निर्धारित हुआ। एक साल के अंदर भवन निर्माण का काम पूरा किए जाने का निर्देश था। इसके बाद भी पांच साल का वक्त बीतने को आया है लेकिन भवन का निर्माण पूरा नहीं हो सका। जबकि वर्ष 2016 से इस स्कूल में दाखिले भी शुरू हो गए। मौजूदा समय कक्षा नौ और 10 में कुल 22 बच्चों का पंजीकरण है। यहां पर कार्यवाहक प्रधानाचार्य ऋग्वेद सिंह,सहायक अध्यापक श्रीमती पूनम और आनंद कुमार को बतौर लिपिक नियुक्त किया गया है। कार्यवाहक प्रधानाचार्य का कहना है कि पूर्व माध्यमिक स्कूल में उनके बच्चों को पढ़ाने के लिए एक कमरा दिया गया है। इसी कमरे में नौवी व दसवीं के बच्चों को एक साथ बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। इस बाबत एमएलसी प्रतिनिधि बुधराम यादव, शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष घनश्याम द्विवेदी, प्रधान विकास उर्फ पिन्टू महराज,भोला दिवेदी,अशोक मिश्र आदि लोगों का कहना है कि स्कूल के खुद का भवन नहीं होने के कारण बच्चों का दाखिला लोग नहीं करा रहे। मजबूरी में लोगों को अपने बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में कराना पड़ रहा है। जबकि शिक्षा विभाग के अफसरों से कई बार शिकायती पत्र देकर कहा गया है कि वह भवन का निर्माण कराए। इसके बाद भी विभाग के कान में जूं नहीं रेंग रही है। बताते चले कि इसी तरह पिंडरा सहावनपुर में राजकीय हाईस्कूल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। वहां भी पंजीकृत बच्चों को परिषदीय स्कूल में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है।
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