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Kaushambi News: गबन के आरोपी सचिव से रिकवरी न कार्रवाई, कर दिया बहाल
Thu, 15 May 2025 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 15 May 2025 12:54 AM IST
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मंझनपुर। सदर ब्लॉक के बरलहा गांव में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी मनोज सोनी को डीडीओ ने बहाल कर दिया। इनपर गांव में विकास कार्यों के लिए मिले 18.95 लाख रुपये की हेराफेरी का आरोप है। डीडीओ ने सचिव की बहाली किसी जांच रिपोर्ट के आधार पर नहीं, बल्कि सहानुभूति पूर्वक विचार करने के बाद लिया है। सचिव की बहाली के दस्तावेज अब छिपाने का प्रयास किया जा रहा है।
मंझनपुर के बरलहा गांव में तैनात सचिव मनोज सोनी ने पूर्व में तैनाती के दौरान सिराथू ब्लॉक के रामपुर धमावां व गोविंदपुर गोरियों गांव में 18.95 लाख रुपये की हेराफेरी की है। इसके साथ ही बरलहा गांव में आरआरसी सेंटर (कूड़ा निस्तारण केंद्र) के लिए मिले 9.35 हजार रुपये के भुगतान के बाद भी काम पूरा नहीं कराया। जांच के बाद सचिव इस प्रकरण में दोषी मिले।
डीपीआरओ की रिपोर्ट पर डीडीओ ने सचिव को पांच अप्रैल 2024 को निलंबित कर दिया। महीनों से बहाली का इंतजार कर रहे सचिव बुधवार को बहाल हो गए। माना जा रहा है कि एक करीबी प्रधान के दबाव में यह कदम उठाया गया है।
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डीडीओ ने नियमों को ताक पर रखते हुए यह बहाली की है। उन्होंने इसके लिए किसी जांच का इंतजार नहीं किया। हवाला दिया कि गांव में तमाम कार्य इनकी तैनाती नहीं होने से प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में सहानुभूति पूर्वक विचार करने पर सचिव की बहाली का फैसला लिया है। जबकि सचिव से धनारशि की अनियमितता की वसूली कैसे होगी। इस संंबंध में कोई आदेश निर्देश नहीं दिया गया।
मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा कुछ है तो पत्रावली तलब की जाएगी। नियम विरुद्ध बहाली होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-- मधुसूदन हुल्गी, डीएम
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मंझनपुर के बरलहा गांव में तैनात सचिव मनोज सोनी ने पूर्व में तैनाती के दौरान सिराथू ब्लॉक के रामपुर धमावां व गोविंदपुर गोरियों गांव में 18.95 लाख रुपये की हेराफेरी की है। इसके साथ ही बरलहा गांव में आरआरसी सेंटर (कूड़ा निस्तारण केंद्र) के लिए मिले 9.35 हजार रुपये के भुगतान के बाद भी काम पूरा नहीं कराया। जांच के बाद सचिव इस प्रकरण में दोषी मिले।
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डीपीआरओ की रिपोर्ट पर डीडीओ ने सचिव को पांच अप्रैल 2024 को निलंबित कर दिया। महीनों से बहाली का इंतजार कर रहे सचिव बुधवार को बहाल हो गए। माना जा रहा है कि एक करीबी प्रधान के दबाव में यह कदम उठाया गया है।
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डीडीओ ने नियमों को ताक पर रखते हुए यह बहाली की है। उन्होंने इसके लिए किसी जांच का इंतजार नहीं किया। हवाला दिया कि गांव में तमाम कार्य इनकी तैनाती नहीं होने से प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में सहानुभूति पूर्वक विचार करने पर सचिव की बहाली का फैसला लिया है। जबकि सचिव से धनारशि की अनियमितता की वसूली कैसे होगी। इस संंबंध में कोई आदेश निर्देश नहीं दिया गया।
मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा कुछ है तो पत्रावली तलब की जाएगी। नियम विरुद्ध बहाली होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।