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सीबीआई का खौफ नहीं, सीज बालू बेच रहे माफिया
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No fear of CBI, mafia selling seige sand
- फोटो : KAUSHAMBI
सीबीआई का खौफ नहीं, सीज बालू बेच रहे माफिया
पिपरी इलाके के उमरवल घाट पर वर्ष 2012 में सीज की गई थी चार बीघे में डंप बालू
ग्रामीणों का आरोप, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं कर रहे अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर/चायल। दोआबा के बालू माफिया को सीबीआई का जरा भी खौफ नहीं है। तभी तो पिपरी के उमरवल घाट पर सात साल पहले सीज की गई करोड़ों की अवैध बालू अब बेखौफ होकर बेची जा रही है। ऐसा नहीं कि इसकी जानकारी अफसरों को नहीं है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी वह हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए हैं।
यमुना नदी के उमरवल घाट पर वर्ष 2012 में तिल्हापुर के एक माफिया ने अवैध खनन कराया था। उसने उमरवल गांव के बाहर तपस्वी बाबा के मंदिर के समीप तकरीबन चार बीघा भूमि में बालू डंप करा दी थी। बताया जाता है कि यह बालू करीब चार सौ ट्रक है। तब ग्रामीणों की शिकायत पर तत्कालीन एसडीएम चायल व खान निरीक्षक ने पूरी बालू सीज कर दी थी। सात साल बाद अब माफिया ने सीज हुई बालू को फिर से बेचना शुरू कर दिया है। पूरी बालू की कीमत करोड़ों में बताई जा रही है। बताया जाता है कि 4 दिनों से लगातार बालू का उठान हो रहा है। मजदूर दिन-रात ट्रकों, डंपरों में बालू लोड करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि तिल्हापुर निवासी बालू माफिया ने उमरवल गांव के ही एक व्यक्ति को बालू बेचने का जिम्मा दिया है। सीज बालू बेचने में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं हो, इसके लिए किसी दूसरे घाट से डंप का रवन्ना ले लिया जाता है। इसके बाद अवैध बालू लदे वाहन बेखौफ होकर सड़कों पर फर्राटा भरते हैं। गांव के लोगों का साफ कहना है कि इसकी शिकायत कई बार स्थानीय पुलिस-प्रशासन से की गई, लेकिन सांठगांठ होने के कारण किसी ने इस तरफ ध्यान देना ठीक नहीं समझा।
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दो वर्ष पूर्व बाढ़ में डूब गई थी बालू
चायल। सीज की गई बालू दो वर्ष पूर्व यमुना नदी की बाढ़ में डूब गई थी। जलस्तर कम होने के बाद बालू के ऊपर करीब एक फीट तक मिट्टी जम गई थी और उसमें बड़ी-बड़ी जंगली घास उग गई थी। जिस वजह से ऊपर से देखने में बालू दिखती ही नहीं थी। बालू माफिया अब ऊपर की मिट्टी हटाकर धड़ल्ले से बालू निकालकर बेच रहे हैं।
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2017 से चल रही सीबीआई जांच
मंझनपुर। कौशाम्बी में बालू के अवैध खनन की जांच वर्ष 2017 से चल रही है। उमरवल में सीज बालू भी जांच के दायरे में है। जांच को आई सीबीआई टीम ने उमरवल जाकर सीज बालू का निरीक्षण भी किया था। बड़ी बात है कि माफियाओं को सीबीआई का भी खौफ नहीं है। वह खुलेआम सीज बालू बेच रहे हैं।
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इनका कहना है
सीज बालू बेचे जाने की जानकारी नहीं है। ऐसा है तो यह गंभीर बात है। जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों से बातचीत कर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।- पवन त्रिवेदी-इंस्पेक्टर, पिपरी
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पिपरी इलाके के उमरवल घाट पर वर्ष 2012 में सीज की गई थी चार बीघे में डंप बालू
ग्रामीणों का आरोप, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं कर रहे अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर/चायल। दोआबा के बालू माफिया को सीबीआई का जरा भी खौफ नहीं है। तभी तो पिपरी के उमरवल घाट पर सात साल पहले सीज की गई करोड़ों की अवैध बालू अब बेखौफ होकर बेची जा रही है। ऐसा नहीं कि इसकी जानकारी अफसरों को नहीं है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी वह हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए हैं।
यमुना नदी के उमरवल घाट पर वर्ष 2012 में तिल्हापुर के एक माफिया ने अवैध खनन कराया था। उसने उमरवल गांव के बाहर तपस्वी बाबा के मंदिर के समीप तकरीबन चार बीघा भूमि में बालू डंप करा दी थी। बताया जाता है कि यह बालू करीब चार सौ ट्रक है। तब ग्रामीणों की शिकायत पर तत्कालीन एसडीएम चायल व खान निरीक्षक ने पूरी बालू सीज कर दी थी। सात साल बाद अब माफिया ने सीज हुई बालू को फिर से बेचना शुरू कर दिया है। पूरी बालू की कीमत करोड़ों में बताई जा रही है। बताया जाता है कि 4 दिनों से लगातार बालू का उठान हो रहा है। मजदूर दिन-रात ट्रकों, डंपरों में बालू लोड करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि तिल्हापुर निवासी बालू माफिया ने उमरवल गांव के ही एक व्यक्ति को बालू बेचने का जिम्मा दिया है। सीज बालू बेचने में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं हो, इसके लिए किसी दूसरे घाट से डंप का रवन्ना ले लिया जाता है। इसके बाद अवैध बालू लदे वाहन बेखौफ होकर सड़कों पर फर्राटा भरते हैं। गांव के लोगों का साफ कहना है कि इसकी शिकायत कई बार स्थानीय पुलिस-प्रशासन से की गई, लेकिन सांठगांठ होने के कारण किसी ने इस तरफ ध्यान देना ठीक नहीं समझा।
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दो वर्ष पूर्व बाढ़ में डूब गई थी बालू
चायल। सीज की गई बालू दो वर्ष पूर्व यमुना नदी की बाढ़ में डूब गई थी। जलस्तर कम होने के बाद बालू के ऊपर करीब एक फीट तक मिट्टी जम गई थी और उसमें बड़ी-बड़ी जंगली घास उग गई थी। जिस वजह से ऊपर से देखने में बालू दिखती ही नहीं थी। बालू माफिया अब ऊपर की मिट्टी हटाकर धड़ल्ले से बालू निकालकर बेच रहे हैं।
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2017 से चल रही सीबीआई जांच
मंझनपुर। कौशाम्बी में बालू के अवैध खनन की जांच वर्ष 2017 से चल रही है। उमरवल में सीज बालू भी जांच के दायरे में है। जांच को आई सीबीआई टीम ने उमरवल जाकर सीज बालू का निरीक्षण भी किया था। बड़ी बात है कि माफियाओं को सीबीआई का भी खौफ नहीं है। वह खुलेआम सीज बालू बेच रहे हैं।
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इनका कहना है
सीज बालू बेचे जाने की जानकारी नहीं है। ऐसा है तो यह गंभीर बात है। जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों से बातचीत कर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।- पवन त्रिवेदी-इंस्पेक्टर, पिपरी