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बीपीएल सूची में है बंगले में रहने वालों का नाम
Updated Wed, 01 Apr 2015 11:49 PM IST
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मंझनपुर। बीपीएल सूची में धनाढ्यों का नाम दर्ज होने और गरीबों को दरकिनार किए जाने को लेकर बुधवार को चक चमरूपुर गांव के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सूची बनाने में की गई इस मनमानी के खिलाफ गांववालों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को शिकायतीपत्र देकर जांच और कार्रवाई की मांग की।
सिराथू ब्लाक क्षेत्र के चक चमरूपुर गांव निवासी लल्लू प्रसाद, भारतलाल, कंधईलाल, जगदीश कुमार, सतीश कुमार, विमला देवी, सुखिया देवी, सुमेरिया, शांति देवी, सोना देवी, वीरेंद्र कुमार, अशर्फीलाल, रामप्रकाश, संगीता देवी, अवतारा देवी, मनोजा देवी, बिन्नी देवी, कमला देवी आदि ने बताया कि वे लोग भूमिहीन गरीब हैं। दूसरों के खेत में मजदूरी करके रोटी का इंतजाम करते हैं। पर, उनका नाम बीपीएल सूची में नहीं है।
उनके नाम के आगे दो लाख रुपये की वार्षिक आय लिखकर उन्हें एपीएल सूची में रखा गया है। जबकि गांव के उन लोगों का नाम बीपीएल सूची में है, जिनके पास कई बीघा खेत, पक्का मकान, चारपहिया और दोपहिया वाहन मौजूद है। ग्रामीणों की मानें तो सूची बनाने आए कर्मचारी ने सही तरीके से सत्यापन करने के बजाय एक व्यक्ति के दरवाजे पर बैठकर बीपीएल, एपीएल सूची तैयार की है। बीपीएल और एपीएल सूची बनाने में की गई इस मनमानी के खिलाफ बुधवार को गांववालों ने आकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को शिकायतीपत्र देकर इस मनमानी की जांच और कार्रवाई की मांग की। डीएम ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को इसकी जांच का निर्देश दिया है।
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सिराथू ब्लाक क्षेत्र के चक चमरूपुर गांव निवासी लल्लू प्रसाद, भारतलाल, कंधईलाल, जगदीश कुमार, सतीश कुमार, विमला देवी, सुखिया देवी, सुमेरिया, शांति देवी, सोना देवी, वीरेंद्र कुमार, अशर्फीलाल, रामप्रकाश, संगीता देवी, अवतारा देवी, मनोजा देवी, बिन्नी देवी, कमला देवी आदि ने बताया कि वे लोग भूमिहीन गरीब हैं। दूसरों के खेत में मजदूरी करके रोटी का इंतजाम करते हैं। पर, उनका नाम बीपीएल सूची में नहीं है।
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उनके नाम के आगे दो लाख रुपये की वार्षिक आय लिखकर उन्हें एपीएल सूची में रखा गया है। जबकि गांव के उन लोगों का नाम बीपीएल सूची में है, जिनके पास कई बीघा खेत, पक्का मकान, चारपहिया और दोपहिया वाहन मौजूद है। ग्रामीणों की मानें तो सूची बनाने आए कर्मचारी ने सही तरीके से सत्यापन करने के बजाय एक व्यक्ति के दरवाजे पर बैठकर बीपीएल, एपीएल सूची तैयार की है। बीपीएल और एपीएल सूची बनाने में की गई इस मनमानी के खिलाफ बुधवार को गांववालों ने आकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को शिकायतीपत्र देकर इस मनमानी की जांच और कार्रवाई की मांग की। डीएम ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को इसकी जांच का निर्देश दिया है।
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