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Kaushambi News: कनैली-भखंदा मार्ग की मरम्मत का नया एस्टीमेट तैयार, बढ़ी डेढ़ करोड़ लागत
Tue, 11 Jun 2024 04:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 11 Jun 2024 04:32 AM IST
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कनैली से भखंदा जाने वाली बदहाल सड़क। संवाद
करीब 12 साल से बदहाल कनैली-भखंदा मार्ग की मरम्मत का नया प्रारूप तैयार किया गया है। बदलाव के कारण इस प्रोजेक्ट की लागत भी करीब डेढ़ करोड़ रुपये बढ़ जाएगी। इसका एस्टीमेट उत्तर प्रदेश रूलर रोड डेलवपेंट एजेंसी को एस्टीमेट भेजा जा चुका है। 15 दिन में स्वीकृति और बजट मिलने की उम्मीद है।
कौशाम्बी ब्लॉक क्षेत्र के कनैली, भखंदा, बरगदी, धरमपुर, दिया उपरहार, सरैंचा, कुटीपर, पन्ना का पूरा समेत करीब 15 गांवों की 30 हजार आबादी का कनैली-भंखदा मार्ग से आवागमन होता है। तराई क्षेत्र होने के कारण इसी रास्ते से बालू के ओवरलोड ट्रक आते-जाते हैं। इसके चलते नौ किमी लंबी यह सड़क पूरी तरह से बदहाल हो गई है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 7.48 करोड़ रुपये से इनकी मरम्मत होनी थी। फुल डेफ्थ रिक्लेमेशन (एफडीआर) तकनीक से इसे चमकाया जाना था। इस तकनीक के तहत सड़क की पुरानी गिट्टियों का उपयोग होता है। ताकि, पर्यावरण को नुकसान से बचाया जा सके।
मई-2022 में इस सड़क का काम शुरू हुआ था, जिसे मई-2023 में पूरा होना था। ट्रॉयल के लिए 100 मीटर सड़क बनाई गई थी, लेकिन ट्रकों के आवागमन के कारण कार्ययोजना फेल हो गई। इसके बाद प्रोजेक्ट को री-डिजाइन में डाल दिया गया था। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) ने अब इसका नया प्रारूप बनाया है। पहले एफडीआर की ऊंचाई 25 सेंटीमीटर रखी गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 27 सेंटीमीटर कर दिया गया है। इससे सड़क की लागत भी बढ़कर 8.95 करोड़ हो गई है। मार्च में ही इसका प्रस्ताव उत्तर प्रदेश रूलर रोड डेवलपमेंट एजेंसी को भेजा गया था। लेकिन, लोकसभा चुनाव के चलते इसे मंजूरी और बजट नहीं मिल सकी। अभियंताओं को उम्मीद है कि आने वाले 15 दिनों के अंदर ही इसे मंजूरी व बजट मिल जाएगा। इसके बाद निर्माण शुरू होगा।
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चुनाव में हुआ था मतदान बहिष्कार
सड़क की बदहाली को लेकर करीब छह महीने पहले ग्रामीणों ने आंदोलन किया था। कई दिन तक कनैली में धरने पर बैठे रहे। अफसरों ने आश्वासन तो दिया था, लेकिन सड़क नहीं बनी। इसके बाद 20 मई को हुए लोकसभा चुनाव में धरमपुर गांव के बूथ पर मतदाताओं ने मतदान का बहिष्कार कर दिया था। अफसरों के समझाने पर करीब आधे घंटे बाद वोटिंग शुरू हुई थी।
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15 गांव के लोगों के लिए कनैली-भखंदा मार्ग की बदहाली परेशानी का सबब बनी हुई है। अधिकारी आश्वासन तो दे रहे हैं, लेकिन सड़क नहीं बनवा रहे हैं।
संतोष कुमार, धरमपुर
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पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील है। आए दिन कोई न कोई बाइक सवार गिट्टियों व गड्ढों में गिरकर जख्मी होता है। राहगीरों का चलना दुश्वार हो गया है।
अजय पटेल, कनैली
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कनैली-भखंदा मार्ग की मरम्मत की नई डिजाइन का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश रोड डेवलपमेंट एजेंसी को भेजा जा चुका है। उम्मीद है कि 15 दिन में इसे स्वीकृति और बजट मिल जाएगा। इसके बाद निर्माण शुरू होगा।
सौरभ चतुर्वेदी, एई, आरईडी
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कौशाम्बी ब्लॉक क्षेत्र के कनैली, भखंदा, बरगदी, धरमपुर, दिया उपरहार, सरैंचा, कुटीपर, पन्ना का पूरा समेत करीब 15 गांवों की 30 हजार आबादी का कनैली-भंखदा मार्ग से आवागमन होता है। तराई क्षेत्र होने के कारण इसी रास्ते से बालू के ओवरलोड ट्रक आते-जाते हैं। इसके चलते नौ किमी लंबी यह सड़क पूरी तरह से बदहाल हो गई है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 7.48 करोड़ रुपये से इनकी मरम्मत होनी थी। फुल डेफ्थ रिक्लेमेशन (एफडीआर) तकनीक से इसे चमकाया जाना था। इस तकनीक के तहत सड़क की पुरानी गिट्टियों का उपयोग होता है। ताकि, पर्यावरण को नुकसान से बचाया जा सके।
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मई-2022 में इस सड़क का काम शुरू हुआ था, जिसे मई-2023 में पूरा होना था। ट्रॉयल के लिए 100 मीटर सड़क बनाई गई थी, लेकिन ट्रकों के आवागमन के कारण कार्ययोजना फेल हो गई। इसके बाद प्रोजेक्ट को री-डिजाइन में डाल दिया गया था। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) ने अब इसका नया प्रारूप बनाया है। पहले एफडीआर की ऊंचाई 25 सेंटीमीटर रखी गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 27 सेंटीमीटर कर दिया गया है। इससे सड़क की लागत भी बढ़कर 8.95 करोड़ हो गई है। मार्च में ही इसका प्रस्ताव उत्तर प्रदेश रूलर रोड डेवलपमेंट एजेंसी को भेजा गया था। लेकिन, लोकसभा चुनाव के चलते इसे मंजूरी और बजट नहीं मिल सकी। अभियंताओं को उम्मीद है कि आने वाले 15 दिनों के अंदर ही इसे मंजूरी व बजट मिल जाएगा। इसके बाद निर्माण शुरू होगा।
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चुनाव में हुआ था मतदान बहिष्कार
सड़क की बदहाली को लेकर करीब छह महीने पहले ग्रामीणों ने आंदोलन किया था। कई दिन तक कनैली में धरने पर बैठे रहे। अफसरों ने आश्वासन तो दिया था, लेकिन सड़क नहीं बनी। इसके बाद 20 मई को हुए लोकसभा चुनाव में धरमपुर गांव के बूथ पर मतदाताओं ने मतदान का बहिष्कार कर दिया था। अफसरों के समझाने पर करीब आधे घंटे बाद वोटिंग शुरू हुई थी।
15 गांव के लोगों के लिए कनैली-भखंदा मार्ग की बदहाली परेशानी का सबब बनी हुई है। अधिकारी आश्वासन तो दे रहे हैं, लेकिन सड़क नहीं बनवा रहे हैं।
संतोष कुमार, धरमपुर
पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील है। आए दिन कोई न कोई बाइक सवार गिट्टियों व गड्ढों में गिरकर जख्मी होता है। राहगीरों का चलना दुश्वार हो गया है।
अजय पटेल, कनैली
कनैली-भखंदा मार्ग की मरम्मत की नई डिजाइन का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश रोड डेवलपमेंट एजेंसी को भेजा जा चुका है। उम्मीद है कि 15 दिन में इसे स्वीकृति और बजट मिल जाएगा। इसके बाद निर्माण शुरू होगा।
सौरभ चतुर्वेदी, एई, आरईडी

कनैली से भखंदा जाने वाली बदहाल सड़क। संवाद

कनैली से भखंदा जाने वाली बदहाल सड़क। संवाद